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Sant Kabir Nagar News: आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
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सांथा के झुड़िया गांव में सिलाई करतीं महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांथा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत झुड़िया की महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सिलाई कढ़ाई के अलावा उत्पाद तैयार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह से जुड़कर महिलाओं ने न केवल अपनी आय बढ़ाई है बल्कि आर्थिक स्थिित भी मजबूत की है।
समूह की अध्यक्ष कविता देवी ने बताया की वर्ष 2015 में स्वयं सहायता समूह का गठन किया। शुरूआत में समूह के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार ऋण लेकर छोटे-छोटे कार्य किए जाते रहे। बाद में सरकारी योजनाओं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ब्लाॅक इकाई सांथा के अधिकारियों की प्रेरणा से महिलाओं ने सिलाई कढ़ाई कर रेडीमेड कपड़ों को तैयार करने का कार्य शुरू किया।
तैयार उत्पादों को क्षेत्र में लगने वाली प्रदर्शनियों में प्रदर्शित कर बिक्री की, जिससे उन्हें काफी लाभ मिला। इसके बाद स्थानीय दुकानदारों से संपर्क कर नियमित रूप से उत्पादों की बिक्री शुरू हुई और आय का स्रोत बढ़ने लगे।
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समूह की अध्यक्ष कविता देवी ने बताया कि समूह की अन्य सदस्य उषादेवी, रंगीता, राधिका, मंजूदेवी, पूजा प्रसाद, उर्मिलादेवी, राजपति, पुष्पा झा, गुलपाती देवी, सूर्यमती देवी ने भी अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग उत्पाद बनाने शुरू किए, जिस उत्पाद की बाजार में अधिक मांग रहती है उसी के अनुसार उत्पाद तैयार किया जाता है।
सभी सदस्य मिलकर एक दूसरे का सहयोग करते हुए समय पर काम पूरा करती हैं। महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है।
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सांथा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत झुड़िया की महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सिलाई कढ़ाई के अलावा उत्पाद तैयार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह से जुड़कर महिलाओं ने न केवल अपनी आय बढ़ाई है बल्कि आर्थिक स्थिित भी मजबूत की है।
समूह की अध्यक्ष कविता देवी ने बताया की वर्ष 2015 में स्वयं सहायता समूह का गठन किया। शुरूआत में समूह के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार ऋण लेकर छोटे-छोटे कार्य किए जाते रहे। बाद में सरकारी योजनाओं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ब्लाॅक इकाई सांथा के अधिकारियों की प्रेरणा से महिलाओं ने सिलाई कढ़ाई कर रेडीमेड कपड़ों को तैयार करने का कार्य शुरू किया।
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तैयार उत्पादों को क्षेत्र में लगने वाली प्रदर्शनियों में प्रदर्शित कर बिक्री की, जिससे उन्हें काफी लाभ मिला। इसके बाद स्थानीय दुकानदारों से संपर्क कर नियमित रूप से उत्पादों की बिक्री शुरू हुई और आय का स्रोत बढ़ने लगे।
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समूह की अध्यक्ष कविता देवी ने बताया कि समूह की अन्य सदस्य उषादेवी, रंगीता, राधिका, मंजूदेवी, पूजा प्रसाद, उर्मिलादेवी, राजपति, पुष्पा झा, गुलपाती देवी, सूर्यमती देवी ने भी अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग उत्पाद बनाने शुरू किए, जिस उत्पाद की बाजार में अधिक मांग रहती है उसी के अनुसार उत्पाद तैयार किया जाता है।
सभी सदस्य मिलकर एक दूसरे का सहयोग करते हुए समय पर काम पूरा करती हैं। महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है।