{"_id":"5bd0bfa1bdec2269a414f540","slug":"201540407201-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचआरपीजी कालेज में छात्रनेताओं ने किया हंगमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एचआरपीजी कालेज में छात्रनेताओं ने किया हंगमा
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचआरपीजी कॉलेज में छात्र नेताओं ने किया हंगामा, केस दर्ज
छात्रसंघ भवन की कुर्सी नहीं बदले जाने समेत कई मामलों पर हैं नाराज
कॉलेज परिसर में रखे गमलों को तोड़ा, कुछ कुर्सियां भी जलाईं
छात्रसंघ अध्यक्ष समेत तीन नामजद व 25-30 अज्ञात पर बलवा का केस दर्ज
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शहर के एचआरपीजी कॉलेज में बुधवार को छात्र नेताओं ने अचानक हंगामा कर दिया। कॉलेज प्रशासन जब तक कुछ समझ पाता, छात्रों ने कई गमलों को तोड़ दिया। टूटी कुर्सियों में आग लगा दी। सूचना पर जब तक पुलिस पहुंची, छात्रनेता व छात्र परिसर से जा चुके थे। इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य व मुख्य नियंता की तहरीर पर छात्रसंघ अध्यक्ष समेत तीन नामजद व 25-30 अज्ञात के खिलाफ बलवा समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
छात्रसंघ अध्यक्ष अंशुमान सिंह की अगुवाई में मनीष यादव, संस्कार मिश्र समेत कई छात्रनेता व छात्र बुधवार की दोपहर करीब दो बजे प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह से मिलने पहुंचे। उस वक्त कॉलेज के सभागार में प्राचार्य और अध्यापकों की बैठक चल रही थी। वहां पहुंचे छात्र नेताओं ने मांगों को गिनाते हुए कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। इसी दौरान किसी बात पर छात्रनेता भड़क गए और मीटिंग हॉल के बाहर रखे गमलों को फर्श पर पटक कर तोड़ दिया। छात्रसंघ भवन की टूटी कुर्सियों को भी बाहर निकाला और जला दिया। इससे कुछ देर के लिए कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया। आनन-फानन कोतवाली पुलिस व वरिष्ठ अफसरों को सूचना दी गई।
छात्रसंघ अध्यक्ष अंशुमान सिंह का कहना है कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करा रहा है। बार-बार कहने के बावजूद न तो शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार आया और न ही कमरों के फर्श, लाइट, पंखे, पेयजल आदि का प्रबंध किया जा रहा है। छात्रसंघ भवन में टूटी कुर्सियां रखी थीं जो बैठने लायक नहीं थीं। इस संबंध कोतवाल सुधीर सिंह ने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह व मुख्य नियंता डॉ. विजय कृष्ण ओझा की तहरीर पर अध्यक्ष समेत तीन नामजद व 25-30 अज्ञात के खिलाफ बलवा, आगजनी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्रसंघ भवन की कुर्सी नहीं बदले जाने समेत कई मामलों पर हैं नाराज
कॉलेज परिसर में रखे गमलों को तोड़ा, कुछ कुर्सियां भी जलाईं
छात्रसंघ अध्यक्ष समेत तीन नामजद व 25-30 अज्ञात पर बलवा का केस दर्ज
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शहर के एचआरपीजी कॉलेज में बुधवार को छात्र नेताओं ने अचानक हंगामा कर दिया। कॉलेज प्रशासन जब तक कुछ समझ पाता, छात्रों ने कई गमलों को तोड़ दिया। टूटी कुर्सियों में आग लगा दी। सूचना पर जब तक पुलिस पहुंची, छात्रनेता व छात्र परिसर से जा चुके थे। इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य व मुख्य नियंता की तहरीर पर छात्रसंघ अध्यक्ष समेत तीन नामजद व 25-30 अज्ञात के खिलाफ बलवा समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
छात्रसंघ अध्यक्ष अंशुमान सिंह की अगुवाई में मनीष यादव, संस्कार मिश्र समेत कई छात्रनेता व छात्र बुधवार की दोपहर करीब दो बजे प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह से मिलने पहुंचे। उस वक्त कॉलेज के सभागार में प्राचार्य और अध्यापकों की बैठक चल रही थी। वहां पहुंचे छात्र नेताओं ने मांगों को गिनाते हुए कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। इसी दौरान किसी बात पर छात्रनेता भड़क गए और मीटिंग हॉल के बाहर रखे गमलों को फर्श पर पटक कर तोड़ दिया। छात्रसंघ भवन की टूटी कुर्सियों को भी बाहर निकाला और जला दिया। इससे कुछ देर के लिए कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया। आनन-फानन कोतवाली पुलिस व वरिष्ठ अफसरों को सूचना दी गई।
विज्ञापन
छात्रसंघ अध्यक्ष अंशुमान सिंह का कहना है कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करा रहा है। बार-बार कहने के बावजूद न तो शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार आया और न ही कमरों के फर्श, लाइट, पंखे, पेयजल आदि का प्रबंध किया जा रहा है। छात्रसंघ भवन में टूटी कुर्सियां रखी थीं जो बैठने लायक नहीं थीं। इस संबंध कोतवाल सुधीर सिंह ने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह व मुख्य नियंता डॉ. विजय कृष्ण ओझा की तहरीर पर अध्यक्ष समेत तीन नामजद व 25-30 अज्ञात के खिलाफ बलवा, आगजनी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन