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Sant Kabir Nagar News: बाढ़ से दोबारा हुआ फसल का नुकसान, नहीं अभी तक हुआ सर्वे

Sun, 06 Oct 2024 02:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2024 02:44 AM IST
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Crop loss again due to flood, no survey done yet

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- धान की फसल गंवा चुके किसान हैं परेशान, कैसे होगी भरपाई
- आखिरी समय में जल्दबाजी में शुरू होता है सर्वे, पात्र रहे जाते हैं वंचित अपात्रों को मिल जाता है लाभ
- शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बाढ़ का मुआवजा भूमिहीनों को देने का सामने आ चुका है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित गांवों में प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता न मिलने से बाढ़ पीड़ितों में रोष व्याप्त है। प्रशासन की ओर से फसल सर्वे करने की बात कही जा रही है। हालांकि किसानों को इसकी जानकारी नहीं है, उन्हें यह भी नहीं पता है कि सर्वे किसने और कब किया। किसानों से फसल के बारे में जानकारी और कोई कागजात नहीं मांगा गया है। शोहरतगढ़ में पिछली बार भूमिहीनों को बाढ़ राहत का मुआवजा देने के मामले में तीन लेखपाल निलंबित कर दिए गए हैं। उक्त किसानों से रिकवरी का भी आदेश हुआ है।
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बाढ़ ने दोबारा तबाही मचायी है। बाढ़ से प्रभावित खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा, मटियार उर्फ भुतहवा, गड़रखा, तालकुंडा, पकड़िहवा समेत दो दर्जन से अधिक गांव में हजारों किसानों की धान की नर्सरी व रोपाई की गई फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। बाढ़ से प्रभावित गांवों के रहने वाले रामानन्द चौहान, अनिल निषाद, आशाराम, प्रदीप कुमार, रामकुमार साहनी, मनबोध, रहीम, मुबारक व अन्य ने आरोप लगाया कि पिछली बार भी मुआवजे का लेखपालों ने बंदरबांट कर दिया था।
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डीएम से शिकायत के बाद एसडीएम ने जांच की तो तीन लेखपालों को भूमिहीन किसानों को मुआवजा देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। रामबेलास, सुग्रीम चौधरी, प्रेमचंद, रमजान व अन्य ने बताया कि अभी तक कुछ किसानों के मुआवजे की राशि नहीं आई है और कुछ को नुकसान के हिसाब से बहुत कम मुआवजा दिया गया है। दोबारा बाढ़ आने से फसल नष्ट हो चुके हैं। लेकिन अभी तक जांच करने के लिए कोई नहीं आया है। ऐसे में फसल गवां चुके किसानों में चिंता बनी हुई है। इस संबंध एसडीएम शोहरतगढ़ चंद्रभान ने बताया कि फसल नुकसान का प्लाट-प्लाट सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए कार्य शुरू हो गया है।
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बोले किसान
जुलाई में आई बाढ़ में हमारी फसल नुकसान हुई। मुआवजा के लिए सभी कागज भी लेखपाल को दे दिया गया। बैंक खाता गड़बड़ था, बाद में वह भी दिया लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं आया। फिर बाढ़ आ गई, अभी तक जांच करने वाले नहीं आए हैं।
रामबेलास, किसान भुतहिया



सितंबर-अक्टूबर में आई बाढ़ से किसानों की खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। अभी तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिली है। प्रशासन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

रामानन्द चौहान, किसान तालकुंडा


पिछली बार हुआ था नुकसान
शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक पिछली बार जुलाई में आई बाढ़ में तहसील के कुल 53 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। जिसमें 19 मैरूंड व 34 आंशिक रूप से प्रभावित थे। इस दौरान 5,500 किसानों को नुकसान फसल का मुआवजा उनके खाते में भेजा जा चुका है।
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