{"_id":"6acd252387f37b71d906a8db","slug":"crowds-of-devotees-gathered-at-the-khanqah-of-sufi-nizamuddin-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-158867-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: सूफी निजामुद्दीन के खानकाह पर अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: सूफी निजामुद्दीन के खानकाह पर अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़
विज्ञापन
अगया में आयोजित उर्स में जुटी भीड़
सेमरियावां। सूफी सूफी मोहम्मद निजामुद्दीन कादरी बस्तवी का 14वां सालाना उर्स अगया स्थित खानकाह पर सोमवार को अकीदत व एहतराम के साथ शुरू हुआ। उर्स में सज्जादा नसीन हजरत मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में नमाज-ए-जोहर बाद उनके मकान से मुरीदों, जायरीन शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न गांव से चादर लेकर अकीदतमंद जुलूस के रूप में निकले।
उर्स में कुरान ख्वानी के बाद उनकी हयात पर रोशनी डाली गई। सूफी निजामुद्दीन की शान में शायरों ने नात-ए-पाक पढ़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे। नमाज ए जोहर के बाद मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में सैकड़ों जायरीनों तथा अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी की और फातेहा पढ़ा।
सालाना उर्स में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, अहमदाबाद, मुंबई, गोवा, कोलकाता, बिहार, बंगाल, दिल्ली, नेपाल से लोग पहुंचे और मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं कीं। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सूफी के पौत्र मौलाना जियाउल मुस्तफा ने बताया कि नमाज-ए-फज्र के बाद कुरान ख्वानी हुई। जोहर की नमाज के बाद चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला देर शाम तक चला। मंगलवार को सुबह में आठ बजे मजार पर कुल शरीफ के बाद उर्स समाप्त होगा।
विज्ञापन
इस दौरान मौलाना सनाउल मुस्तफा निजामी, अलाउद्दीन निजामी, हाफिज महबूब, डॉ. वहीदुल हसन खान,तारिक खान, हाजी कलीमुल्ला निजामी, हाजी उलीउल्लाह, हाजी समीउल्लाह निजामी, हाजी मुजफ्फर खान, हाजी महमूद खान, मो. यूनुस खान आदि मौजूद रहे ।
विज्ञापन
उर्स में कुरान ख्वानी के बाद उनकी हयात पर रोशनी डाली गई। सूफी निजामुद्दीन की शान में शायरों ने नात-ए-पाक पढ़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे। नमाज ए जोहर के बाद मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में सैकड़ों जायरीनों तथा अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी की और फातेहा पढ़ा।
विज्ञापन
सालाना उर्स में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, अहमदाबाद, मुंबई, गोवा, कोलकाता, बिहार, बंगाल, दिल्ली, नेपाल से लोग पहुंचे और मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं कीं। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सूफी के पौत्र मौलाना जियाउल मुस्तफा ने बताया कि नमाज-ए-फज्र के बाद कुरान ख्वानी हुई। जोहर की नमाज के बाद चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला देर शाम तक चला। मंगलवार को सुबह में आठ बजे मजार पर कुल शरीफ के बाद उर्स समाप्त होगा।
विज्ञापन
इस दौरान मौलाना सनाउल मुस्तफा निजामी, अलाउद्दीन निजामी, हाफिज महबूब, डॉ. वहीदुल हसन खान,तारिक खान, हाजी कलीमुल्ला निजामी, हाजी उलीउल्लाह, हाजी समीउल्लाह निजामी, हाजी मुजफ्फर खान, हाजी महमूद खान, मो. यूनुस खान आदि मौजूद रहे ।