फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Do not panic in crisis, help with police help

‘संकट काल में घबराएं नहीं, मदद को मौजूद है पुलिस’

Sat, 20 Jul 2019 10:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2019 10:39 PM IST
विज्ञापन
Do not panic in crisis, help with police help
संतकबीर आचार्य राम बिलास इंटर कॉलेज मगहर में छात्राओं को जागरूक करती महिला थानाध्यक्ष। - फोटो : KHALILABAD
संकट में घबराएं नहीं, पुलिस की मदद लें
विज्ञापन

संतकबीरनगर। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत शनिवार को संतकबीर आचार्य रामबिलास इंटर कॉलेज मगहर में पुलिस की पाठशाला आयोजित हुई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि सीओ सदर रमेश कुमार व एसओ डॉ. शालिनी सिंह ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी दी। कहा कि संकट में घबराएं नहीं। बेझिझक पुलिस की मदद लें। कार्यक्रम में छात्राओं को आत्म रक्षा के गुर भी सिखाए गए।

सीओ सदर रमेश कुमार ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में है। स्कूल-कॉलेज के इर्द-गिर्द छात्राओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमिया टीम लगातार कार्य कर रही है। स्कूल-कालेजों में शिकायत पेटिका भी लगाई जा रही है। महिलाओं को हेल्पलाइन 1090, डायल 100 व डायल 181 की सुविधा दी है, लेकिन इन सबका लाभ तभी मिलेगा जब बेटियां व महिलाएं जागरूक होंगी और संकट के वक्त घबराने की बजाय पुलिस की मदद लेंगी। महिला थाना खलीलाबाद की एसओ डॉ. शालिनी सिंह ने कहा कि बेटियों व महिलाओं को खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। साथ ही उन्होंने गुड टच, बैड टच ल सोशल साइट्स पर हो रही धोखाधड़ी समेत कई मुद्दों पर छात्राओं को जानकारी दी। कहा कि संकट के वक्त घबराने की बजाय धैर्य से काम लें। मदद के लिए चिल्लाएं। अगर कोई पकड़ने का प्रयास करता है तो हेयर पिन या पेन का इस्तेमाल हथियार की तरह करें।
विज्ञापन

-----
पुलिस की पाठशाला में अहम जानकारी मिली। साथ ही पुलिस अधिकारियों से बात कर डर दूर हुआ। कार्यक्रम में सुरक्षा के उपाय भी बताए गए।
- संतोषी गोस्वामी, छात्रा
घर और पड़ोसी की महिलाओं व लड़कियों से कार्यक्रम में मिली जानकारी साझा करूंगी। ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर होने चाहिए।
- ज्योति कुमारी, छात्रा
ग्रामीण क्षेत्रों में कई लड़कियां प्रतिकूल परिस्थितियों की वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। ऐसे कार्यक्रम गांवों में भी होने चाहिए।
- शीतल निगम, छात्रा
बेटियों को घर से बाहर कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती हैं। अपराजिता मुहिम उन्हें स्वावलंबी बनने में मदद करेगा।
- अंकिता राव, छात्रा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed