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बहन-भांजे के हत्यारोपी को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/संतकबीरनगर
Updated Wed, 04 Nov 2015 11:16 PM IST
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तीन साल पहले दुधारा क्षेत्र में बहन और भांजे की हत्या करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैयद हसीब ने विचारण के बाद दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त एक लाख बीस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थ दंड की धनराशि की अदायगी न करने की स्थिति में डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा आरोपी को भुगतनी होगी।
दुधारा क्षेत्र के देवरिया शेख गांव निवासी फिरोज अहमद पुत्र अमीन ने 22 जुलाई 2012 को थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दो वर्ष पूर्व उसने गांव के ही अब्दुल रउफ की पुत्री सबीहा खातून के साथ कोर्ट मैरेज किया था। जिस शादी सबीहा खातून का बड़ा भाई मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज खुश नहीं था। कोर्ट मैरेज के बाद वह पत्नी को लेकर मुंबई चला गया और खुशहाल जीवन गुजारने लगा।
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तीन जुलाई 2012 को पत्नी तथा तेरह माह की बच्चे अब्दुल रहमान को मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज के बहकावे में आकर अपने साथ घर लाया। 21 जुलाई 2012 को परवेज ने अपनी बहन सबीहा को मां से मिलाने के बहाने उसके घर से ले गया। मायके न ले जाकर सुकरौली गांव पास स्थित पुल के बगल में पत्नी सबीहा खातून और बच्चे अब्दुल रहमान की धारदार हथियार से हत्या कर बगल में ही शवों के सरपत में छुपा दिया।
उसकी तहरीर पर पुलिस ने बहन और भांजे की हत्या के आरोप में मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य छिपाने और धमकी देने की धारा में केस दर्ज किया। विवेचक पूर्व एसओ कुशल पाल यादव ने विवेचन के बाद 19 अगस्त 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
इसके साथ ही विवेचक ने एक अदद चाकू और बाइक यूपी 58 सी-2149 बरामद किया था। जिला जज ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना। न्यायालय ने हत्या करने तथा साक्ष्य मिटाने और धमकी देने के मामले में दोषी करार देते हुए आरोपी मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज को हत्या के मामले में आजीवन कारावास तथा एक लाख के अर्थ दंड से दंडित किया है। साक्ष्य छुपाने तथा धमकी देने के मामले में दो-दो वर्ष की सजा तथा 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने का आदेश पारित किया है।
अर्थ दंड न अदा किए जाने की दशा में डेढ़ साल की अरितरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थ दंड की आधी धनराशि साबिहा खातून के पति फिरोज अहमद को अदा की जाएगी।
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इसके अतिरिक्त एक लाख बीस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थ दंड की धनराशि की अदायगी न करने की स्थिति में डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा आरोपी को भुगतनी होगी।
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दुधारा क्षेत्र के देवरिया शेख गांव निवासी फिरोज अहमद पुत्र अमीन ने 22 जुलाई 2012 को थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दो वर्ष पूर्व उसने गांव के ही अब्दुल रउफ की पुत्री सबीहा खातून के साथ कोर्ट मैरेज किया था। जिस शादी सबीहा खातून का बड़ा भाई मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज खुश नहीं था। कोर्ट मैरेज के बाद वह पत्नी को लेकर मुंबई चला गया और खुशहाल जीवन गुजारने लगा।
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तीन जुलाई 2012 को पत्नी तथा तेरह माह की बच्चे अब्दुल रहमान को मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज के बहकावे में आकर अपने साथ घर लाया। 21 जुलाई 2012 को परवेज ने अपनी बहन सबीहा को मां से मिलाने के बहाने उसके घर से ले गया। मायके न ले जाकर सुकरौली गांव पास स्थित पुल के बगल में पत्नी सबीहा खातून और बच्चे अब्दुल रहमान की धारदार हथियार से हत्या कर बगल में ही शवों के सरपत में छुपा दिया।
उसकी तहरीर पर पुलिस ने बहन और भांजे की हत्या के आरोप में मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य छिपाने और धमकी देने की धारा में केस दर्ज किया। विवेचक पूर्व एसओ कुशल पाल यादव ने विवेचन के बाद 19 अगस्त 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
इसके साथ ही विवेचक ने एक अदद चाकू और बाइक यूपी 58 सी-2149 बरामद किया था। जिला जज ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना। न्यायालय ने हत्या करने तथा साक्ष्य मिटाने और धमकी देने के मामले में दोषी करार देते हुए आरोपी मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवेज को हत्या के मामले में आजीवन कारावास तथा एक लाख के अर्थ दंड से दंडित किया है। साक्ष्य छुपाने तथा धमकी देने के मामले में दो-दो वर्ष की सजा तथा 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने का आदेश पारित किया है।
अर्थ दंड न अदा किए जाने की दशा में डेढ़ साल की अरितरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थ दंड की आधी धनराशि साबिहा खातून के पति फिरोज अहमद को अदा की जाएगी।