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प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Mar 2018 11:20 PM IST
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पीएचसी शनिचरा पर प्रसूता की मौत के बाद जुटी भीड़ एवं पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
हैंसर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार पर शुक्रवार की दोपहर में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई। जबकि बच्चा स्वस्थ्य है। प्रसूता की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। मृतका के भाई ने थाने पर तहरीर देकर डॉक्टरों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बुजुर्गवार गांव निवासी रामसवार का कहना है कि उनकी बेटी वंदना (28) को सुबह में प्रसव पीड़ा शुरु हुई तो उसे लेकर पीएचसी शनिचरा बाजार पहुंचे। जहां दोपहर में सामान्य प्रसव हुआ। परिजनाें का कहना है कि प्रसव के तत्काल बाद से ही वंदना की तबियत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने दवा मंगाई। दवा लेने वह बाजार गया था। जब तक दवा लेकर आए तब तक वंदना की हालत बिगड़ चुकी थी।
उसे आनन-फानन में सीएचसी मलौली के लिए रेफर कर दिया गया। धनघटा पहुंचने के पहले ही रास्ते में वंदना की मौत हो गई। उसके बाद परिजन लाश को लेकर पीएचसी शनिचरा बाजार पर लौट आए। वंदना की मौत की सूचना मिलने पर अस्पताल पर आसपास के लोग जमा हो गए। आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से वंदना की मौत हुई है।
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मृतका के भाई प्रदीप का कहना है कि डॉक्टरो की लापरवाही ने उसकी बेहन की जान ले ली है। ऐसे हालत मेें यहां के जिम्मेदारों के विरुद्घ केस दर्ज होना चाहिए। ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो। एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़ित थाने पर आए थे। जांच की जा रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पीएचसी के अधीक्षक बीमल द्विवेदी ने बताया कि वंदना के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नही बरती गई। हालत उसकी खराब देख सीएचसी मलौली के लिए रेफर किए थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ अभय चंद श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी ली जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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बुजुर्गवार गांव निवासी रामसवार का कहना है कि उनकी बेटी वंदना (28) को सुबह में प्रसव पीड़ा शुरु हुई तो उसे लेकर पीएचसी शनिचरा बाजार पहुंचे। जहां दोपहर में सामान्य प्रसव हुआ। परिजनाें का कहना है कि प्रसव के तत्काल बाद से ही वंदना की तबियत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने दवा मंगाई। दवा लेने वह बाजार गया था। जब तक दवा लेकर आए तब तक वंदना की हालत बिगड़ चुकी थी।
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उसे आनन-फानन में सीएचसी मलौली के लिए रेफर कर दिया गया। धनघटा पहुंचने के पहले ही रास्ते में वंदना की मौत हो गई। उसके बाद परिजन लाश को लेकर पीएचसी शनिचरा बाजार पर लौट आए। वंदना की मौत की सूचना मिलने पर अस्पताल पर आसपास के लोग जमा हो गए। आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से वंदना की मौत हुई है।
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मृतका के भाई प्रदीप का कहना है कि डॉक्टरो की लापरवाही ने उसकी बेहन की जान ले ली है। ऐसे हालत मेें यहां के जिम्मेदारों के विरुद्घ केस दर्ज होना चाहिए। ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो। एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़ित थाने पर आए थे। जांच की जा रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पीएचसी के अधीक्षक बीमल द्विवेदी ने बताया कि वंदना के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नही बरती गई। हालत उसकी खराब देख सीएचसी मलौली के लिए रेफर किए थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ अभय चंद श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी ली जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।