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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से उपभोक्ता त्रस्त
संतकबीरनगर
Updated Mon, 03 Dec 2018 12:19 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से उपभोक्ता त्रस्त
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। शासन ने अक्तूबर से ही ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली देने का फरमान जारी किया था, लेकिन जिले में यह फरमान बेमतलब साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दस से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है, वह भी कई शिफ्टों में। यह तब है जब रबी की बुआई चल रही है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। बिजली के अभाव में नलकूप बंद हो जा रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। इसके कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में किसान रबी की बुआई कर रहे हैं, लेकिन बिजली की आवाजाही के चलते खेतों की सिंचाई में बाधा आ रही है। दिन हो या रात बिजली कई बार ट्रिप कर रही है। खलीलाबाद क्षेत्र निवासी रविंद्र कुमार ने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है, लेकिन बिजली कब आएगी और कब कट जाएगी, इसका पता नहीं रहता है, जिससे खेत तैयार करने में दिक्कत आ रही है। पन्ने लाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में मात्र दस से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है, वह भी कई बार में। ऐसे में समस्या पैदा हो गई है। यही नहीं लोकल फाल्ट के चलते भी कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। उन्होंने मांग किया कि विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से दी जाए। अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने कहा कि जो बिजली उपलब्ध है वह दिए जाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। जहां तक लोकल फाल्ट की बात है तो कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि सूचना मिलते ही लोकल फाल्ट ठीक किया जाए।
पिछले कुछ दिनों से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। इसके कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में किसान रबी की बुआई कर रहे हैं, लेकिन बिजली की आवाजाही के चलते खेतों की सिंचाई में बाधा आ रही है। दिन हो या रात बिजली कई बार ट्रिप कर रही है। खलीलाबाद क्षेत्र निवासी रविंद्र कुमार ने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है, लेकिन बिजली कब आएगी और कब कट जाएगी, इसका पता नहीं रहता है, जिससे खेत तैयार करने में दिक्कत आ रही है। पन्ने लाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में मात्र दस से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है, वह भी कई बार में। ऐसे में समस्या पैदा हो गई है। यही नहीं लोकल फाल्ट के चलते भी कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। उन्होंने मांग किया कि विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से दी जाए। अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने कहा कि जो बिजली उपलब्ध है वह दिए जाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। जहां तक लोकल फाल्ट की बात है तो कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि सूचना मिलते ही लोकल फाल्ट ठीक किया जाए।
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