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Sant Kabir Nagar News: कैसे पूरा होगा जल जीवन मिशन, जब जमीन के लिए हो रहा संघर्ष
Thu, 11 Jan 2024 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:29 PM IST
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माझा चहोड़ा में ओवरहेड टैंक बनाने को लेकर हो रहा विवाद
रमजगला में एक साल तक चलता रहा जमीन का विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओवरहेड टैंक प्रस्तावित है। इसके तहत कई ग्राम पंचायतों में काम चल रहा है। लेकिन, सार्वजनिक भूमि को लेकर कई गांवों में विवाद चल रहा है। इसका ताजा उदाहरण माझा चहोड़ा है, जहां ठेकेदार के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। अन्य गांवों में भी विवाद की स्थिति बनी हुई है।
धनघटा क्षेत्र के माझा चहोड़ा गांव के लोगों और जल निगम ठेकेदार के बीच हुए विवाद की जड़ गांव के लोग राजस्व विभाग को बता रहे हैं। ग्राम पंचायत किशुनपुर के ग्राम प्रधान का कहना है कि जिस जमीन को प्रस्तावित किया गया, वहां पर निर्माण न करा कर दूसरी जगह कराया जा रहा है। दूसरी तरफ माझा चहोड़ा के लोग जल निगम के ओवरहेड टैंक का निर्माण अपनी ग्राम पंचायत की जमीन में कराए जाने का आरोप मढ़ रहे हैं। इस विवाद में माझा चहोड़ा के पांच नामजद और 40 से 50 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज हो चुका है।
ग्राम पंचायत किशुनपुर के प्रधान हरिश्चंद्र का कहना है कि ओवरहेड टैंक का निर्माण किए जाने के लिए ग्राम समाज की जमीन आराजी नंबर 266 और 169 को प्रस्तावित करके जल निगम को दी गई है। लेकिन, राजस्व विभाग के लोग उस जमीन को चिह्नित न करके गोशाला की भूमि पर ओवरहेड टैंक का निर्माण कराए जाने की कोशिश की। इसका विरोध जब किया गया तो उस जमीन को भी छोड़कर माझा चहोड़ा के सिवान के पास ओवरहेड टैंक के लिए जमीन का चिह्नांकन किया।
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इसकी पैमाइश एक तरफ से की जाती है तो वह जमीन किशनपुर के सिवान में पड़ती है और दूसरी तरफ से पैमाइश होती है तो माझा चहोड़ा के सिवान में निकलती है। इसका विरोध करना माझा चहोड़ा के लोगों के लिए स्वाभाविक है। राजस्व विभाग के उत्पन्न किए गए विवाद की चक्की में माझा चहोड़ा गांव के लोग पिस रहे हैं। ठेकेदार के साथ हुए विवाद में माझा चहोड़ा के ग्राम प्रधान समेत पांच नामजद और 40 से 50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध बलवा व मारपीट का केस दर्ज किया गया है तो दूसरी तरफ निर्माण कार्य भी बंद पड़ा है।
इसी तरह रमजगला में भी एक साल तक विवाद की स्थिति बनी रही। कई बार मामला शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन विवाद बना रहा। ग्राम प्रधान कृष्ण चंद्र यादव ने कहा कि अब मामला शांत हो गया है। कार्य शुरू करा दिया गया है।
कोट
पूरे प्रकरण की जांच के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम धनघटा
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माझा चहोड़ा में ओवरहेड टैंक बनाने को लेकर हो रहा विवाद
रमजगला में एक साल तक चलता रहा जमीन का विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओवरहेड टैंक प्रस्तावित है। इसके तहत कई ग्राम पंचायतों में काम चल रहा है। लेकिन, सार्वजनिक भूमि को लेकर कई गांवों में विवाद चल रहा है। इसका ताजा उदाहरण माझा चहोड़ा है, जहां ठेकेदार के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। अन्य गांवों में भी विवाद की स्थिति बनी हुई है।
धनघटा क्षेत्र के माझा चहोड़ा गांव के लोगों और जल निगम ठेकेदार के बीच हुए विवाद की जड़ गांव के लोग राजस्व विभाग को बता रहे हैं। ग्राम पंचायत किशुनपुर के ग्राम प्रधान का कहना है कि जिस जमीन को प्रस्तावित किया गया, वहां पर निर्माण न करा कर दूसरी जगह कराया जा रहा है। दूसरी तरफ माझा चहोड़ा के लोग जल निगम के ओवरहेड टैंक का निर्माण अपनी ग्राम पंचायत की जमीन में कराए जाने का आरोप मढ़ रहे हैं। इस विवाद में माझा चहोड़ा के पांच नामजद और 40 से 50 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज हो चुका है।
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ग्राम पंचायत किशुनपुर के प्रधान हरिश्चंद्र का कहना है कि ओवरहेड टैंक का निर्माण किए जाने के लिए ग्राम समाज की जमीन आराजी नंबर 266 और 169 को प्रस्तावित करके जल निगम को दी गई है। लेकिन, राजस्व विभाग के लोग उस जमीन को चिह्नित न करके गोशाला की भूमि पर ओवरहेड टैंक का निर्माण कराए जाने की कोशिश की। इसका विरोध जब किया गया तो उस जमीन को भी छोड़कर माझा चहोड़ा के सिवान के पास ओवरहेड टैंक के लिए जमीन का चिह्नांकन किया।
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इसकी पैमाइश एक तरफ से की जाती है तो वह जमीन किशनपुर के सिवान में पड़ती है और दूसरी तरफ से पैमाइश होती है तो माझा चहोड़ा के सिवान में निकलती है। इसका विरोध करना माझा चहोड़ा के लोगों के लिए स्वाभाविक है। राजस्व विभाग के उत्पन्न किए गए विवाद की चक्की में माझा चहोड़ा गांव के लोग पिस रहे हैं। ठेकेदार के साथ हुए विवाद में माझा चहोड़ा के ग्राम प्रधान समेत पांच नामजद और 40 से 50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध बलवा व मारपीट का केस दर्ज किया गया है तो दूसरी तरफ निर्माण कार्य भी बंद पड़ा है।
इसी तरह रमजगला में भी एक साल तक विवाद की स्थिति बनी रही। कई बार मामला शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन विवाद बना रहा। ग्राम प्रधान कृष्ण चंद्र यादव ने कहा कि अब मामला शांत हो गया है। कार्य शुरू करा दिया गया है।
कोट
पूरे प्रकरण की जांच के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम धनघटा