{"_id":"5c86943abdec2214530f9260","slug":"151552323642-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगदीशपुर में हुए मारपीट का मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जगदीशपुर में हुए मारपीट का मामला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोविंदगंज की घटना से पुलिस नहीं ले रही सबक
- पहले जताई गई आशंका को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। बीते 16 जनवरी को गोविंदगंज बाजार में हुए दोहरे हत्याकांड से शायद धनघटा पुलिस ने सबक नहीं लिया। सोमवार की सुबह जगदीशपुर गांव में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। तीन दिन से चल रहे विवाद की सूचना पुलिस को पहले से थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा रहा कि सोमवार की सुबह होते ही मारपीट में 10 लोग घायल हो गए।
गोविदगंज बाजार में बीते 16 जनवरी की शाम को गागरगाड़ गांव निवासी सर्वेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारोपी हड़िया गांव निवासी सलमान को भीड़ ने दौड़ाकर मार डाला था। पुरानी अदावत के उस प्रकरण में घटना से चार दिन पहले 12 जनवरी को सर्वेश ने पौली पुलिस चौकी इंचार्ज को प्रार्थना पत्र देकर जानमाल के लिए सुरक्षा की मांग की थी लेकिन पुलिस ने उस पर ध्यान नहीं दिया और 16 जनवरी की शाम को हुई घटना में दो युवकों की जान चली गई।
जगदीशपुर निवासी रामअधीन और रूदल के बीच सोमवार की सुबह हुई मारपीट का प्रकरण भी ऐसा ही है। जमीन संबंधी इस विवाद में कई बार थाना व समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। रूदल का कहना है कि सात मार्च की शाम को रामअधीन ने उनकी जमीन पर जबरन टीन शेड रखकर कब्जा कर लिया। आठ मार्च को पुलिस चौकी पर प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। रूदल ने रामअधीन पर मारपीट का भी आरोप लगाया लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। रूदल का यह भी आरोप है कि उसे पुलिस चौकी से डांट कर भगा दिया गया। सोमवार की सुबह दोनों पक्ष भिड़ गए। इस संबंध में जगदीशपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव का कहना है कि दोनों पक्षों को पुलिस चौकी पर बुलाया गया था। जगदीशपुर गांव के पूर्व और वर्तमान प्रधान की मौजूदगी में बातचीत हुई तो जमीन पैमाइश कराने पर दोनों पक्ष तैयार होकर यहां से गए थे लेकिन सुबह होते ही मारपीट कर लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
- पहले जताई गई आशंका को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। बीते 16 जनवरी को गोविंदगंज बाजार में हुए दोहरे हत्याकांड से शायद धनघटा पुलिस ने सबक नहीं लिया। सोमवार की सुबह जगदीशपुर गांव में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। तीन दिन से चल रहे विवाद की सूचना पुलिस को पहले से थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा रहा कि सोमवार की सुबह होते ही मारपीट में 10 लोग घायल हो गए।
गोविदगंज बाजार में बीते 16 जनवरी की शाम को गागरगाड़ गांव निवासी सर्वेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारोपी हड़िया गांव निवासी सलमान को भीड़ ने दौड़ाकर मार डाला था। पुरानी अदावत के उस प्रकरण में घटना से चार दिन पहले 12 जनवरी को सर्वेश ने पौली पुलिस चौकी इंचार्ज को प्रार्थना पत्र देकर जानमाल के लिए सुरक्षा की मांग की थी लेकिन पुलिस ने उस पर ध्यान नहीं दिया और 16 जनवरी की शाम को हुई घटना में दो युवकों की जान चली गई।
विज्ञापन
जगदीशपुर निवासी रामअधीन और रूदल के बीच सोमवार की सुबह हुई मारपीट का प्रकरण भी ऐसा ही है। जमीन संबंधी इस विवाद में कई बार थाना व समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। रूदल का कहना है कि सात मार्च की शाम को रामअधीन ने उनकी जमीन पर जबरन टीन शेड रखकर कब्जा कर लिया। आठ मार्च को पुलिस चौकी पर प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। रूदल ने रामअधीन पर मारपीट का भी आरोप लगाया लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। रूदल का यह भी आरोप है कि उसे पुलिस चौकी से डांट कर भगा दिया गया। सोमवार की सुबह दोनों पक्ष भिड़ गए। इस संबंध में जगदीशपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव का कहना है कि दोनों पक्षों को पुलिस चौकी पर बुलाया गया था। जगदीशपुर गांव के पूर्व और वर्तमान प्रधान की मौजूदगी में बातचीत हुई तो जमीन पैमाइश कराने पर दोनों पक्ष तैयार होकर यहां से गए थे लेकिन सुबह होते ही मारपीट कर लिए।
विज्ञापन