{"_id":"60ec8a5c8ebc3e3af11657e2","slug":"case-on-2-in-105lakhs-scam-khalilabad-news-gkp4016261198","type":"story","status":"publish","title_hn":"105 लाख गबन के आरोप में दो ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
105 लाख गबन के आरोप में दो ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों पर केस दर्ज
विज्ञापन
105 लाख गबन के आरोप में दो ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों पर केस दर्ज
बड़ौदा यूपी बैंक पिड़िया बाजार शाखा का मामला
शाखा प्रबंधक ने दर्ज कराया केस, जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के बड़ौदा यूपी बैंक पिड़िया बाजार शाखा से जुड़े दो ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों ने धोखाधड़ी करके 105 लाख रुपये का गबन कर लिया। ऐसा आरोप लगाते हुए शाखा प्रबंधक की ओर से सोमवार को दोनों ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों के खिलाफ महुली थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया गया।
शाखा प्रबंधक मयंक सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह का आरोप है कि बड़ौदा यूपी बैंक पिड़िया बाजार शाखा का ग्राहक सेवा केंद्र सुकरौली के नाम से संचालित होता है। इसके संचालक बरौली गांव निवासी इंदल पुत्र राम ललित हैं। इसी तरह धनघटा क्षेत्र के गाईबंसतपुर निवासी राधेश्याम पुत्र राम करन बेलहरा के नाम से ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करते हैं। इन दोनों लोगों ने मिलकर तत्कालीन शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार ओझा कीआईडी पासवर्ड का उपयोग करते हुए 2726 लोगों का प्रधानमंत्री जन-धन योजना में बचत खाता खोला है। इनमें अधिकांश निर्वाचन कार्ड व अन्य आईडी कार्ड पर खाता खोले गए हैं, जिसमें कुछ फेक भी हो सकते हैं। संबंधित खातों का खाता ओपन फॉर्म शाखा पर उपलब्ध नहीं कराया गया। इन खातों में तमाम सरकारी योजनाओं की रकम जैसे छात्रवृत्ति, आवास, पीएम गरीब कल्याण योजना समेत तमाम मद के 105 लाख रुपये जमा हुए थे। जिसका आहरण इन दोनों ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालक व कुछ अन्य ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों के जरिए किया गया है। 2626 पीएमजेडीवाई खातों में से 609 खातों का तत्कालीन शाखा प्रबंधक के निजी अवकाश एवं सार्वजनिक अवकाश के दौरान खाता खोला गया। इससे स्पष्ट होता है कि उपरोक्त लोगों ने शाखा का विश्वास भंग करते हुए 105 लाख रुपये का गबन किया है। इस मामले में शाखा प्रबंधक ने महुली पुलिस को तहरीर दी। एसओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शाखा प्रबंधक की तहरीर पर ग्राहक सेवा केंद्र संचालक बरौली गांव निवासी इंदल और धनघटा क्षेत्र के गाईबसंतपुर निवासी राधेश्याम के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बड़ौदा यूपी बैंक पिड़िया बाजार शाखा का मामला
शाखा प्रबंधक ने दर्ज कराया केस, जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के बड़ौदा यूपी बैंक पिड़िया बाजार शाखा से जुड़े दो ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों ने धोखाधड़ी करके 105 लाख रुपये का गबन कर लिया। ऐसा आरोप लगाते हुए शाखा प्रबंधक की ओर से सोमवार को दोनों ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों के खिलाफ महुली थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया गया।
शाखा प्रबंधक मयंक सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह का आरोप है कि बड़ौदा यूपी बैंक पिड़िया बाजार शाखा का ग्राहक सेवा केंद्र सुकरौली के नाम से संचालित होता है। इसके संचालक बरौली गांव निवासी इंदल पुत्र राम ललित हैं। इसी तरह धनघटा क्षेत्र के गाईबंसतपुर निवासी राधेश्याम पुत्र राम करन बेलहरा के नाम से ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करते हैं। इन दोनों लोगों ने मिलकर तत्कालीन शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार ओझा कीआईडी पासवर्ड का उपयोग करते हुए 2726 लोगों का प्रधानमंत्री जन-धन योजना में बचत खाता खोला है। इनमें अधिकांश निर्वाचन कार्ड व अन्य आईडी कार्ड पर खाता खोले गए हैं, जिसमें कुछ फेक भी हो सकते हैं। संबंधित खातों का खाता ओपन फॉर्म शाखा पर उपलब्ध नहीं कराया गया। इन खातों में तमाम सरकारी योजनाओं की रकम जैसे छात्रवृत्ति, आवास, पीएम गरीब कल्याण योजना समेत तमाम मद के 105 लाख रुपये जमा हुए थे। जिसका आहरण इन दोनों ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालक व कुछ अन्य ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों के जरिए किया गया है। 2626 पीएमजेडीवाई खातों में से 609 खातों का तत्कालीन शाखा प्रबंधक के निजी अवकाश एवं सार्वजनिक अवकाश के दौरान खाता खोला गया। इससे स्पष्ट होता है कि उपरोक्त लोगों ने शाखा का विश्वास भंग करते हुए 105 लाख रुपये का गबन किया है। इस मामले में शाखा प्रबंधक ने महुली पुलिस को तहरीर दी। एसओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शाखा प्रबंधक की तहरीर पर ग्राहक सेवा केंद्र संचालक बरौली गांव निवासी इंदल और धनघटा क्षेत्र के गाईबसंतपुर निवासी राधेश्याम के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन