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Sant Kabir Nagar News: अपनों को खोने के जख्म पर नहीं लग पा रहा आर्थिक मदद का मरहम

Wed, 21 Jun 2023 11:31 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jun 2023 11:31 PM IST
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componsetion case
शोभित कुमार पांडेय
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संतकबीरनगर। अपनों को खोने का जख्म अभी भरा नहीं है। इधर बजट की कमी की वजह से सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ पाने से जिले के 149 परिवार वंचित हैं। इसकी वजह से पीड़ित परिवारों के दर्द पर आर्थिक मदद का मरहम नहीं लग पा रहा है।
ऐसे लोग जिनके पास प्रदेश में किसी भी जगह भूमि हो और खतौनी में उनका नाम हो, रजिस्टर्ड बटाईदार हो, यदि उनकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, अथवा दिव्यांगता के शिकार हो जाते हैं, तो उन्हें सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ दिया जाता है। इसमें मृत्यु होने की दशा पर पांच लाख की आर्थिक मदद दी जाती है। इसमें शर्त है कि मृत्यु होने के 75 दिन के अंदर आवेदन करना जरूरी है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा एफआईआर की प्रति आवेदनपत्र के साथ लगाना जरूरी होता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में कुल 530 लोगों ने आवेदन किया। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 130 पीड़ित परिवारों को योजना का लाभ दिया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 99 लोगों को योजना का लाभ मिला। इसके अलावा 100 लोगों का आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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इसकी वजह यह है कि कुछ लोगों के पास भूमि नहीं थी, जबकि कुछ लोगों के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा एफआईआर की कॉपी नहीं थी। तमाम लोग ऐसे थे, जो रजिस्टर्ड बटाईदार नहीं थे। कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने 75 दिनों के भीतर आवेदन नहीं किया था। 149 पीड़ित परिवार ऐसे है, जिन्हें योजना का लाभ का लाभ बजट की कमी की वजह से नहीं मिल पाया है। बेल्डुहा गांव निवासी गोकुल पुत्र राम आशीष की दुर्घटना में मई 2020 में मृत्यु हो गई थी। पीड़ित मां राजमती और पिता राम आशीष बताते हैं कि ढाई साल से अधिक का समय बीत गया और अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया। बेटे की मौत का गम रोज सताता है।
हरैया गांव निवासी दीपू पुत्र श्याम लाल की जून 2022 में दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पत्नी सीमा बताती हैं कि पति की मौत का गम है, वहीं योजना का लाभ नहीं मिल पाने से दर्द पर मरहम नहीं लग पा रहा है। घूरापाली निवासी सावित्री की जून 2022 में दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पति उदयराज त्रिपाठी बताते हैं कि योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इसके पीछे बजट की कमी बताई जाती है। आश्वासन मिला है कि बजट मिलते ही लाभ दिया जाएगा।
धनघटा क्षेत्र के पट्टी बड़गों हिस्सा समोगर निवासी अमलेश मिश्रा बताती हैं कि करीब एक साल पहले उनके 30 वर्षीय बेटे वृजनंदन की दुर्घटना में मौत हो गई। बेटे की मौत का गम बना हुआ है, इधर योजना का लाभ नहीं मिल पाया। परिवार की आर्थिक हालत काफी खराब है। परिवार में बड़ा बेटा, बहू और सास है। यदि योजना का लाभ मिला तो उसी से रोजगार करके परिवार का भरण पोषण करने की सोच है।

ऐसा ही दर्द सई बुजुर्ग की रहने वाली सराब खातून और मीरगंज की पुष्पा को है। हादसे में अपनों को खो चुकी हैं, लेकिन योजना क लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है।
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सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में 52 लाभार्थियों को लाभ दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। शेष के लिए बजट की मांग शासन से की गई है। जैसे ही बजट मिलेगा, वैसे ही पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- संदीप कुमार, डीएम
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