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ज्वेलरी शॉप पर पहुंची फर्जी छापामार टीम, छह गिरफ्तार
Sant Kabir Nagar
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:26 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी टीम के आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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खलीलाबाद के गोला बाजार में स्वर्गीय सीताराम सर्राफ की पुरानी दुकान के नाम से मशहूर ज्वेलरी शॉप पर मंगलवार सुबह सीबीआई और आयकर अफसर बन ठगी के अंदाज में लूटपाट करने आए छह लोग गिरफ्तार किए गए हैं। नीली बत्ती लगी और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी सफेद इनोवा से आए इस छापामार दल के कब्जे से फर्जी आईकार्ड के साथ पिस्टल बरामद हुई है।
सर्राफ रजनीश वर्मा की इस ज्वेलरी शॉप के बाहर नीली बत्ती लगी गाड़ी से कैप और टाई लगाए अधेड़ उम्र लोगों के उतरने तथा पिस्टल टांगे वर्दीधारियों के साथ होने से दुकानदार ही नहीं आसपास के लोगों भी छापा पड़ने का अहसास हुआ। भीतर दाखिल होकर सात लोगों के इस दल ने आईकार्ड दिखाकर इसे सीबीआई और आयकर का संयुक्त छापा बताया और दुकान में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए। आसपास के दुकानदारों से छापे की खबर फैलते ही व्यापारी नेता श्रवण अग्रहरि और बनर्जी लाल अग्रहरि ज्वेलरी शॉप पर पहुंच गए।
तब तक आयकर रिटर्न और सोमवार को बिक्री का विवरण मांगकर सोने के गहने एक जगह एकत्रित कराने लगी थी। हावभाव, बातचीत और गतिविधियों से कुछ संदेह होने पर व्यापारी नेताओं ने नीली बत्ती की इनोवा के साथ बाहर मौजूद ड्राइवर से पूछताछ शुरू कर दी। उसके जवाबों से शक गहराया तो फर्जी टीम को ज्वेलरी शॉप का शटर बंद करके पीटना शुरू कर दिया। सच पता चलते ही बाहर भीड़ जुट गई और पथराव कर इनोवा के शीशे तोड़ दिए। इस बीच एक शख्स निकल भागने में कामयाब हो गया, जबकि छह लोग पुलिस की गिरफ्त में आ गए। बेतहाशा भीड़ जुटने से दुकान में बंद बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं।
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डीएम रमाकांत पांडेय, एसपी हीरालाल, एएसपी अशोक वर्मा, सीओ प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। इन लोगों के खिलाफ डकैती, जालसाजी, सेवन सीएलए समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फर्जी छापामार दल में शामिल रहे सात लोगों में चार देवरिया, एक गोरखपुर, एक लखनऊ, एक देहरादून का रहने वाला है।
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सर्राफ रजनीश वर्मा की इस ज्वेलरी शॉप के बाहर नीली बत्ती लगी गाड़ी से कैप और टाई लगाए अधेड़ उम्र लोगों के उतरने तथा पिस्टल टांगे वर्दीधारियों के साथ होने से दुकानदार ही नहीं आसपास के लोगों भी छापा पड़ने का अहसास हुआ। भीतर दाखिल होकर सात लोगों के इस दल ने आईकार्ड दिखाकर इसे सीबीआई और आयकर का संयुक्त छापा बताया और दुकान में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए। आसपास के दुकानदारों से छापे की खबर फैलते ही व्यापारी नेता श्रवण अग्रहरि और बनर्जी लाल अग्रहरि ज्वेलरी शॉप पर पहुंच गए।
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तब तक आयकर रिटर्न और सोमवार को बिक्री का विवरण मांगकर सोने के गहने एक जगह एकत्रित कराने लगी थी। हावभाव, बातचीत और गतिविधियों से कुछ संदेह होने पर व्यापारी नेताओं ने नीली बत्ती की इनोवा के साथ बाहर मौजूद ड्राइवर से पूछताछ शुरू कर दी। उसके जवाबों से शक गहराया तो फर्जी टीम को ज्वेलरी शॉप का शटर बंद करके पीटना शुरू कर दिया। सच पता चलते ही बाहर भीड़ जुट गई और पथराव कर इनोवा के शीशे तोड़ दिए। इस बीच एक शख्स निकल भागने में कामयाब हो गया, जबकि छह लोग पुलिस की गिरफ्त में आ गए। बेतहाशा भीड़ जुटने से दुकान में बंद बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं।
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डीएम रमाकांत पांडेय, एसपी हीरालाल, एएसपी अशोक वर्मा, सीओ प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। इन लोगों के खिलाफ डकैती, जालसाजी, सेवन सीएलए समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फर्जी छापामार दल में शामिल रहे सात लोगों में चार देवरिया, एक गोरखपुर, एक लखनऊ, एक देहरादून का रहने वाला है।