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Sant Kabir Nagar News: दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Wed, 03 Jan 2024 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:30 PM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पाक्सों एक्ट ने खारिज किया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने नाबालिग लड़की को भगाने, दुष्कर्म करने के आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि कोतवाली थाना खलीलाबाद क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने तहरीर दी थी। बताया था कि चार दिसंबर 2023 को दिन में दो बजे उसकी लड़की, जिसकी उम्र 14 वर्ष है, को उसके ही गांव का लड़का बहला-फुसला कर बुलाकर अपने कमरे में बंद कर दिया। उसने काफी खोजबीन की। किंतु नहीं मिली। अगले दिन उसको कुछ लोगों से जानकारी मिली कि उसकी लड़की आरोपी के घर है। वह गांव के कुछ लोगों के साथ आरोपी के घर गई तो उसकी लड़की आरोपी के घर मिली। उसे अपने घर लाई। इसमें आरोपी के पिता व आरोपी की भाभी ने सहयोग किया।
आरोपी पुनः छह दिसंबर की रात को घर से बुलाकर कहीं लेकर फरार हो गया। आरोपी उसके और उसके देवर के मोबाइल नंबर पर बार-बार मैसेज कर रहा है। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। कहा कि वह निर्दोष है। उसने कोई जुर्म नहीं किया न ही पीड़िता के साथ कोई अपराध किया है। उसने अपहरण नहीं किया है।
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विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने, उससे दुष्कर्म करने का कृत्य किया है। यह गंभीर अपराध है। जमानत पाने का पात्र नहीं है।
पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में आरोपी पर छेड़खानी करने व जबरदस्ती संबंध बनाने की बात कही है। कोर्ट ने मामले के उपरोक्त तथ्य और परिस्थितियों तथा अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने नाबालिग लड़की को भगाने, दुष्कर्म करने के आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि कोतवाली थाना खलीलाबाद क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने तहरीर दी थी। बताया था कि चार दिसंबर 2023 को दिन में दो बजे उसकी लड़की, जिसकी उम्र 14 वर्ष है, को उसके ही गांव का लड़का बहला-फुसला कर बुलाकर अपने कमरे में बंद कर दिया। उसने काफी खोजबीन की। किंतु नहीं मिली। अगले दिन उसको कुछ लोगों से जानकारी मिली कि उसकी लड़की आरोपी के घर है। वह गांव के कुछ लोगों के साथ आरोपी के घर गई तो उसकी लड़की आरोपी के घर मिली। उसे अपने घर लाई। इसमें आरोपी के पिता व आरोपी की भाभी ने सहयोग किया।
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आरोपी पुनः छह दिसंबर की रात को घर से बुलाकर कहीं लेकर फरार हो गया। आरोपी उसके और उसके देवर के मोबाइल नंबर पर बार-बार मैसेज कर रहा है। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। कहा कि वह निर्दोष है। उसने कोई जुर्म नहीं किया न ही पीड़िता के साथ कोई अपराध किया है। उसने अपहरण नहीं किया है।
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विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने, उससे दुष्कर्म करने का कृत्य किया है। यह गंभीर अपराध है। जमानत पाने का पात्र नहीं है।
पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में आरोपी पर छेड़खानी करने व जबरदस्ती संबंध बनाने की बात कही है। कोर्ट ने मामले के उपरोक्त तथ्य और परिस्थितियों तथा अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।