{"_id":"689b807d22fb4bd3f30a95a2","slug":"danger-on-the-road-open-drains-and-broken-slabs-at-some-places-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-136901-2025-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: सरेराह खतरा...खुले नाले तो कहीं टूटा पड़ा है स्लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: सरेराह खतरा...खुले नाले तो कहीं टूटा पड़ा है स्लैब
Tue, 12 Aug 2025 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 12 Aug 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
खलीलाबाद बस स्टाप के पास बिना स्लैब का खुला हुआ नाला
संतकबीरनगर। शहर में जल निकासी के लिए बनाए गए नालों पर कहीं स्लैब नहीं है तो कहीं टूट गए हैं। लोग जान जोखिम में डालकर नालों को पार करने को मजबूर हैं। इसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। हमेशा हादसे का भय बना हुआ है। शिकायत के बाद भी नगर पालिका प्रशासन नहीं चेत रही है।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद क्षेत्र में छोटे-बड़े कुल 34 नाले बने हुए हैं। इसके जरिए जल निकासी हो रही है, लेकिन बेफिक्री का आलम यह है कि अधिकतर नालों के स्लैब टूट गए हैं। यही नहीं कई जगह स्लैब डाले ही नहीं गए हैं। इस लापरवाही के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वैसे भी पालिका क्षेत्र की आबादी करीब एक लाख से ऊपर है, जो 25 वार्डों में बंटी हुई है।
नालों के स्लैब न होने और टूट जाने से लोग किसी प्रकार नालों को पार करते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
बाईपास पर खुला पड़ा है नाला : शहर के मेंहदावल बाईपास पर भी नाला खुला छोड़ दिया गया है। यहां बगल में अस्थाई बस स्टाप सेंटर बनाया गया है। जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना रहता है। आस-पास दुकानें भी लगती हैं। नाला खुला होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस क्षेत्र के निवासी प्रेमचंद्र, राकेश कुमार आदि ने बताया कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद क्षेत्र में छोटे-बड़े कुल 34 नाले बने हुए हैं। इसके जरिए जल निकासी हो रही है, लेकिन बेफिक्री का आलम यह है कि अधिकतर नालों के स्लैब टूट गए हैं। यही नहीं कई जगह स्लैब डाले ही नहीं गए हैं। इस लापरवाही के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वैसे भी पालिका क्षेत्र की आबादी करीब एक लाख से ऊपर है, जो 25 वार्डों में बंटी हुई है।
विज्ञापन
नालों के स्लैब न होने और टूट जाने से लोग किसी प्रकार नालों को पार करते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
बाईपास पर खुला पड़ा है नाला : शहर के मेंहदावल बाईपास पर भी नाला खुला छोड़ दिया गया है। यहां बगल में अस्थाई बस स्टाप सेंटर बनाया गया है। जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना रहता है। आस-पास दुकानें भी लगती हैं। नाला खुला होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस क्षेत्र के निवासी प्रेमचंद्र, राकेश कुमार आदि ने बताया कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।