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मतगणना केंद्र से जिला बदर पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/संतकबीरनगर
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:18 PM IST
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रविवार को एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद मतगणना केंद्र से एक जिला बदर घोषित अपराधी को पुलिस कर्मियों ने पकड़ कर कोतवाली पुलिस को सौंपा।
प्रभारी कोतवाल दिनेश यादव ने बताया कि मतगणना केंद्र के टेबल संख्या 32 पर एजेंट बने महुली क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी विजेता नंद को पकड़ा गया।
विजेतानंद जिला बदर घोषित अपराधी है। इनकी पत्नी प्रधान पद पर चुनाव लड़ रही थी। प्रत्याशी पत्नी के पक्ष में वोटो की गिनती के लिए विजेतानंद मतगणना एजेंट बने थे। जिन्हें सूचना पर पकड़ा गया।
आगे बताया कि महुली पुलिस को कार्रवाई के लिए पकडे़ गए जिला बदर घोषित विजेतानंद को सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि एसओ महुली संतोष तिवारी ने बताया कि जब विजेतानंद जिला बदर घोषित हुआ था,उसी दौरान उसे 16 सितंबर 2015 को ही गिफ्तार कर गुंडा अधिनियम में जेल भेजा गया था।
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फिर जमानत पर छूटने के बाद वह कोतवाली पहुंच और पुलिस ने पकड़ गया। आगे बताया कि इस मामले में नियम तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि यदि विजेतानंद जिला बदर घोषित अपराधी थे और प्रशासन के जरिए उन्हें कैसे मतगणना एजेंट होने का पास जारी कर दिया गया। इस मामले में जिम्मेदार अफसर पूछने पर चुप्पी साध लिए।
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प्रभारी कोतवाल दिनेश यादव ने बताया कि मतगणना केंद्र के टेबल संख्या 32 पर एजेंट बने महुली क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी विजेता नंद को पकड़ा गया।
विजेतानंद जिला बदर घोषित अपराधी है। इनकी पत्नी प्रधान पद पर चुनाव लड़ रही थी। प्रत्याशी पत्नी के पक्ष में वोटो की गिनती के लिए विजेतानंद मतगणना एजेंट बने थे। जिन्हें सूचना पर पकड़ा गया।
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आगे बताया कि महुली पुलिस को कार्रवाई के लिए पकडे़ गए जिला बदर घोषित विजेतानंद को सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि एसओ महुली संतोष तिवारी ने बताया कि जब विजेतानंद जिला बदर घोषित हुआ था,उसी दौरान उसे 16 सितंबर 2015 को ही गिफ्तार कर गुंडा अधिनियम में जेल भेजा गया था।
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फिर जमानत पर छूटने के बाद वह कोतवाली पहुंच और पुलिस ने पकड़ गया। आगे बताया कि इस मामले में नियम तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि यदि विजेतानंद जिला बदर घोषित अपराधी थे और प्रशासन के जरिए उन्हें कैसे मतगणना एजेंट होने का पास जारी कर दिया गया। इस मामले में जिम्मेदार अफसर पूछने पर चुप्पी साध लिए।