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घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया प्रभारी कानूनगो
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 07 Apr 2016 11:57 PM IST
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घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया प्रभारी कानूनगो।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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विजलेंस टीम गोरखपुर ने गुरुवार को धनघटा तहसील के प्रभारी कानूनगो को थाना गेट के सामने 5000 रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोप था कि आपदा राहत का चेक देने के नाम पर लेखपाल/ प्रभारी कानूनगो ने एक किसान से घूस में रकम की मांग की थी। बीएसएफ के दरोगा के बेटे की शिकायत पर विजलेंस टीम को घूसखोर प्रभारी कानूनगो को पकड़ने में सफलता मिली। इस खबर से तहसील में हड़कंप मच गया।
सेमरी गांव निवासी नितीन पांडेय पुत्र वीरेंद्रनाथ पांडेय का आरोप था कि वर्ष 2015 में हुदहुद के प्रकोप के चलते गेहूं की फसल को क्षति हुई थी। सात जनवरी 2016 को तहसील प्रशासन के जरिए गांव के करीब 450 लोगों में आपदा राहत चेक का वितरण किया गया। उसके पिता वीरेंद्र नाथ जो बीएसफ के दरोगा है और चाचा जितेंद्र पांडेय के नाम से अलग-अलग 10,246 रुपये का चेक दिया। दोनों चेक पर तहसीलदार का हस्ताक्षर नहीं था। आरोप था कि लेखपाल/ प्रभारी कानूनगो भानू प्रताप सिंह ने चेक पर तहसीलदार का हस्ताक्षर करा कर देने के नाम पर उससे 5000 रुपये की घूस मांगी। इस बात की शिकायत उसने 10 फरवरी 2016 को पहले तहसीलदार धनघटा से की,जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 16 फरवरी 2016 को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर किया। उसके बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो चार अप्रैल को डीएम को और छह अप्रैल को प्रभारी कानूनगो के जरिए आपदा राहत चेक पर तहसीलदार के हस्ताक्षर करा कर वापस देने के नाम पर घूस मांगे जाने की शिकायत उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कर की। एस पी ने मामले की गोपनीय जांच सतर्कता अनुष्ठान गोरखपुर निरीक्षक अशोक कुमार सिंह से कराई तो प्रथम दृष्टया शिकायत सत्य पाई गई।
विजलेंस के एसपी घनश्याम चौरसिया के निर्देश पर टीम प्रभारी आर डी चौहान, निरीक्षक एकेे सिंह, बगेदू राम, बिश्राम यादव, अरविंद पांडेय, काशीनाथ, कतवारु, वेदप्रकाश, अखिलेश्वर मिश्र व निष्पक्ष गवाह जिला सेवा योजन अधिकारी संजय कुमार और लिपिक शिवसागर के साथ धनघटा पहुंचे। टीम के प्रभारी आरडी चौहान ने बताया कि धनघटा थाना गेट के सामने प्रभारी कानूनगो भानू प्रताप सिंह पुत्र बृजनाथ सिंह निवासी तुर्कवलिया थाना सोनहा जिला बस्ती, वर्तमान पता तहसील धनघटा को शिकायकर्ता नितीन पांडेय से 5000 रुपये रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया गया। उन्होने बताया कि बरामद पांच नोट 1000 रुपये के है।
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आरोपी को गिरफ्तार कर धनघटा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। प्रभारी कानूनगो की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही क्षेत्र में तमाम तरह की चर्चा होने लगी। पीड़ित नितीन पांडेय का आरोप था कि बहुत परेशान हो जाने के बाद यह कदम उठाना पड़ा। पूरे गांव के लोगों को आपदा राहत का चेक वितरित कर दिया गया ,लेकिन उन्हें बगैर रिश्वत के चेक पाना नामुमकिन हो गया था। एसओ धनघटा आर डी मौर्या ने बताया कि आरोपी प्रभारी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी को शुक्रवार को गोरखपुर एंटीकरप्सन की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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सेमरी गांव निवासी नितीन पांडेय पुत्र वीरेंद्रनाथ पांडेय का आरोप था कि वर्ष 2015 में हुदहुद के प्रकोप के चलते गेहूं की फसल को क्षति हुई थी। सात जनवरी 2016 को तहसील प्रशासन के जरिए गांव के करीब 450 लोगों में आपदा राहत चेक का वितरण किया गया। उसके पिता वीरेंद्र नाथ जो बीएसफ के दरोगा है और चाचा जितेंद्र पांडेय के नाम से अलग-अलग 10,246 रुपये का चेक दिया। दोनों चेक पर तहसीलदार का हस्ताक्षर नहीं था। आरोप था कि लेखपाल/ प्रभारी कानूनगो भानू प्रताप सिंह ने चेक पर तहसीलदार का हस्ताक्षर करा कर देने के नाम पर उससे 5000 रुपये की घूस मांगी। इस बात की शिकायत उसने 10 फरवरी 2016 को पहले तहसीलदार धनघटा से की,जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 16 फरवरी 2016 को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर किया। उसके बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो चार अप्रैल को डीएम को और छह अप्रैल को प्रभारी कानूनगो के जरिए आपदा राहत चेक पर तहसीलदार के हस्ताक्षर करा कर वापस देने के नाम पर घूस मांगे जाने की शिकायत उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कर की। एस पी ने मामले की गोपनीय जांच सतर्कता अनुष्ठान गोरखपुर निरीक्षक अशोक कुमार सिंह से कराई तो प्रथम दृष्टया शिकायत सत्य पाई गई।
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विजलेंस के एसपी घनश्याम चौरसिया के निर्देश पर टीम प्रभारी आर डी चौहान, निरीक्षक एकेे सिंह, बगेदू राम, बिश्राम यादव, अरविंद पांडेय, काशीनाथ, कतवारु, वेदप्रकाश, अखिलेश्वर मिश्र व निष्पक्ष गवाह जिला सेवा योजन अधिकारी संजय कुमार और लिपिक शिवसागर के साथ धनघटा पहुंचे। टीम के प्रभारी आरडी चौहान ने बताया कि धनघटा थाना गेट के सामने प्रभारी कानूनगो भानू प्रताप सिंह पुत्र बृजनाथ सिंह निवासी तुर्कवलिया थाना सोनहा जिला बस्ती, वर्तमान पता तहसील धनघटा को शिकायकर्ता नितीन पांडेय से 5000 रुपये रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया गया। उन्होने बताया कि बरामद पांच नोट 1000 रुपये के है।
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आरोपी को गिरफ्तार कर धनघटा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। प्रभारी कानूनगो की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही क्षेत्र में तमाम तरह की चर्चा होने लगी। पीड़ित नितीन पांडेय का आरोप था कि बहुत परेशान हो जाने के बाद यह कदम उठाना पड़ा। पूरे गांव के लोगों को आपदा राहत का चेक वितरित कर दिया गया ,लेकिन उन्हें बगैर रिश्वत के चेक पाना नामुमकिन हो गया था। एसओ धनघटा आर डी मौर्या ने बताया कि आरोपी प्रभारी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी को शुक्रवार को गोरखपुर एंटीकरप्सन की कोर्ट में पेश किया जाएगा।