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एप से तैयार होगी जिले के वाशिंदों की आर्थिक कुंडली
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एप से तैयार होगी जिले के वाशिंदों की आर्थिक कुंडली
संतकबीरनगर। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गणना करने के लिए सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों का प्रशिक्षण मंगलवार को खलीलबाद ब्लाक सभागार में संपन्न हुआ। इसमें नेशनल सैंपल सर्वे आर्गेनाईजेशन के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी नीरज नायक ने इस काम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी नीरज नायक ने बताया कि पूर्व में आर्थिक गणना का कार्य सरकारी कर्मचारियों की ओर से किया जाता रहा है लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने यह कार्य सीएससी संचालकों को सौंपा है। गणना का कार्य पूर्ण रूप से ऑनलाइन और जिओ टैगिंग पर आधारित होगा। इस कार्य को आगामी तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। सभी गणनाकारों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का मैप उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर गणना की जाएगी। सीएससी के जिला प्रबंधक अखिलेश मिश्र ने बताया की देश भर में पहली बार पेपरलेस सातवीं आर्थिक गणना सितंबर माह में मोबाइल एप के माध्यम से शुरू होगी। गणना के इस कार्य को ग्राम पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्र में उपस्थित कॉमन सर्विस सेंटर के सुपरवाइजरों द्वारा पूरा किया जाना है। उन्होंने कहा कि गणना का पूरा डाटा गोपनीय रखा जाएगा। गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आंकड़े जुटाना है जिससे सरकार को वास्तविक रूप से लोगों के आर्थिक व सामाजिक स्तर की जानकारी मिल सके।
इस प्रशिक्षण के दौरान डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर जगदम्बिकानाथ पांडेय, विजय जायसवाल, गौरव निषाद, मिलिंद गुप्ता, निरंकार चौधरी, प्रदीप कुमार चौधरी, प्रदीप विश्कर्मा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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संतकबीरनगर। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गणना करने के लिए सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों का प्रशिक्षण मंगलवार को खलीलबाद ब्लाक सभागार में संपन्न हुआ। इसमें नेशनल सैंपल सर्वे आर्गेनाईजेशन के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी नीरज नायक ने इस काम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी नीरज नायक ने बताया कि पूर्व में आर्थिक गणना का कार्य सरकारी कर्मचारियों की ओर से किया जाता रहा है लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने यह कार्य सीएससी संचालकों को सौंपा है। गणना का कार्य पूर्ण रूप से ऑनलाइन और जिओ टैगिंग पर आधारित होगा। इस कार्य को आगामी तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। सभी गणनाकारों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का मैप उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर गणना की जाएगी। सीएससी के जिला प्रबंधक अखिलेश मिश्र ने बताया की देश भर में पहली बार पेपरलेस सातवीं आर्थिक गणना सितंबर माह में मोबाइल एप के माध्यम से शुरू होगी। गणना के इस कार्य को ग्राम पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्र में उपस्थित कॉमन सर्विस सेंटर के सुपरवाइजरों द्वारा पूरा किया जाना है। उन्होंने कहा कि गणना का पूरा डाटा गोपनीय रखा जाएगा। गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आंकड़े जुटाना है जिससे सरकार को वास्तविक रूप से लोगों के आर्थिक व सामाजिक स्तर की जानकारी मिल सके।
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इस प्रशिक्षण के दौरान डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर जगदम्बिकानाथ पांडेय, विजय जायसवाल, गौरव निषाद, मिलिंद गुप्ता, निरंकार चौधरी, प्रदीप कुमार चौधरी, प्रदीप विश्कर्मा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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