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Sant Kabir Nagar News: आंधी-पानी से फसल बर्बाद, लड़खड़ाई बिजली आपूर्ति व्यवस्था
Wed, 22 Mar 2023 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 22 Mar 2023 11:46 PM IST
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संतकबीरनगर। मंगलवार की देर शाम आंधी के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल लोट गई। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर लड़खडा गई। धनघटा तहसील क्षेत्र के करीब 300 गांवों में करीब 18 घंटे बिजली गुल रही। बुधवार को दिन में करीब 12 बजे बिजली आई, तब जाकर लोगो को राहत मिली।
धनघटा संवाद के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब सात बजे तेज रफ्तार से चली हवा और बारिश से कई जगहों पर बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए। कहीं बिजली के खंभे गिर गए तो कहीं पेड़ की डाल टूट कर तार पर लटक गया। उसका नतीजा हुआ कि बिजली सबस्टेशन मुखलिसपुर से जुड़े गांव प्रजापति पुर, गोपीपुर, मुंडेरा, रुपिन, बंडा बाजार, बैकुंठपुर, माधोपुर, रामपुर, छितौनी समेत 125 गांवों में अंधेरा छा गया।
इसी तरह विद्युत सब स्टेशन कोचरी से जुड़े गांव बंसवारी गांव, सिरसी, अशरफपुर, जगदीशपुर, मलौली, गायघाट, रामपुर समेत 75 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी और बारिश के कारण हुए फाल्ट को खोजने के लिए बिजली कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तहसील क्षेत्र के ही नाथनगर, महुली, कुशहवा क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों की बिजली गुल रही।
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रोसया बाजार संवाद के अनुसार, तेज हवा के साथ बारिश होने से पौली क्षेत्र के किसानों की गेहूं, तिलहन, दलहन की फसल गिरने से काफी नुकसान हुआ। किसानों को अब अपनी फसल की पैदावार को लेकर चिंता सताने लगी है। क्षेत्र के किसान रामफेर, लालमन, कौशल, भरत, भगवान, नीरज, शंभू, कल्पनाथ, रमेश, ओम प्रकाश यादव, इंद्रेश निषाद, लाल साहब सिंह, उमेश सिंह का कहना है कि गेंहू, सरसों, मटर, चना, अरहर की फसल को काफी क्षति हुई है। जेई चंद्रभूषण ने बताया कि लोकल फाल्ट को ठीक करने के लिए रात में ही प्रयास किया गया, लेकिन बारिश के कारण सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को दोपहर के पहले बिजली सप्लाई बहाल करने में कामयाबी मिल गई।
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इंसेट
किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता
हरिहरपुर। मंगलवार की देर शाम आई तेज बारिश और आंधी से नाथनगर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की गेहूं की फसलें गिर गई। गेहूं की फसलों के गिर जाने से किसानों के अरमानों पर पानी गया। इसके पहले दो दिन पूर्व हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार तेज आंधी की वजह से पककर तैयार हुई गेहूं की फसल को काफी क्षति हुई है। गेहूं की खेती के सहारे परिवार की खुशहाली का सपना संजोए किसानों के लिए यह बारिश किसी आफत से कम नहीं है। क्षेत्र के किसान अनिल कुमार, राजेश्वर, दिलीप कुमार, रघुपति ने बताया कि बारिश से गेहूं की उपज प्रभावित होगी। आंधी से गिर गई गेहूं की फसल की पैदावार घट जाएगी। इससे भारी नुकसान की आशंका है। कर्ज के बोझ तले दबे किसान काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि फसल बर्बाद हो जाने से खेती के लिए गए ऋण की भरपाई कैसे होगी।
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इंसेट
फसलों को हुई क्षति का हो रहा सर्वे
आंधी-बारिश की वजह से फसलों को हुई क्षति का आंकलन करने में कृषि विभाग के कर्मचारी जुटे हुए हैं। वैसे जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जो फसल पक गई और आंधी में गिर गई, उसे नुकसान नहीं है। जिन फसलों में अभी दाना नहीं लगा है, उसमें नुकसान हो सकता है। वह खुद नाथनगर, सेमरियावा, पौली,बघौली गए थे, वहां फसलों की क्षति होने की स्थिति नहीं मिली है।
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इंसेट
धान की फसल की क्षति का 1260 किसानों को मिल चुका है मुआवजा
पूर्व में धान की फसल को हुई क्षति का मुआवजा 1. 79 करोड़ रुपये 1260 किसानों को मिल चुके हैं। कृषि विभाग के मुताबिक, उस फसल से संबंधित किसानों का मुआवजा दिया जाना शेष नहीं है।
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इंसेट
फसल क्षति की 72 घंटे के अंदर यहां करें शिकायत
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार हो रही आंधी-पानी के चलते गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो सकता है। जो किसान कृषक गेंहू, सरसों, मटर की फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा कराए हैं, यदि गेहूं, सरसों, मटर की फसल दैवीय आपदा के कारण क्षति हुई है तो वे 72 घंटे के अंदर क्षतिपूर्ति का दावा करने के लिए प्रार्थना पत्र के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी के साथ एवं बीमा प्रीमियम कटौती विवरण को अपने विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि/कृषि रक्षा), उप कृषि निदेशक कार्यालय अथवा तहसील के उपजिलाधिकारी या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को लिखित में सूचना दें। बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18008896868, 18002005142 पर शिकायत करें। वरुण कुमार, मयंक सिंह जिला प्रबंधक बीमा कंपनी के मोबइाल नंबर 7379227987, 9958142124 पर सूचना दे सकते हैं।
