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फल का ठेला लगाने के विवाद में ही हुई थी अश्वनी की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Fri, 15 Jun 2018 11:21 PM IST
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अश्वनी हत्या कांड के हत्यारोपी को महुली पुलिस ने पकड़ कर जेल भेजा।
- फोटो : अमर उजाला
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धनघटा। महुली पुलिस ने शुक्रवार को अश्वनी हत्याकांड के दो आरोपियों को नाथनगर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या का पर्दाफाश किया। ठेला लगाने के विवाद में ही आरोपियों ने साजिश रचकर अश्वनी को घर से बुलाकर ले गए और उसकी चाकू से गला काट कर हत्या कर दी।
इंस्पेक्टर रोहित प्रसाद ने बताया कि एक जून को क्षेत्र के अमेदवा के पास हत्या कर फेंकी गई गागरगाड़ धनघटा निवासी अश्वनी चौधरी की लाश मिली थी। इस मामले में पीड़ित पिता राघवेंद्र की ओर से पांच नामजद अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को सूचना के आधार पर एसबीआई बैंक नाथनगर के पास से अश्वनी हत्या कांड के दो आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में पकड़े गए हत्यारोपी की पहचान शनि उर्फ हरेंद्र प्रजापति निवासी उमरिया पांडेय, थाना घनघटा और धीरज उर्फ पिंटू निवासी धनघटा के रूप में हुई। पूछताछ में पकड़े गए हत्यारोपियों ने बताया कि पिंटू उर्फ धीरज धनघटा में मृतक अश्वनी चौधरी के घर के सामने कई वर्षो से फल का ठेला लगाता था।
अश्वनी चौधरी एक साल से पिंटू के फल के ठेले को हटवाना चाहता था। छह महीने पहले पिंटू का ठेला हट भी गया था। पिंटू ने फिर अश्वनी से संपर्क साधा और 100 रुपये प्रतिदिन ठेला लगाने को देने लगा। करीब दो- तीन महीने तक इसी तरह पिंटू ने फल का ठेला लगाया। अश्वनी खुद जूस और फल की दुकान खोलना चाहता था। इसी लिए वह पिंटू के ठेले का हटवाने की कोशिश करने लगा। 21 मई को उदघाटन था और कार्ड भी बांट दिया था,इधर पिंटू उर्फ धीरज अपने फल का ठेला नहीं हटा रहा था। इसी बात को लेकर पूर्व में भी अश्वनी चौधरी का पिंटू से कई बार विवाद हुआ था। पिंटू उर्फ धीरज को फल के ठेले से काफी आमदनी होती थी। इसी लिए वह अश्वनी को रास्ते से हटाने की साजिश रचा। शनि उर्फ हरेंद्र की अश्वनी से दोस्ती थी।
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जबकि गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र के रहने वाले राहुल से भी अश्वनी का अच्छा संपर्क था। घटना की रात्रि राहुल और शनि ने धोखे से खाने-पीने के बहाने अश्वनी को बाइक से लेकर उसके घर से निकले। जबकि महुली क्षेत्र के अमेदवा के पास पहले से पिंटू उर्फ धीरज और दुर्गा वहां मौजूद थे। शनि ने लघुशंका करने के बहाने अमेदवा के पास सूनसान स्थान पर बाइक रोक दिया। उसी दौरान पिंटू उर्फ धीरज ने चाकू से गले पर प्रहार कर अश्वनी को मौत के घाट उतार दिया। घटना में शनि, राहुल और दुर्गा ने भी सहयोग किया था। पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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इंस्पेक्टर रोहित प्रसाद ने बताया कि एक जून को क्षेत्र के अमेदवा के पास हत्या कर फेंकी गई गागरगाड़ धनघटा निवासी अश्वनी चौधरी की लाश मिली थी। इस मामले में पीड़ित पिता राघवेंद्र की ओर से पांच नामजद अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था। हत्यारोपियों की तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को सूचना के आधार पर एसबीआई बैंक नाथनगर के पास से अश्वनी हत्या कांड के दो आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में पकड़े गए हत्यारोपी की पहचान शनि उर्फ हरेंद्र प्रजापति निवासी उमरिया पांडेय, थाना घनघटा और धीरज उर्फ पिंटू निवासी धनघटा के रूप में हुई। पूछताछ में पकड़े गए हत्यारोपियों ने बताया कि पिंटू उर्फ धीरज धनघटा में मृतक अश्वनी चौधरी के घर के सामने कई वर्षो से फल का ठेला लगाता था।
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अश्वनी चौधरी एक साल से पिंटू के फल के ठेले को हटवाना चाहता था। छह महीने पहले पिंटू का ठेला हट भी गया था। पिंटू ने फिर अश्वनी से संपर्क साधा और 100 रुपये प्रतिदिन ठेला लगाने को देने लगा। करीब दो- तीन महीने तक इसी तरह पिंटू ने फल का ठेला लगाया। अश्वनी खुद जूस और फल की दुकान खोलना चाहता था। इसी लिए वह पिंटू के ठेले का हटवाने की कोशिश करने लगा। 21 मई को उदघाटन था और कार्ड भी बांट दिया था,इधर पिंटू उर्फ धीरज अपने फल का ठेला नहीं हटा रहा था। इसी बात को लेकर पूर्व में भी अश्वनी चौधरी का पिंटू से कई बार विवाद हुआ था। पिंटू उर्फ धीरज को फल के ठेले से काफी आमदनी होती थी। इसी लिए वह अश्वनी को रास्ते से हटाने की साजिश रचा। शनि उर्फ हरेंद्र की अश्वनी से दोस्ती थी।
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जबकि गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र के रहने वाले राहुल से भी अश्वनी का अच्छा संपर्क था। घटना की रात्रि राहुल और शनि ने धोखे से खाने-पीने के बहाने अश्वनी को बाइक से लेकर उसके घर से निकले। जबकि महुली क्षेत्र के अमेदवा के पास पहले से पिंटू उर्फ धीरज और दुर्गा वहां मौजूद थे। शनि ने लघुशंका करने के बहाने अमेदवा के पास सूनसान स्थान पर बाइक रोक दिया। उसी दौरान पिंटू उर्फ धीरज ने चाकू से गले पर प्रहार कर अश्वनी को मौत के घाट उतार दिया। घटना में शनि, राहुल और दुर्गा ने भी सहयोग किया था। पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।