{"_id":"5c0024eebdec2241585f351d","slug":"171543513326-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलि अस्पताल में हुए हंगामा से संबंधित खबर--","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जलि अस्पताल में हुए हंगामा से संबंधित खबर--
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवान बेटे की मौत से बदहवाश हुई मां
विशाल के हाथ का लोहे का पाइप छू गया था एचटी लाइन से
घर बनवाने के लिए दरवाजे पर लग रहा था हैंडपंप
वर्ष 2004 में विशाल के पिता की भी हो गई थी मौत
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा। क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी विशाल सिंह (22) की मौत से मां विन्नी सिंह समेत पूरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। क्या पता था कि जिनके के लिए घर बनने जा रहा है, वहां लग रहा हैंडपंप ही मौत का कारण बन जाएगा।
संतोषपुर गांव निवासी विन्नी सिंह के पति विजय सिंह की वर्ष 2004 में ही मौत हो गई थी। चार बेटों विवेक, विकास, विशाल और आकाश को विन्नी सिंह ने बड़े जतन से पाला है। बड़ा बेटा विवेक सिंह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। सड़क से सटे जमीन पर घर बनवाने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह हैंडपंप लगवाना था। विशाल ने लोहे का 20 फिट लंबा पाइप उठाया था। उसी दौरान आए एक फोन कॉल पर बात करने के चक्कर में उसका ध्यान भटका और हाथ में पकड़ा गया पाइप ऊपर उठा दिया। लोहे का पाइप सड़क के किनारे से गुजरे 11 हजार वोल्ट के तार से छू गया। करंट लगने से विशाल झुलस गया। बेहोशी ही हालत में विशाल को घर व गांव वाले इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। पति की मौत के 14 वर्ष बाद जवान बेटे की मौत से विन्नी सिंह बदहवाश हो गई थीं। वह कभी बेटे का नाम लेकर चीख रही थीं तो कभी मोबाइल व बिजली के तारों को कोस रही थीं। घटना से हर कोई गमगीन था। गांव की महिलाएं संभालने का प्रयास कर रही थीं।
विज्ञापन
विशाल के हाथ का लोहे का पाइप छू गया था एचटी लाइन से
घर बनवाने के लिए दरवाजे पर लग रहा था हैंडपंप
वर्ष 2004 में विशाल के पिता की भी हो गई थी मौत
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा। क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी विशाल सिंह (22) की मौत से मां विन्नी सिंह समेत पूरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। क्या पता था कि जिनके के लिए घर बनने जा रहा है, वहां लग रहा हैंडपंप ही मौत का कारण बन जाएगा।
संतोषपुर गांव निवासी विन्नी सिंह के पति विजय सिंह की वर्ष 2004 में ही मौत हो गई थी। चार बेटों विवेक, विकास, विशाल और आकाश को विन्नी सिंह ने बड़े जतन से पाला है। बड़ा बेटा विवेक सिंह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। सड़क से सटे जमीन पर घर बनवाने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह हैंडपंप लगवाना था। विशाल ने लोहे का 20 फिट लंबा पाइप उठाया था। उसी दौरान आए एक फोन कॉल पर बात करने के चक्कर में उसका ध्यान भटका और हाथ में पकड़ा गया पाइप ऊपर उठा दिया। लोहे का पाइप सड़क के किनारे से गुजरे 11 हजार वोल्ट के तार से छू गया। करंट लगने से विशाल झुलस गया। बेहोशी ही हालत में विशाल को घर व गांव वाले इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। पति की मौत के 14 वर्ष बाद जवान बेटे की मौत से विन्नी सिंह बदहवाश हो गई थीं। वह कभी बेटे का नाम लेकर चीख रही थीं तो कभी मोबाइल व बिजली के तारों को कोस रही थीं। घटना से हर कोई गमगीन था। गांव की महिलाएं संभालने का प्रयास कर रही थीं।
विज्ञापन