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14 साल से अधूूरी पड़ी है पेयजल परियोजना
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मेंहदावल में बनी पानी की टंकी।
- फोटो : KHALILABAD
14 साल से अधूूरी पड़ी है पेयजल परियोजना
-अधूूरी पाइन लाइन डालकर मौन धारण किए जिम्मेदार
-नगर पंचायत में वाटर सप्लाई का मामला
मेंहदावल। नगर के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए करीब 14 वर्ष पूर्व नगर पंचायत में लगभग 4.50 करोड़ की लागत से पाइप लाइन व वाटर टैंक योजना को मंजूरी दी गई थी। जल निगम ने रकम पाने के बाद कार्य भी शुरू किया, लेकिन 14 वर्ष बीतने के बाद भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
वर्ष 2008-09 में मेंहदावल नगर पंचायत क्षेत्र में पाइप लाइन व वाटर टैंक बनाने की परियोजना स्वीकृत हुई। करीब 4.5 करोड़ से इसका निर्माण होना था। धन अवमुक्त होने के बाद जल निगम द्वारा पाइप लाइन के साथ ही वाटर टैंक बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। नगर पंचायत के परेड ग्राउंड में पानी की टंकी बनकर तैयार हो गयी। पाइप लाइन भी नगर क्षेत्र में बिछाई गई। ट्रायल के दौरान कई स्थानों पर पाइप लाइन में रिसाव की समस्या सामने आ गई। इधर, नगर पंचायत को आधा अधूरा पाइप लाइन बिछाकर परियोजना को हैंडओवर करने की प्रक्रिया का प्रयास शुरू हो गया, लेकिन तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल व ईओ उमाकांत मिश्रा ने अधूरी परियोजना को हैंडओवर लेने से इनकार कर दिया। वर्तमान में जल निगम की जगह शासन ने नगर पंचायतों में जलापूर्ति आदि की देखभाल जल निगम नगरीय के अधिकार में ला दिया। इससे अधिशासी अधिकारी ने कई बार जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर परियोजना को पूरा कराते हुए हैंडओवर कराने की बात कही, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी करोड़ों की परियोजना जहां अधूरी पड़ी है, वहीं नगर पंचायत प्रशासन द्वारा नगर के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा अब तक पूूरी नहीं हुई।
नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई है परियोजना : ईओ
मेंहदावल। इस संबंध में ईओ संदीप कुमार सरोज ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में जल आपूर्ति की नई पाइप लाइन योजना अभी नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुआ है। परियोजना को पूरा करते हुए हैंडओवर के लिए कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन अभी तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं जल निगम नगरीय के अवर अभियंता मनोज पाल ने कहा कि परियोजना काफी हद तक पूरी हो गई है। जो कमियां है, उसे भी जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
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-अधूूरी पाइन लाइन डालकर मौन धारण किए जिम्मेदार
-नगर पंचायत में वाटर सप्लाई का मामला
मेंहदावल। नगर के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए करीब 14 वर्ष पूर्व नगर पंचायत में लगभग 4.50 करोड़ की लागत से पाइप लाइन व वाटर टैंक योजना को मंजूरी दी गई थी। जल निगम ने रकम पाने के बाद कार्य भी शुरू किया, लेकिन 14 वर्ष बीतने के बाद भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
वर्ष 2008-09 में मेंहदावल नगर पंचायत क्षेत्र में पाइप लाइन व वाटर टैंक बनाने की परियोजना स्वीकृत हुई। करीब 4.5 करोड़ से इसका निर्माण होना था। धन अवमुक्त होने के बाद जल निगम द्वारा पाइप लाइन के साथ ही वाटर टैंक बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। नगर पंचायत के परेड ग्राउंड में पानी की टंकी बनकर तैयार हो गयी। पाइप लाइन भी नगर क्षेत्र में बिछाई गई। ट्रायल के दौरान कई स्थानों पर पाइप लाइन में रिसाव की समस्या सामने आ गई। इधर, नगर पंचायत को आधा अधूरा पाइप लाइन बिछाकर परियोजना को हैंडओवर करने की प्रक्रिया का प्रयास शुरू हो गया, लेकिन तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल व ईओ उमाकांत मिश्रा ने अधूरी परियोजना को हैंडओवर लेने से इनकार कर दिया। वर्तमान में जल निगम की जगह शासन ने नगर पंचायतों में जलापूर्ति आदि की देखभाल जल निगम नगरीय के अधिकार में ला दिया। इससे अधिशासी अधिकारी ने कई बार जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर परियोजना को पूरा कराते हुए हैंडओवर कराने की बात कही, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी करोड़ों की परियोजना जहां अधूरी पड़ी है, वहीं नगर पंचायत प्रशासन द्वारा नगर के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा अब तक पूूरी नहीं हुई।
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नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई है परियोजना : ईओ
मेंहदावल। इस संबंध में ईओ संदीप कुमार सरोज ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में जल आपूर्ति की नई पाइप लाइन योजना अभी नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुआ है। परियोजना को पूरा करते हुए हैंडओवर के लिए कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन अभी तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं जल निगम नगरीय के अवर अभियंता मनोज पाल ने कहा कि परियोजना काफी हद तक पूरी हो गई है। जो कमियां है, उसे भी जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
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