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दो सेक्रेट्री समेत छह पर केस दर्ज होगा
sant kabir nagar
Updated Mon, 25 Jul 2016 11:31 PM IST
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crime
- फोटो : demo pic
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सीजेएम संजय कुमार गौड़ ने दुधारा क्षेत्र के मनैतापुर गांव के एक व्यक्ति का फर्जी तरीके से दुबारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने और मारपीट के मामले में सुनवाई के बाद दो सेक्रेट्री समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
मनैतापुर निवासी सोहबतिया पुत्री स्वर्गीय जगेसर का आरोप था कि उसके पिता ने अपने जीवन काल में ही 15 दिसंबर 2002 को एक वसीयतनामा उसके पक्ष में लिखा था। जिसके बाद उसके पिता की मृत्यु 15 फरवरी 2003 को हो गई। वसीयत के आधार पर उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। वह पिता के संपत्ति की मालिक बन गई। इस बात की जानकारी पिता के पट्टीदार रवींद्र ,विजय,रामरतन पुत्रगण मक्कूलाल तथा पुष्पा देवी पत्नी मक्कूलाल को हुई। आरोप है कि वे लोग ग्राम पंचायत सेक्रेट्री एस बी सिंह तथा मारकंडेय पांडेय को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए अपनी साजिश में करके पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र दुबारा गलत तरीके से 15 फरवरी 2003 के स्थान पर 15 फरवरी 2002 का जारी करवा लिया। जिसकी शिकायत उसने डीएम से लिखित रूप से की थी।
इससेे नाराज होकर 28 मई 2015 को विपक्षियों ने उसे मारा पीटा। थाने से लेकर एसपी तक को प्रार्थना पत्र दिया ,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कोर्ट की शरण ली। सीजेएम ने सुनवाई के बाद मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश पारित किया। आख्या सात दिवस के अंदर न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
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मनैतापुर निवासी सोहबतिया पुत्री स्वर्गीय जगेसर का आरोप था कि उसके पिता ने अपने जीवन काल में ही 15 दिसंबर 2002 को एक वसीयतनामा उसके पक्ष में लिखा था। जिसके बाद उसके पिता की मृत्यु 15 फरवरी 2003 को हो गई। वसीयत के आधार पर उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। वह पिता के संपत्ति की मालिक बन गई। इस बात की जानकारी पिता के पट्टीदार रवींद्र ,विजय,रामरतन पुत्रगण मक्कूलाल तथा पुष्पा देवी पत्नी मक्कूलाल को हुई। आरोप है कि वे लोग ग्राम पंचायत सेक्रेट्री एस बी सिंह तथा मारकंडेय पांडेय को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए अपनी साजिश में करके पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र दुबारा गलत तरीके से 15 फरवरी 2003 के स्थान पर 15 फरवरी 2002 का जारी करवा लिया। जिसकी शिकायत उसने डीएम से लिखित रूप से की थी।
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इससेे नाराज होकर 28 मई 2015 को विपक्षियों ने उसे मारा पीटा। थाने से लेकर एसपी तक को प्रार्थना पत्र दिया ,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कोर्ट की शरण ली। सीजेएम ने सुनवाई के बाद मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश पारित किया। आख्या सात दिवस के अंदर न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
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