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गर्मी और उमस का असर : उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों संख्या बढ़ी
Sun, 07 Jun 2026 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:35 AM IST
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संतकबीरनगर। जिले में बढ़ती गर्मी और मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन और संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित बच्चे और बुजुर्ग हो रहे हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया जा रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार तेज धूप, दूषित खानपान, खराब पेयजल, लंबे समय तक भूखे रहने और शरीर में पानी की कमी के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले करीब 50 से 60 प्रतिशत मरीज उल्टी-दस्त, बुखार और संक्रमण से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि इन दिनों बच्चों में डायरिया, उल्टी, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं। प्रतिदिन दो सौ से अधिक बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि गंभीर रूप से बीमार कई बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
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उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को तेज धूप से बचाने, स्वच्छ पानी पिलाने और हल्का एवं पौष्टिक भोजन देने की सलाह दी।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मोज फारूकी ने बताया कि गर्मी के मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, चेहरे और सिर को ढककर निकलने तथा बासी एवं खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने की अपील की।
चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर हीट स्ट्रोक, डायरिया, डिहाइड्रेशन और अन्य मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। जिला अस्पताल प्रशासन ने भी लोगों से स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।
चिकित्सकों के अनुसार तेज धूप, दूषित खानपान, खराब पेयजल, लंबे समय तक भूखे रहने और शरीर में पानी की कमी के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले करीब 50 से 60 प्रतिशत मरीज उल्टी-दस्त, बुखार और संक्रमण से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि इन दिनों बच्चों में डायरिया, उल्टी, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं। प्रतिदिन दो सौ से अधिक बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि गंभीर रूप से बीमार कई बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
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उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को तेज धूप से बचाने, स्वच्छ पानी पिलाने और हल्का एवं पौष्टिक भोजन देने की सलाह दी।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मोज फारूकी ने बताया कि गर्मी के मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, चेहरे और सिर को ढककर निकलने तथा बासी एवं खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने की अपील की।
चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर हीट स्ट्रोक, डायरिया, डिहाइड्रेशन और अन्य मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। जिला अस्पताल प्रशासन ने भी लोगों से स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।