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हालत में हो रहा सुधार
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विषाक्त पकौड़ी खाने से बीमार हुए लोगों की हालत सुधरी
सभी लोगों को जल्द मिल जाएगी अस्पताल से छुट्टी
मेडिकल कॉलेज में चल रहा था सभी का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। क्षेत्र के बरपरवा गांव में रविवार सुबह विषाक्त पकौड़ी खाने से बीमार हुए एक ही परिवार के जिन छह लोगों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत में अब सुधार हो रहा है। जल्द ही सभी को घर आने की अनुमति मिल जाएगी।
बरपरवा गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्र सिंह के घर रविवार की सुबह पकौड़ी बनी थी। घर के छह सदस्यों महेंद्र सिंह, राकेश, स्मृति, श्यामलता, रामसंवारी और घरभरन की पकौड़ी खाते ही तबीयत बिगड़ गई। आननफानन सभी को सीएचसी मलौली ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। गांव के लोग जब महेंद्र सिंह की रसोई में पहुंचे तो वहां चूल्हे के नजदीक ही कीटनाशक दवा एम 45 का डिब्बा पड़ा था। आशंका जताई गई कि पकौड़ी तलने में सरसों के तेल की जगह इस पीले रंग के कीटनाशक का ही प्रयोग हो गया होगा।
मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने साथ गए गांव के लोगों ने बताया कि अब सभी की हालत में काफी सुधार है और उम्मीद है कि सोमवार की रात में ही सभी को घर जाने की छूट मिल जाएगी। घर के मुखिया महेन्द्र सिंह ने दूरभाष पर बताया कि सबने एकाध पकौड़ी ही खाई होगी कि सिर चकराना व उल्टी होना शुरू हो गया। मलौली सीएचसी पहुंचते-पहुंचते हालत गंभीर हो गई। ताकत प्राथमिक उपचार मिलने से हालत जल्दी सुधर गई। हालांकि पकौड़ी तलने में कीटनाशक का प्रयोग हो गया था या कुछ और गड़बड़ी हुई अभी इस सवाल पर परिवार के लोग कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल सभी सदस्यों की हालत सुधरने पर गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली है।
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सभी लोगों को जल्द मिल जाएगी अस्पताल से छुट्टी
मेडिकल कॉलेज में चल रहा था सभी का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। क्षेत्र के बरपरवा गांव में रविवार सुबह विषाक्त पकौड़ी खाने से बीमार हुए एक ही परिवार के जिन छह लोगों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत में अब सुधार हो रहा है। जल्द ही सभी को घर आने की अनुमति मिल जाएगी।
बरपरवा गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्र सिंह के घर रविवार की सुबह पकौड़ी बनी थी। घर के छह सदस्यों महेंद्र सिंह, राकेश, स्मृति, श्यामलता, रामसंवारी और घरभरन की पकौड़ी खाते ही तबीयत बिगड़ गई। आननफानन सभी को सीएचसी मलौली ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। गांव के लोग जब महेंद्र सिंह की रसोई में पहुंचे तो वहां चूल्हे के नजदीक ही कीटनाशक दवा एम 45 का डिब्बा पड़ा था। आशंका जताई गई कि पकौड़ी तलने में सरसों के तेल की जगह इस पीले रंग के कीटनाशक का ही प्रयोग हो गया होगा।
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मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने साथ गए गांव के लोगों ने बताया कि अब सभी की हालत में काफी सुधार है और उम्मीद है कि सोमवार की रात में ही सभी को घर जाने की छूट मिल जाएगी। घर के मुखिया महेन्द्र सिंह ने दूरभाष पर बताया कि सबने एकाध पकौड़ी ही खाई होगी कि सिर चकराना व उल्टी होना शुरू हो गया। मलौली सीएचसी पहुंचते-पहुंचते हालत गंभीर हो गई। ताकत प्राथमिक उपचार मिलने से हालत जल्दी सुधर गई। हालांकि पकौड़ी तलने में कीटनाशक का प्रयोग हो गया था या कुछ और गड़बड़ी हुई अभी इस सवाल पर परिवार के लोग कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल सभी सदस्यों की हालत सुधरने पर गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली है।
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