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अपर जिला सहकारी अधिकारी की जांच में खुली पोल
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किसानों से खरीदे गए पांच लाख से अधिक रकम का गेहूं हड़प गए सचिव
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिली रकम में से भी कुछ धनराशि हड़पी
एडीसीओ ने गोदाम को किया गया सील, उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे रिपोर्ट
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। किसानों से खरीदे गए पांच लाख से अधिक का गेहूं एफसीआई को न देकर प्रभारी सचिव हड़प गए। इतना ही नहीं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत नकद व्यवसाय करने के लिए दो समितियों को मिले पांच-पांच लाख की रकम में से भी एक लाख से अधिक की धनराशि बैंक में न जमा कर खुद गटक गए। एडीसीओ की जांच में मामला खुल कर सामने आया। एडीसीओ ने गोदाम को सील करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात बताई है।
अपर जिला सहकारी अधिकारी सुभाषचंद्र चौरसिया ने बताया कि साधन सहकारी समिति लिमिटेड डीघा और बड़गों का संयुक्त रूप से गोदाम मैलानी में है। दोनों समितियों के प्रभारी सचिव सत्येंद्र कुमार हैं। डीघा समिति का गोदाम में रखे गए गेहूं का सत्यापन किया। सत्यापन में पाया गया कि किसानों से खरीदे गए डीघा समिति के गोदाम में 27.858 मीट्रिक टन गेहूं होना चाहिए था, लेकिन स्टॉक में कुछ भी गेहूं नहीं मिला। गेहूं की कीमत लगभग पांच लाख से अधिक है। इसके साथ ही दोनों समितियों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रत्येक समिति को नकद व्यवसाय करने के लिए पांच-पांच लाख रुपये शासन से मिले थे। जिसकी बिक्री धनराशि बैंक में जमा करनी थी, लेकिन उसमें भी प्रभारी सचिव ने हेराफेरी कर करीब एक लाख से अधिक की धनराशि हड़प ली है। जांच में प्रथमदृष्टया प्रभारी सचिव सत्येद्र कुमार शासकीय धन के गबन के दोषी पाए गए हैं। डीघा समिति के मैलानी स्थित गोदाम को सील कर दिया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी और मामले में दोषी प्रभारी सचिव के खिलाफ एफआईआर समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिली रकम में से भी कुछ धनराशि हड़पी
एडीसीओ ने गोदाम को किया गया सील, उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे रिपोर्ट
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। किसानों से खरीदे गए पांच लाख से अधिक का गेहूं एफसीआई को न देकर प्रभारी सचिव हड़प गए। इतना ही नहीं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत नकद व्यवसाय करने के लिए दो समितियों को मिले पांच-पांच लाख की रकम में से भी एक लाख से अधिक की धनराशि बैंक में न जमा कर खुद गटक गए। एडीसीओ की जांच में मामला खुल कर सामने आया। एडीसीओ ने गोदाम को सील करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात बताई है।
अपर जिला सहकारी अधिकारी सुभाषचंद्र चौरसिया ने बताया कि साधन सहकारी समिति लिमिटेड डीघा और बड़गों का संयुक्त रूप से गोदाम मैलानी में है। दोनों समितियों के प्रभारी सचिव सत्येंद्र कुमार हैं। डीघा समिति का गोदाम में रखे गए गेहूं का सत्यापन किया। सत्यापन में पाया गया कि किसानों से खरीदे गए डीघा समिति के गोदाम में 27.858 मीट्रिक टन गेहूं होना चाहिए था, लेकिन स्टॉक में कुछ भी गेहूं नहीं मिला। गेहूं की कीमत लगभग पांच लाख से अधिक है। इसके साथ ही दोनों समितियों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रत्येक समिति को नकद व्यवसाय करने के लिए पांच-पांच लाख रुपये शासन से मिले थे। जिसकी बिक्री धनराशि बैंक में जमा करनी थी, लेकिन उसमें भी प्रभारी सचिव ने हेराफेरी कर करीब एक लाख से अधिक की धनराशि हड़प ली है। जांच में प्रथमदृष्टया प्रभारी सचिव सत्येद्र कुमार शासकीय धन के गबन के दोषी पाए गए हैं। डीघा समिति के मैलानी स्थित गोदाम को सील कर दिया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी और मामले में दोषी प्रभारी सचिव के खिलाफ एफआईआर समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
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