{"_id":"5acbac8a4f1c1b526b8b4a32","slug":"cooperative-banks-will-revive-minister","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला सहकारी बैंकों के बहुरेंगे दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला सहकारी बैंकों के बहुरेंगे दिन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Apr 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
मगहर में पत्रकारों से बातचीत करते सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मगहर। प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति सचेत है। किसानों की ऋण माफी के साथ ही अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास तेज कर दिया है। प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इन्हें सीबीएस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। पूर्वांचल के 16 जिला सहकारी बैंकों में से आठ को सीबीएस प्रणाली से जोड़कर ऑन डिमांड रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। किसान और व्यापारी समय से अपना धन प्राप्त कर सकते हैं। नौ बैंक के ग्राहकों को सीबीएस प्रणाली के साथ ही एक एटीएम सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
गोरखपुर से लखनऊ जाते समय रविवार देर शाम संतकबीर विद्यापीठ महाविद्यालय मगहर में आयोजित प्रेस वार्ता में सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले 25-30 वर्षों में 16 जिला सहकारी बैंकों की माली हालत खराब हो गई थी। इसके लिए बैंक के कर्मचारी-अधिकारी जिम्मेदार थे।
विज्ञापन
बिना मानक पूरा किए ही ऐसे लोगों को कर्ज दे दिया था, जो रकम लौटाने में असमर्थ थे। यही कारण रहा कि आरबीआई ने वर्ष 2012 में कई जिला सहकारी बैंकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। 2014 में भी कई बैंकों का लाइसेंस निरस्त किया गया था।
वर्ष 2016 में बहराइच, गोरखपुर, सीतापुर, बस्ती, संतकबीरनगर सहित 16 बैंकों को फिर से संचालित किया जा रहा है। इनमें सीबीएस प्रणाली से जुड़े आठ बैंकों से ग्राहक ऑन डिमांड लेन-देन कर सकते हैं। शेष बैंकों से जमा धन का पांच प्रतिशत पेमेंट शुरू हो गया है। शीघ्र ही 10 प्रतिशत धन निकाल जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया। इसके तहत किसानों के 1503 करोड़ रुपये ब्याज माफ किया गया। कर्ज चुकता नहीं करने वाले किसानों के खेत नीलाम नहीं किए जाएंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राकेश मिश्रा, नगर पंचायत चेयरमैन संगीता वर्मा, बालमुकुंद जी, बाल्मीकि त्रिपाठी, प्रदीप कन्नौजिया, राजेश वर्मा, दीपक मिश्रा, प्रदीप गुप्ता, मिक्की श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, रत्नेश मिश्रा, सुजीत गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इन्हें सीबीएस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। पूर्वांचल के 16 जिला सहकारी बैंकों में से आठ को सीबीएस प्रणाली से जोड़कर ऑन डिमांड रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। किसान और व्यापारी समय से अपना धन प्राप्त कर सकते हैं। नौ बैंक के ग्राहकों को सीबीएस प्रणाली के साथ ही एक एटीएम सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
गोरखपुर से लखनऊ जाते समय रविवार देर शाम संतकबीर विद्यापीठ महाविद्यालय मगहर में आयोजित प्रेस वार्ता में सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले 25-30 वर्षों में 16 जिला सहकारी बैंकों की माली हालत खराब हो गई थी। इसके लिए बैंक के कर्मचारी-अधिकारी जिम्मेदार थे।
विज्ञापन
बिना मानक पूरा किए ही ऐसे लोगों को कर्ज दे दिया था, जो रकम लौटाने में असमर्थ थे। यही कारण रहा कि आरबीआई ने वर्ष 2012 में कई जिला सहकारी बैंकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। 2014 में भी कई बैंकों का लाइसेंस निरस्त किया गया था।
वर्ष 2016 में बहराइच, गोरखपुर, सीतापुर, बस्ती, संतकबीरनगर सहित 16 बैंकों को फिर से संचालित किया जा रहा है। इनमें सीबीएस प्रणाली से जुड़े आठ बैंकों से ग्राहक ऑन डिमांड लेन-देन कर सकते हैं। शेष बैंकों से जमा धन का पांच प्रतिशत पेमेंट शुरू हो गया है। शीघ्र ही 10 प्रतिशत धन निकाल जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया। इसके तहत किसानों के 1503 करोड़ रुपये ब्याज माफ किया गया। कर्ज चुकता नहीं करने वाले किसानों के खेत नीलाम नहीं किए जाएंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राकेश मिश्रा, नगर पंचायत चेयरमैन संगीता वर्मा, बालमुकुंद जी, बाल्मीकि त्रिपाठी, प्रदीप कन्नौजिया, राजेश वर्मा, दीपक मिश्रा, प्रदीप गुप्ता, मिक्की श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, रत्नेश मिश्रा, सुजीत गुप्ता आदि उपस्थित रहे।