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Sant Kabir Nagar News: पिता के बाद परिवार का सहारा बना था आरिफ
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सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के कोहरियावां गांव निवासी 29 वर्षीय मोहम्मद आरिफ की सड़क हादसे में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दो साल पहले पिता के निधन के बाद आरिफ ने परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। मेहनत कर गल्ले का कारोबार चलाने वाले आरिफ से मां, छोटे भाई और बहनों की उम्मीदें जुड़ी थीं। बुधवार रात हुए हादसे ने परिवार का वह मजबूत सहारा छीन लिया, जिसके भरोसे घर की गाड़ी चल रही थी।
तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा आरिफ पिता स्व. मोहम्मद मुंजिर की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। वह अपने मामा के साथ गल्ले का कारोबार करता था। इसी कमाई से मां और भाई-बहनों की जरूरतें पूरी होती थीं। परिवार के लोगों के मुताबिक, आरिफ मेहनती और संघर्षशील था। घर की जिम्मेदारियों को लेकर वह हमेशा गंभीर रहता था।
बुधवार को आरिफ पिपरा हसनपुर स्थित अपनी ननिहाल से पिकअप लेकर मजदूर सुभाष के साथ गोरखपुर अनाज बेचने गया था। लौटते समय देर हो गई। रात में खलीलाबाद के पास ढाबे पर खाना खाने के बाद वह घर के लिए निकला था। करीब साढ़े 11:00 बजे खलीलाबाद-बरदहिया ओवरब्रिज के पास अज्ञात वाहन ने पिकअप में टक्कर मार दी। आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई।
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बेटे की मौत से बदहवास मां, भाई-बहनों के भविष्य की चिंता
आरिफ की मौत की खबर घर पहुंचते ही मां जन्नतुन्निशां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पति को खोने के बाद जिस बेटे को उन्होंने परिवार का सहारा माना था, उसके अचानक चले जाने से वह बदहवास हैं। छोटे भाई मोहम्मद तारिक (25) भी कारोबार करते हैं, जबकि 16 वर्षीय मोहम्मद तारिफ और दोनों बहनें अभी पढ़ाई कर रही हैं।
परिवार के लिए आरिफ की मौत केवल एक सदस्य को खोने का दुख नहीं है, बल्कि उस सहारे का छिन जाना है, जो पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारियां संभाल रहा था, जिस बेटे से मां को बुढ़ापे के सहारे और भाई-बहनों को आगे बढ़ने की उम्मीद थी, उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा आरिफ पिता स्व. मोहम्मद मुंजिर की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। वह अपने मामा के साथ गल्ले का कारोबार करता था। इसी कमाई से मां और भाई-बहनों की जरूरतें पूरी होती थीं। परिवार के लोगों के मुताबिक, आरिफ मेहनती और संघर्षशील था। घर की जिम्मेदारियों को लेकर वह हमेशा गंभीर रहता था।
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बुधवार को आरिफ पिपरा हसनपुर स्थित अपनी ननिहाल से पिकअप लेकर मजदूर सुभाष के साथ गोरखपुर अनाज बेचने गया था। लौटते समय देर हो गई। रात में खलीलाबाद के पास ढाबे पर खाना खाने के बाद वह घर के लिए निकला था। करीब साढ़े 11:00 बजे खलीलाबाद-बरदहिया ओवरब्रिज के पास अज्ञात वाहन ने पिकअप में टक्कर मार दी। आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई।
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बेटे की मौत से बदहवास मां, भाई-बहनों के भविष्य की चिंता
आरिफ की मौत की खबर घर पहुंचते ही मां जन्नतुन्निशां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पति को खोने के बाद जिस बेटे को उन्होंने परिवार का सहारा माना था, उसके अचानक चले जाने से वह बदहवास हैं। छोटे भाई मोहम्मद तारिक (25) भी कारोबार करते हैं, जबकि 16 वर्षीय मोहम्मद तारिफ और दोनों बहनें अभी पढ़ाई कर रही हैं।
परिवार के लिए आरिफ की मौत केवल एक सदस्य को खोने का दुख नहीं है, बल्कि उस सहारे का छिन जाना है, जो पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारियां संभाल रहा था, जिस बेटे से मां को बुढ़ापे के सहारे और भाई-बहनों को आगे बढ़ने की उम्मीद थी, उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।