{"_id":"66cccd3dda839dd38f02e694","slug":"central-lab-not-started-rtpcr-lab-closed-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-119767-2024-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: सेंट्रल लैब शुरू ही नहीं... बंद हो गया आरटीपीसीआर लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: सेंट्रल लैब शुरू ही नहीं... बंद हो गया आरटीपीसीआर लैब
Tue, 27 Aug 2024 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 27 Aug 2024 12:15 AM IST
विज्ञापन
- शासन के निर्देश पर एक सप्ताह पूर्व लैब बंद
- जनपद में कोविड जांच की नहीं मिलेगी सुविधा
- गोरखपुर या बस्ती जाकर करानी होगी जांच
2021 में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना सीएचसी खलीलाबाद में हुई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में साल 2021 में सीएचसी खलीलाबाद में स्थापित आरटीपीसीआर लैब को शासन के निर्देश पर एक सप्ताह पहले बंद कर दिया गया। इससे लोगों को जपनद में कोविड जांच की सुविधा नहीं मिल पाएगी। उन्हें बस्ती या गोरखपुर जाकर आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। दूसरी तरफ सैंट्रल लैब बनकर तैयार है लेकिन जांच शुरू नहीं हुई है। लैब में तैनात आठ कर्मचारी निकाल दिए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन्हें अन्य जांच में लगाया जाएगा।
कोविड के दौर में जांच के लिए जिले में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना हुई। इसे सीएचसी खलीलाबाद परिसर में स्थापित किया गया। यहां रोजाना 100 के करीब कोविड जांच होती थी। कोविड का प्रकोप खत्म हुआ तो लैब में जांच प्रकिया भी कम हो गई। शासन के निर्देश पर एक सप्ताह पूर्व लैब को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि किसी को बाहर जाना है तो उसके लिए कोविड जांच जरूरी है। जिले में आरटीपीसीआर लैब बंद होने के कारण अब कोविड की जांच नहीं हो पाएगी।
इधर जिला अस्पताल में सेंट्रल लैब बनकर तैयार हुए आठ माह से अधिक का समय बीत रहा है, पर इसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है, जिससे एक छत के नीचे सभी प्रकार की जांच का सपना टूट रहा है।
विज्ञापन
आरटीपीसीआर लैब में होगी हेपेटाइटिस और वायरल लोड की जांच
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अगर आरटीपीसीआर लैब में तैनात टेक्नीशियन को फिर प्रशिक्षित कर दिया तो मशीन आरटीपीसीआर लैब में उसे हेपेटाइटिस के वायरल लोड जांच हो सकती है। हर माह इससे संबंधित आठ से 10 मरीज आते हैं। अभी हेपेटाइटिस और वायरल लोड की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजा जा रहा है। हेपेटाइटिस के स्क्रीनिंग के पॉजिटिव जांच ही सिर्फ जिला अस्पताल में हो पाती है।
आरटीपीसीआर लैब को बंद किया गया है। वहां तैनात कर्मियों से कुछ अन्य कार्य लिए जाएंगे। इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है, जल्द इस पर अमल शुरू हो जाएगा।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
विज्ञापन
- जनपद में कोविड जांच की नहीं मिलेगी सुविधा
- गोरखपुर या बस्ती जाकर करानी होगी जांच
2021 में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना सीएचसी खलीलाबाद में हुई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में साल 2021 में सीएचसी खलीलाबाद में स्थापित आरटीपीसीआर लैब को शासन के निर्देश पर एक सप्ताह पहले बंद कर दिया गया। इससे लोगों को जपनद में कोविड जांच की सुविधा नहीं मिल पाएगी। उन्हें बस्ती या गोरखपुर जाकर आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। दूसरी तरफ सैंट्रल लैब बनकर तैयार है लेकिन जांच शुरू नहीं हुई है। लैब में तैनात आठ कर्मचारी निकाल दिए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन्हें अन्य जांच में लगाया जाएगा।
कोविड के दौर में जांच के लिए जिले में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना हुई। इसे सीएचसी खलीलाबाद परिसर में स्थापित किया गया। यहां रोजाना 100 के करीब कोविड जांच होती थी। कोविड का प्रकोप खत्म हुआ तो लैब में जांच प्रकिया भी कम हो गई। शासन के निर्देश पर एक सप्ताह पूर्व लैब को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि किसी को बाहर जाना है तो उसके लिए कोविड जांच जरूरी है। जिले में आरटीपीसीआर लैब बंद होने के कारण अब कोविड की जांच नहीं हो पाएगी।
विज्ञापन
इधर जिला अस्पताल में सेंट्रल लैब बनकर तैयार हुए आठ माह से अधिक का समय बीत रहा है, पर इसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है, जिससे एक छत के नीचे सभी प्रकार की जांच का सपना टूट रहा है।
विज्ञापन
आरटीपीसीआर लैब में होगी हेपेटाइटिस और वायरल लोड की जांच
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अगर आरटीपीसीआर लैब में तैनात टेक्नीशियन को फिर प्रशिक्षित कर दिया तो मशीन आरटीपीसीआर लैब में उसे हेपेटाइटिस के वायरल लोड जांच हो सकती है। हर माह इससे संबंधित आठ से 10 मरीज आते हैं। अभी हेपेटाइटिस और वायरल लोड की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजा जा रहा है। हेपेटाइटिस के स्क्रीनिंग के पॉजिटिव जांच ही सिर्फ जिला अस्पताल में हो पाती है।
आरटीपीसीआर लैब को बंद किया गया है। वहां तैनात कर्मियों से कुछ अन्य कार्य लिए जाएंगे। इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है, जल्द इस पर अमल शुरू हो जाएगा।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