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धनघटा संवाद के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब सात बजे तेज रफ्तार से चली हवा और बारिश से कई जगहों पर बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए। कहीं बिजली के खंभे गिर गए तो कहीं पेड़ की डाल टूट कर तार पर लटक गया। उसका नतीजा हुआ कि बिजली सबस्टेशन मुखलिसपुर से जुड़े गांव प्रजापति पुर, गोपीपुर, मुंडेरा, रुपिन, बंडा बाजार, बैकुंठपुर, माधोपुर, रामपुर, छितौनी समेत 125 गांवों में अंधेरा छा गया।
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इसी तरह विद्युत सब स्टेशन कोचरी से जुड़े गांव बंसवारी गांव, सिरसी, अशरफपुर, जगदीशपुर, मलौली, गायघाट, रामपुर समेत 75 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी और बारिश के कारण हुए फाल्ट को खोजने के लिए बिजली कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तहसील क्षेत्र के ही नाथनगर, महुली, कुशहवा क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों की बिजली गुल रही।
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रोसया बाजार संवाद के अनुसार, तेज हवा के साथ बारिश होने से पौली क्षेत्र के किसानों की गेहूं, तिलहन, दलहन की फसल गिरने से काफी नुकसान हुआ। किसानों को अब अपनी फसल की पैदावार को लेकर चिंता सताने लगी है। क्षेत्र के किसान रामफेर, लालमन, कौशल, भरत, भगवान, नीरज, शंभू, कल्पनाथ, रमेश, ओम प्रकाश यादव, इंद्रेश निषाद, लाल साहब सिंह, उमेश सिंह का कहना है कि गेंहू, सरसों, मटर, चना, अरहर की फसल को काफी क्षति हुई है। जेई चंद्रभूषण ने बताया कि लोकल फाल्ट को ठीक करने के लिए रात में ही प्रयास किया गया, लेकिन बारिश के कारण सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को दोपहर के पहले बिजली सप्लाई बहाल करने में कामयाबी मिल गई।
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किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता
हरिहरपुर। मंगलवार की देर शाम आई तेज बारिश और आंधी से नाथनगर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की गेहूं की फसलें गिर गई। गेहूं की फसलों के गिर जाने से किसानों के अरमानों पर पानी गया। इसके पहले दो दिन पूर्व हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार तेज आंधी की वजह से पककर तैयार हुई गेहूं की फसल को काफी क्षति हुई है। गेहूं की खेती के सहारे परिवार की खुशहाली का सपना संजोए किसानों के लिए यह बारिश किसी आफत से कम नहीं है। क्षेत्र के किसान अनिल कुमार, राजेश्वर, दिलीप कुमार, रघुपति ने बताया कि बारिश से गेहूं की उपज प्रभावित होगी। आंधी से गिर गई गेहूं की फसल की पैदावार घट जाएगी। इससे भारी नुकसान की आशंका है। कर्ज के बोझ तले दबे किसान काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि फसल बर्बाद हो जाने से खेती के लिए गए ऋण की भरपाई कैसे होगी।
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फसलों को हुई क्षति का हो रहा सर्वे
आंधी-बारिश की वजह से फसलों को हुई क्षति का आंकलन करने में कृषि विभाग के कर्मचारी जुटे हुए हैं। वैसे जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जो फसल पक गई और आंधी में गिर गई, उसे नुकसान नहीं है। जिन फसलों में अभी दाना नहीं लगा है, उसमें नुकसान हो सकता है। वह खुद नाथनगर, सेमरियावा, पौली,बघौली गए थे, वहां फसलों की क्षति होने की स्थिति नहीं मिली है।
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धान की फसल की क्षति का 1260 किसानों को मिल चुका है मुआवजा
पूर्व में धान की फसल को हुई क्षति का मुआवजा 1. 79 करोड़ रुपये 1260 किसानों को मिल चुके हैं। कृषि विभाग के मुताबिक, उस फसल से संबंधित किसानों का मुआवजा दिया जाना शेष नहीं है।
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फसल क्षति की 72 घंटे के अंदर यहां करें शिकायत
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार हो रही आंधी-पानी के चलते गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो सकता है। जो किसान कृषक गेंहू, सरसों, मटर की फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा कराए हैं, यदि गेहूं, सरसों, मटर की फसल दैवीय आपदा के कारण क्षति हुई है तो वे 72 घंटे के अंदर क्षतिपूर्ति का दावा करने के लिए प्रार्थना पत्र के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी के साथ एवं बीमा प्रीमियम कटौती विवरण को अपने विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि/कृषि रक्षा), उप कृषि निदेशक कार्यालय अथवा तहसील के उपजिलाधिकारी या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को लिखित में सूचना दें। बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18008896868, 18002005142 पर शिकायत करें। वरुण कुमार, मयंक सिंह जिला प्रबंधक बीमा कंपनी के मोबइाल नंबर 7379227987, 9958142124 पर सूचना दे सकते हैं।