Rajasthan Politics: निकाय चुनाव प्रभारियों की सूची पर भड़के विश्वेंद्र सिंह, बोले- ओछी मानसिकता बर्दाश्त नहीं
डीग में निकाय चुनाव प्रभारियों की सूची में नाम नहीं होने पर पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने जिला कांग्रेस नेतृत्व पर ओछी मानसिकता का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ने एंडोर्समेंट नियमों का हवाला देकर सफाई दी और विवाद शांत करने का प्रयास किया।
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नगरीय निकाय चुनाव के लिए जारी प्रभारियों की सूची को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी कलह सामने आ गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह ने जिला नेतृत्व पर ओछी मानसिकता का परिचय देने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की उपेक्षा का नुकसान कांग्रेस को चुनाव में उठाना पड़ सकता है।
प्रभारी सूची में नाम नहीं होने पर जताई नाराजगी
डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह ने निकाय चुनाव को लेकर 22 अगस्त को प्रभारियों की आधिकारिक सूची जारी की थी। सूची आवश्यक कार्रवाई और सूचनार्थ भेजी गई। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के नाम की जगह केवल ‘कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर’ लिखा गया था। सूची में अपना नाम नहीं होने पर विश्वेंद्र सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए नाराजगी जताई। उन्होंने जिला अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे ओछी मानसिकता करार दिया।
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लंबे राजनीतिक अनुभव का दिया हवाला
विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह एक बार जिला प्रमुख, तीन बार सांसद, तीन बार विधायक और दो बार राज्य में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे और प्रतिष्ठित राजनीतिक सफर के बाद भी इस तरह की उपेक्षा और अपमान को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अंदरूनी षड्यंत्र में शामिल लोगों को क्षेत्र की जनता आने वाले समय में मुंहतोड़ जवाब देगी।
जिलाध्यक्ष ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रभारियों की सूची एंडोर्समेंट के नियमानुसार जारी की गई है। एंडोर्समेंट में व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि पद का नाम लिखा जाता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मंत्री की आपत्ति इस बात को लेकर है कि पत्र में उनका नाम ऊपर नहीं लिखा गया। यदि वह चाहेंगे तो आगे से उनका नाम भी लिखा जाएगा।
बेटे अनिरुद्ध से मुलाकात भी चर्चा में
इस राजनीतिक विवाद के बीच भरतपुर के पूर्व राजपरिवार से जुड़ी एक और हलचल चर्चा में रही। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने करीब पांच साल बाद अपने बेटे अनिरुद्ध सिंह से जवाहर रिजॉर्ट में मुलाकात की। विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर बेटे के साथ तस्वीर साझा करते हुए इसे सुखद मुलाकात बताया। वहीं, अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वह केवल कॉफी पीने गए थे।