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छुट्टा पशुओं को पकड़वा कर भिजवाएं गोशाला: सीडीओ
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छुट्टा पशुओं को पकड़वा कर भिजवाएं गोशाला: सीडीओ
कहा, जरूरत पड़े तो ग्राम पंचायतें अस्थायी गोशाला का कराएं निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गांवों के सीवान में घूम रहे छुट्टा पशुओं से किसानों की फसलों को होने वाली क्षति से बचाने पर प्रशासन का पूरा जोर है। सीडीओ ने पशुओं को पकड़वाकर गोशाला भिजवाने का निर्देश दिया है। यदि छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने में समस्या हो तो ग्राम पंचायतें मनरेगा, राज्य वित्त और 15 वां वित्त से अस्थायी गोशाला का निर्माण कार्य करा सकती है।
सीडीओ सुरेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि छुट्टा गोवंश को पकड़वा कर गोशाला में संरक्षित कराए जाने का मुख्य सचिव की ओर से निर्देश दिया गया है। सभी बीडीओ,एडीओ, सचिव, पशु चिकित्साधिकारी को निर्देेश दिए गए हैं कि यह सुनिश्चित कराएं कि कहीं कोई छुट्टा पशु दिखाई न दें। बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी को इस आश्य का प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई छुट्टा पशु नहीं है। यदि किसी ग्राम पंचायत में अस्थायी गोशाला की जरूरत महसूस हो तो मनरेगा, राज्य वित्त और 15 वां वित्त के बजट से अस्थायी गोशाला बनवाया जा सकता है। गोशाला में पशुओं की देखरेख करने वालों को मानदेय का भुगतान समय से किया जाए। सीडीओ ने प्रधानों को बताया कि 24 से 29 तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी। यदि गांव में किसी को कोरोना का टीका नहीं लगा हो तो उसे अवश्य लगवाएं। यदि किसी को पहला डोज लगा है तो उसे दूसरा डोज लगवाएं। यदि दोनों डोज लग गया है तो उसे बुस्टर डोज लगवाएं।
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कहा, जरूरत पड़े तो ग्राम पंचायतें अस्थायी गोशाला का कराएं निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गांवों के सीवान में घूम रहे छुट्टा पशुओं से किसानों की फसलों को होने वाली क्षति से बचाने पर प्रशासन का पूरा जोर है। सीडीओ ने पशुओं को पकड़वाकर गोशाला भिजवाने का निर्देश दिया है। यदि छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने में समस्या हो तो ग्राम पंचायतें मनरेगा, राज्य वित्त और 15 वां वित्त से अस्थायी गोशाला का निर्माण कार्य करा सकती है।
सीडीओ सुरेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि छुट्टा गोवंश को पकड़वा कर गोशाला में संरक्षित कराए जाने का मुख्य सचिव की ओर से निर्देश दिया गया है। सभी बीडीओ,एडीओ, सचिव, पशु चिकित्साधिकारी को निर्देेश दिए गए हैं कि यह सुनिश्चित कराएं कि कहीं कोई छुट्टा पशु दिखाई न दें। बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी को इस आश्य का प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई छुट्टा पशु नहीं है। यदि किसी ग्राम पंचायत में अस्थायी गोशाला की जरूरत महसूस हो तो मनरेगा, राज्य वित्त और 15 वां वित्त के बजट से अस्थायी गोशाला बनवाया जा सकता है। गोशाला में पशुओं की देखरेख करने वालों को मानदेय का भुगतान समय से किया जाए। सीडीओ ने प्रधानों को बताया कि 24 से 29 तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी। यदि गांव में किसी को कोरोना का टीका नहीं लगा हो तो उसे अवश्य लगवाएं। यदि किसी को पहला डोज लगा है तो उसे दूसरा डोज लगवाएं। यदि दोनों डोज लग गया है तो उसे बुस्टर डोज लगवाएं।
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