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फरार दरोगा पुलिस की पकड़ से दूर
Sant Kabir Nagar
Updated Sat, 10 Sep 2016 10:57 PM IST
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पिछले दिनों धनघटा थाने से फरार घूस के आरोपी दरोगा को दस दिन बाद भी नहीं गिरफ्तार किया जा सका। विनोद कुमार नामक दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने एक महिला से दस हजार रूपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। थाने से दरोगा की फरारी के मामले में थाने की पुलिस और एंटी करप्सन टीम आमने सामने आ गई थी। पुलिस का कहना था कि दरोगा एंटीकरप्सन टीम के घेरे से फरार हुआ जबकि एंटीकरप्सन टीम का कहना था कि वह थाने से पुलिस के घेरे से भागा।
बता दें कि 31 अगस्त क ो धनघटा थाना क्षेत्र के पौली पुलिस चौकी इंचार्ज रहे विनोद कुमार को एंटी करप्शन टीम गोरखपुर महिला से 10000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था। उसे थाने ले जाया गया। जहां लिखा पढी की तैयारी के बीच देर रात दरोगा फरार हो गया।दरोगा के विरुद्व एंटी करप्शन के इंसपेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने रिश्वत लेने और अभिरक्षा से भागने का केस दर्ज कराया था। थाने से फरार होने के दर्ज केस की विवेचना धनघटा पुलिस और रिश्वत लेने के मामले की विवेचना एंटी करप्शन टीम कर रही है।
इधर आरोपी दरोगा को थाने से भागे दस दिन का समय बीत गया और उसे पकड़ना तो दूर अभी तक पुलिस सुराग तक नहीं लगा पाई है। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो आरोपी दरोगा हाई कोर्ट में अपने निर्दोष होने की अर्जी डाल चुका है। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी दरोगा की तलाश में पुलिस जुटी है।
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उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है,लेकिन वह पकड़ से दूर है। एंटी करप्शन के इंसपेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने बताया कि रिश्वत लेेते पकड़े जाने के मामले में दर्ज मुकदमें की विवेचना एंटी करप्शन वाराणसी के एक इंसपेक्टर को मिली है। जबकि कस्टडी से दरोगा के भाग जाने के मामले की विवेचना भी एंटीकरप्शन से कराए जाने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट मुख्यालय लखनऊ के उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
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बता दें कि 31 अगस्त क ो धनघटा थाना क्षेत्र के पौली पुलिस चौकी इंचार्ज रहे विनोद कुमार को एंटी करप्शन टीम गोरखपुर महिला से 10000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था। उसे थाने ले जाया गया। जहां लिखा पढी की तैयारी के बीच देर रात दरोगा फरार हो गया।दरोगा के विरुद्व एंटी करप्शन के इंसपेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने रिश्वत लेने और अभिरक्षा से भागने का केस दर्ज कराया था। थाने से फरार होने के दर्ज केस की विवेचना धनघटा पुलिस और रिश्वत लेने के मामले की विवेचना एंटी करप्शन टीम कर रही है।
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इधर आरोपी दरोगा को थाने से भागे दस दिन का समय बीत गया और उसे पकड़ना तो दूर अभी तक पुलिस सुराग तक नहीं लगा पाई है। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो आरोपी दरोगा हाई कोर्ट में अपने निर्दोष होने की अर्जी डाल चुका है। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी दरोगा की तलाश में पुलिस जुटी है।
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उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है,लेकिन वह पकड़ से दूर है। एंटी करप्शन के इंसपेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने बताया कि रिश्वत लेेते पकड़े जाने के मामले में दर्ज मुकदमें की विवेचना एंटी करप्शन वाराणसी के एक इंसपेक्टर को मिली है। जबकि कस्टडी से दरोगा के भाग जाने के मामले की विवेचना भी एंटीकरप्शन से कराए जाने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट मुख्यालय लखनऊ के उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।