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भाकियू ने बीएमसीटी मार्ग जाम किया
संतकबीरनगर
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:38 PM IST
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भाकियू ने बीएमसीटी मार्ग जाम किया
- फोटो : अमर उजाला
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मेंहदावल (संतकबीरनगर)। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के कार्यकर्ताओं ने 18 सूत्री मांगों के लिए मंगलवार को तहसील के सामने बीएमसीटी मार्ग को जाम कर धरने पर बैठ गए। तहसील के सामने लगे जाम से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर एसडीएम जसधीर सिंह यादव पहुंचे और ज्ञापन लेकर जाम को समाप्त कराया। इस दौरान एक घंटे तक मार्ग जाम रहा।
भाकियू जिलाध्यक्ष रामवृक्ष पटेल ने कहा कि किसान आयोग का गठन करते हुए किसानों के विकास व हित के लिए कार्य किया जाए। किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले, इसकी व्यवस्था सरकार करे। वर्तमान में केंद्र व प्रदेश सरकार किसान व आम आवाम की उपेक्षा कर रही है। विकास का पहिया ठप है। शासन व प्रशासन बेलगाम हो कर लोगों का उत्पीड़न कर रहा है। सरकार की जन विरोधी नीतियों व किसानों की उपेक्षा पर संगठन मौन नहीं रह सकता है। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर एक से 10 दिसंबर तक संगठन विशेष अभियान चलाते हुए किसानों के हक व अधिकार के लिए सड़कों पर संघर्ष करने के लिए बाध्य है। 60 वर्ष से ऊपर के किसानों को पांच हजार रुपये पेंशन, किसान आयोग द्वारा फसलों का मूल्य निर्धारण, दुर्घटना में मरने वाले किसानों के परिवार को एक करोड़ की धनराशि देने समेत कुल 18 सूत्री मांग का ज्ञापन दिया गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान रणजीत सिंह, बाबूराम, विश्वनाथ प्रजापति, मनोज मिश्रा, मंजू गौंड, फूला देवी, राम अवध, इंद्रावती आदि मौजूद रहीं।
भाकियू जिलाध्यक्ष रामवृक्ष पटेल ने कहा कि किसान आयोग का गठन करते हुए किसानों के विकास व हित के लिए कार्य किया जाए। किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले, इसकी व्यवस्था सरकार करे। वर्तमान में केंद्र व प्रदेश सरकार किसान व आम आवाम की उपेक्षा कर रही है। विकास का पहिया ठप है। शासन व प्रशासन बेलगाम हो कर लोगों का उत्पीड़न कर रहा है। सरकार की जन विरोधी नीतियों व किसानों की उपेक्षा पर संगठन मौन नहीं रह सकता है। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर एक से 10 दिसंबर तक संगठन विशेष अभियान चलाते हुए किसानों के हक व अधिकार के लिए सड़कों पर संघर्ष करने के लिए बाध्य है। 60 वर्ष से ऊपर के किसानों को पांच हजार रुपये पेंशन, किसान आयोग द्वारा फसलों का मूल्य निर्धारण, दुर्घटना में मरने वाले किसानों के परिवार को एक करोड़ की धनराशि देने समेत कुल 18 सूत्री मांग का ज्ञापन दिया गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान रणजीत सिंह, बाबूराम, विश्वनाथ प्रजापति, मनोज मिश्रा, मंजू गौंड, फूला देवी, राम अवध, इंद्रावती आदि मौजूद रहीं।
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