{"_id":"57a0e0ab4f1c1be84f2b8c6a","slug":"dm-sir-i-m-alive","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘डीएम साहब! मैं जिंदा हूं...’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘डीएम साहब! मैं जिंदा हूं...’
Sant Kabir Nagar
Updated Tue, 02 Aug 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
रामलगन
- फोटो : अमर उजाला
डीएम साहब! मैं जिंदा हूं...। मुझे मृतक दिखाकर मेरी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है। 65 वर्षीय रामलगन के मुंह से ऐसी बातें सुनकर तहसील दिवस में पहुंचे डीएम आश्चर्य में पड़ गए। उन्होंने तत्काल बीडीओ सेमरियावां को बुलाकर मामले की जांचकर रिपोर्ट देने को कहा।
दरअसल, मंगलवार को खलीलाबाद तहसील में डीएम की मौजूदगी में तहसील दिवस का आयोजन हुआ। इसमें सेमरियावां ब्लॉक के चंगेरा-मंगरा निवासी 65 वर्षीय रामलगन पुत्र मगरु प्रार्थना पत्र लेकर तहसील दिवस में पहुंचे। रामलगन ने डीएम से बताया कि वह बेहद गरीब हैं और उन्हें वृद्धा पेंशन मिल रही थी। वर्ष 2016 में उन्हें ग्राम पंचायत अधिकारी ने मृत दिखा दिया। इसके बाद पेंशन बंद कर दी गई।
वह दो बार पहले भी प्रार्थना पत्र दे चुके हैं,लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके पास एक कमरे का मकान है और डेढ़ बीघे खेती है। एक बेटा है जो मजदूरी करता है।
विज्ञापन
उम्र अधिक होने के कारण वह मजदूरी करने में सक्षम नहीं हैं। पेंशन से उन्हें काफी मदद मिल जाती थी। अब खासी दिक्कत हो रही है। जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इसकी जांच बीडीओ सेमरियावां को दी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और पेंशन शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन
दरअसल, मंगलवार को खलीलाबाद तहसील में डीएम की मौजूदगी में तहसील दिवस का आयोजन हुआ। इसमें सेमरियावां ब्लॉक के चंगेरा-मंगरा निवासी 65 वर्षीय रामलगन पुत्र मगरु प्रार्थना पत्र लेकर तहसील दिवस में पहुंचे। रामलगन ने डीएम से बताया कि वह बेहद गरीब हैं और उन्हें वृद्धा पेंशन मिल रही थी। वर्ष 2016 में उन्हें ग्राम पंचायत अधिकारी ने मृत दिखा दिया। इसके बाद पेंशन बंद कर दी गई।
विज्ञापन
वह दो बार पहले भी प्रार्थना पत्र दे चुके हैं,लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके पास एक कमरे का मकान है और डेढ़ बीघे खेती है। एक बेटा है जो मजदूरी करता है।
विज्ञापन
उम्र अधिक होने के कारण वह मजदूरी करने में सक्षम नहीं हैं। पेंशन से उन्हें काफी मदद मिल जाती थी। अब खासी दिक्कत हो रही है। जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इसकी जांच बीडीओ सेमरियावां को दी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और पेंशन शुरू कराई जाएगी।