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दो लाख के लालच में बन गया हत्यारा
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कोतवाली और महुली की पुलिस टीम ने रविवार को बनियाबारी के पास से अधिवक्ता हत्याकांड के तीसरे 20 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दो लाख की लालच में फंस कर वह वारदात में शामिल हो गया।
एसपी ब्रजेश सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी की सात सितंबर को लखनऊ में हत्या करके शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। मुख्य आरोपी सुभाष कन्नौजिया और सोमनाथ सोलंकी को गिरफ्तार करके पूर्व में ही जेल भेज चुकी है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही थी। इसी बीच कोतवाल श्रीप्रकाश यादव ने सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर महुली प्रदीप कुमार सिंह के सहयोग से रविवार को बिधियानी के पास से तीसरे फरार चल रहे आरोपी सूरज उर्फ मुनिराम पुत्र राम दुलारे निवासी बगाही, थाना-नगर, जनपद बस्ती को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सूरज ने बताया कि मुख्य आरोपी सुभाष कनौजिया ने प्रापर्टी डीलिंग और अपने भाई सुरेश कन्नौजिया से चल रहे मुकदमे के विवाद की वजह से अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी की हत्या की योजना बनाई थी। उसे घटना में शामिल होने एवज में दो लाख रुपये देने की बात कही गई थी। लालच में आकर वह वारदात में शामिल हो गया।
पुलिस के अनुसार, पूर्व योजना के तहत सुभाष कन्नौजिया ने अधिवक्ता को समझौते के लिए लखनऊ बुलाया। यहां सुनियोजित तरीके से सुभाष कन्नौजिया, सोमनाथ सोलंकी और सूरज ने मिलकर अधिवक्ता की हत्या करके शव इंदिरा नहर में फेंक दिया। बाद में अधिवक्ता के दोनों मोबाइल को चारबाग रेलवे स्टेशन पर अलग- अलग ट्रेनों में रख दिए गए। पकड़े गए हत्यारोपी को जेल भेज दिया गया।
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संतकबीरनगर। कोतवाली और महुली की पुलिस टीम ने रविवार को बनियाबारी के पास से अधिवक्ता हत्याकांड के तीसरे 20 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दो लाख की लालच में फंस कर वह वारदात में शामिल हो गया।
एसपी ब्रजेश सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी की सात सितंबर को लखनऊ में हत्या करके शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। मुख्य आरोपी सुभाष कन्नौजिया और सोमनाथ सोलंकी को गिरफ्तार करके पूर्व में ही जेल भेज चुकी है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही थी। इसी बीच कोतवाल श्रीप्रकाश यादव ने सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर महुली प्रदीप कुमार सिंह के सहयोग से रविवार को बिधियानी के पास से तीसरे फरार चल रहे आरोपी सूरज उर्फ मुनिराम पुत्र राम दुलारे निवासी बगाही, थाना-नगर, जनपद बस्ती को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सूरज ने बताया कि मुख्य आरोपी सुभाष कनौजिया ने प्रापर्टी डीलिंग और अपने भाई सुरेश कन्नौजिया से चल रहे मुकदमे के विवाद की वजह से अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी की हत्या की योजना बनाई थी। उसे घटना में शामिल होने एवज में दो लाख रुपये देने की बात कही गई थी। लालच में आकर वह वारदात में शामिल हो गया।
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पुलिस के अनुसार, पूर्व योजना के तहत सुभाष कन्नौजिया ने अधिवक्ता को समझौते के लिए लखनऊ बुलाया। यहां सुनियोजित तरीके से सुभाष कन्नौजिया, सोमनाथ सोलंकी और सूरज ने मिलकर अधिवक्ता की हत्या करके शव इंदिरा नहर में फेंक दिया। बाद में अधिवक्ता के दोनों मोबाइल को चारबाग रेलवे स्टेशन पर अलग- अलग ट्रेनों में रख दिए गए। पकड़े गए हत्यारोपी को जेल भेज दिया गया।
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