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ब्रिटिश मौलाना प्रकरण : एनआईए और ईडी की जांच से कई विभागों की सांसें अटकी
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- ब्रिटेन में है गबन व अन्य कई मामलों का आरोपी मौलाना
- वेतन, भत्ते को लेकर आजमगढ़ में भी गठित है जांच टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान व उसके परिवार पर दिन प्रतिदिन कानूनी शिकंजा कसजा जा रहा है। उसके घर पर तीन दिन पूर्व हुई ईडी की जांच और अब एनआईए की जांच शुरू होने के बाद कई विभाग के अधिकारियों की सांसें अटक गई हैं। गबन व अन्य कई मामलों का आरोपी मौलाना ब्रिटेन में है। जबकि वेतन, भत्ता व पेंशन आदि मामलों की जांच के लिए आजमगढ़ में जांच टीम गठित हुई है।
अभी तक हुई जांच में मौलाना के द्वारा सरकारी कोष से 16 लाख 59 हजार 555 रुपये हड़पने की पुष्टि हुई है। इसके संबंध में आजमगढ़ के मुबारकपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज है।
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खलीलाबाद शहर के मीट मंडी रोड स्थित मौलाना शमशुल हुदा खान के घर पर बुधवार को ईडी की टीम ने छापा मारकर लगभग 16 घंटा तक जांच पड़ताल की। इसके साथ ही इसी दिन आजमगढ़ के मिल्लतनगर स्थित मकान पर भी ईडी की टीम ने जांच पड़ताल की। जहां से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इधर दो दिन पूर्व एनआईए की टीम भी जिले में पहुंचकर सरकारी कार्यालयों से मौलाना से संबंधित अभिलेख की तलाश शुरू कर दी है।
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प्रकरण में ईडी और एनआईए के दखल के बाद कई विभाग के अधिकारियों की सांसें अटक गई हैं। वर्ष 2013 में ब्रिटिश नागरिकता के बाद वेतन लेने व अन्य सरकारी लाभ लेने के साथ ही अकूत संपत्ति अर्जित कर करोड़ों रुपये के लागत से आलीशान मदरसा खड़ा करने के बीच में जिस भी विभाग की संलिप्तता जांच में मिलती है, उन पर कार्रवाई की संभावना बन रही है।
ईडी की जांच में यह हुआ उजागर
ईडी की प्रेस विज्ञप्ति में करोड़ों रुपये का मामला सामने आया है। ईडी के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मौलाना व उनके परिजनों का व्यक्तिगत खाता है। इनमें रजा फाउंडेशन तथा कुलियातुल बनातिर रजाबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के नाम से खाते शामिल हैं। खातों में पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। वित्तीय जांच में 2007 से 2025 के बीच हुए महत्वपूर्ण लेनदेन का खुलासा हुआ है। जांच में यह भी साबित हुआ है कि भारतीय नागरिकता समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से वेतन और पेंशन लाभ प्राप्त की गई है। आवासीय परिसर में तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप 17 अचल संपत्तियों के अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और अभिलेख बरामद और जब्त किए गए। इन संपत्तियों का घोषित खरीद मूल्य लगभग तीन करोड़ रुपये है। इनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि अपराध से प्राप्त आय की मात्रा का पता लगाया जा सके।
समाज कल्याण विभाग के इन लोगों पर हो चुकी है कार्रवाई
मौलाना शमशुल हुदा खान मामले की एटीएस की जांच के बाद कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। मौलाना प्रकरण चर्चा में आने व एटीएस की रिपोर्ट के बाद शासन गंभीर हो गया है और महकमे में हड़कंप मच गया। प्रदेश सरकार के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडेय, आजमगढ़ के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह, लालमन और प्रभात कुमार को निलंबित कर दिया गया। इन उच्चाधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद पूरा महकमा सकते में है, और वहीं अब अन्य विभाग के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।