{"_id":"6605bc035dbb191b6f0b8084","slug":"british-maulana-shamshuls-property-seized-one-days-extension-given-to-madrasa-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-111957-2024-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: ब्रिटिश मौलाना शमशुल की संपत्ति सीज, मदरसे को एक दिन की मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: ब्रिटिश मौलाना शमशुल की संपत्ति सीज, मदरसे को एक दिन की मोहलत
Fri, 29 Mar 2024 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:20 AM IST
विज्ञापन
- मौलाना का आवास सील, खाली जमीन को प्रशासन ने कब्जे में लिया
- किराएदारों को कराया गया बाहर, मदरसे में दीनी शिक्षा ले रहे 400 बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दोहरी नागरिकता रखने वाले ब्रिटिश मौलाना शमशुल होदा खान की दो करोड़ की संपत्ति प्रशासन ने सीज कर दी है। एसडीएम सदर शैलेश कुमार दूबे की अगुवाई में तहसील प्रशासन की टीम ने मौलाना के आवास व खाली जमीन को कब्जे में ले लिया। आवास में रह रहे किराएदारों को बाहर कराने के बाद गेट पर सील लगा दिया गया। वहीं मदरसा में दीनी शिक्षा के लिए 400 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसकी वजह से मदरसा को शैक्षणिक सामग्री हटाकर खाली कराने के लिए एक दिन की मोहलत दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र स्थित देवरिया लाल गांव के निवासी मौलाना शमशुल होदा खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसे में तैनात रहा। इसी दौरान वर्ष 2013 में मौलाना के ब्रिटिश नागरिकता लेने का मामला आया। जिसके बाद ब्रिटेन में रहते हुए वह मदरसे से वेतन उठाता रहा। वर्ष 2017 में शमशुल होदा खान ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद दोहरी नागरिकता के बाद भी वह मदरसे से पेंशन ले रहा था।
सरकारी नौकरी के दौरान विभाग से बिना अनुमति के मौलाना ने विदेश दौरा किया। मौलाना मैनचेस्टर (इंग्लैड) में पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी चला रहा है और उसमें इस्लामिक शिक्षक है। विदेश में रहने के दौरान ही उसने वर्ष 2014 में एजुकेशनल व वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 640 वर्ग मीटर, वर्ष 2017 में 189.75 वर्ग मीटर, वर्ष 2018 में अलग-अलग 192.84 वर्ग मीटर व 208.27 वर्ग मीटर जमीन असली पहचान छिपाकर रजिस्ट्री कराई थी। शिकायत के बाद हुई जांच में भी मामला उजागर हुआ। जिसके बाद मामला डीएम के कोर्ट में पहुंचा और डीएम ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद 12 फरवरी को राज्य सरकार के पक्ष में भूमि निहित करने का आदेश पारित किया था।
विज्ञापन
21 मार्च को नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी की अगुवाई में तहसील की टीम ने पहुंचकर नोटिस चस्पा कर आवासीय परिसर में रह रहे किराएदारों को खाली करने के लिए समय दिया था। एसडीएम के अगुवाई में पहुंची तहसील की राजस्व टीम ने सभी संपत्ति को सीज कर दिया। आवासीय मकान पर भी ताला लगा दिया। साथ ही मदरसे में शिक्षणकार्य से संबंधित सामग्री की सूची तैयार करके 24 घंटे के भीतर खाली करने का अल्टीमेटम दिया।
मौलाना के मकान में रह रहे किराएदारों को बाहरकर गेट पर ताला लगाकर सील कर दिया गया है। साथ ही उसे सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया है। मदरसा के लिए एक दिन की मोहलत दी गई है। न खाली करने पर शिक्षण कार्य से संबंधित सभी उपकरणों के साथ सील कर दिया जाएगा।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम, खलीलाबाद
विज्ञापन
- किराएदारों को कराया गया बाहर, मदरसे में दीनी शिक्षा ले रहे 400 बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दोहरी नागरिकता रखने वाले ब्रिटिश मौलाना शमशुल होदा खान की दो करोड़ की संपत्ति प्रशासन ने सीज कर दी है। एसडीएम सदर शैलेश कुमार दूबे की अगुवाई में तहसील प्रशासन की टीम ने मौलाना के आवास व खाली जमीन को कब्जे में ले लिया। आवास में रह रहे किराएदारों को बाहर कराने के बाद गेट पर सील लगा दिया गया। वहीं मदरसा में दीनी शिक्षा के लिए 400 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसकी वजह से मदरसा को शैक्षणिक सामग्री हटाकर खाली कराने के लिए एक दिन की मोहलत दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र स्थित देवरिया लाल गांव के निवासी मौलाना शमशुल होदा खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसे में तैनात रहा। इसी दौरान वर्ष 2013 में मौलाना के ब्रिटिश नागरिकता लेने का मामला आया। जिसके बाद ब्रिटेन में रहते हुए वह मदरसे से वेतन उठाता रहा। वर्ष 2017 में शमशुल होदा खान ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद दोहरी नागरिकता के बाद भी वह मदरसे से पेंशन ले रहा था।
विज्ञापन
सरकारी नौकरी के दौरान विभाग से बिना अनुमति के मौलाना ने विदेश दौरा किया। मौलाना मैनचेस्टर (इंग्लैड) में पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी चला रहा है और उसमें इस्लामिक शिक्षक है। विदेश में रहने के दौरान ही उसने वर्ष 2014 में एजुकेशनल व वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 640 वर्ग मीटर, वर्ष 2017 में 189.75 वर्ग मीटर, वर्ष 2018 में अलग-अलग 192.84 वर्ग मीटर व 208.27 वर्ग मीटर जमीन असली पहचान छिपाकर रजिस्ट्री कराई थी। शिकायत के बाद हुई जांच में भी मामला उजागर हुआ। जिसके बाद मामला डीएम के कोर्ट में पहुंचा और डीएम ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद 12 फरवरी को राज्य सरकार के पक्ष में भूमि निहित करने का आदेश पारित किया था।
विज्ञापन
21 मार्च को नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी की अगुवाई में तहसील की टीम ने पहुंचकर नोटिस चस्पा कर आवासीय परिसर में रह रहे किराएदारों को खाली करने के लिए समय दिया था। एसडीएम के अगुवाई में पहुंची तहसील की राजस्व टीम ने सभी संपत्ति को सीज कर दिया। आवासीय मकान पर भी ताला लगा दिया। साथ ही मदरसे में शिक्षणकार्य से संबंधित सामग्री की सूची तैयार करके 24 घंटे के भीतर खाली करने का अल्टीमेटम दिया।
मौलाना के मकान में रह रहे किराएदारों को बाहरकर गेट पर ताला लगाकर सील कर दिया गया है। साथ ही उसे सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया है। मदरसा के लिए एक दिन की मोहलत दी गई है। न खाली करने पर शिक्षण कार्य से संबंधित सभी उपकरणों के साथ सील कर दिया जाएगा।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम, खलीलाबाद