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बिना सूचना पोखरा आवंटन पर भड़के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2018 11:32 PM IST
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते कोल्हुआ लकड़ा गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद क्षेत्र के कोल्हुआ लकड़ा गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिना सूचना के गांव के पोखरे के आवंटन का आरोप लगाया। डीएम को मांगो का ज्ञापन देकर पोखरा आवंटन निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीण गिरीश राय, श्यामा देवी, राजेश राय, मदनमोहन, ऊषा देवी, गुंजेश्वरी, चंद्रशेखर, मोलहू, रामसेवक, छोटेलाल आदि का कहना था कि उनके गांव के पोखरे का आवंटन कुछ लोगों की मिलीभगत से बिना सूचना के आवंटन कर दिया गया। मत्स्य पालन के लिए अगर पोखरे का आवंटन करना है तो उसकी सूचना देेनी चाहिए थी। गांव में डुग्गी मुनादी नहीं कराई गई।
पोखरे से गांव के लोग अपने खेतों की सिंचाई करते है इसके अतिरिक्त सिंचाई का अन्य कोइ साधन नहीं है। गांव के लोगो के जानवरों को पानी पीने का एकमात्र स्थान पोखरा ही है। पोखरा जिसके नाम से आवंटित हुआ है वह लोगों को पोखरे के पास नहीं जाने दे रहे है। जिससे ग्रामीणो को काफी परेशानी हो रही है।
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ग्रामीणों ने डीएम से पोखरे का आवंटन निरस्त करने की मांग की। इस दौरान राजमती देवी, संग्राम, प्रभा देवी, उर्मिला देवी, जीतन, भानमती, ध्रुव चंद, अशोक, अनुपम, कनकलता, इंद्रावती, इंद्रजीत, श्यामवती, संदीप, प्रिंस, प्रीति, किताबी, संतोष आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण गिरीश राय, श्यामा देवी, राजेश राय, मदनमोहन, ऊषा देवी, गुंजेश्वरी, चंद्रशेखर, मोलहू, रामसेवक, छोटेलाल आदि का कहना था कि उनके गांव के पोखरे का आवंटन कुछ लोगों की मिलीभगत से बिना सूचना के आवंटन कर दिया गया। मत्स्य पालन के लिए अगर पोखरे का आवंटन करना है तो उसकी सूचना देेनी चाहिए थी। गांव में डुग्गी मुनादी नहीं कराई गई।
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पोखरे से गांव के लोग अपने खेतों की सिंचाई करते है इसके अतिरिक्त सिंचाई का अन्य कोइ साधन नहीं है। गांव के लोगो के जानवरों को पानी पीने का एकमात्र स्थान पोखरा ही है। पोखरा जिसके नाम से आवंटित हुआ है वह लोगों को पोखरे के पास नहीं जाने दे रहे है। जिससे ग्रामीणो को काफी परेशानी हो रही है।
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ग्रामीणों ने डीएम से पोखरे का आवंटन निरस्त करने की मांग की। इस दौरान राजमती देवी, संग्राम, प्रभा देवी, उर्मिला देवी, जीतन, भानमती, ध्रुव चंद, अशोक, अनुपम, कनकलता, इंद्रावती, इंद्रजीत, श्यामवती, संदीप, प्रिंस, प्रीति, किताबी, संतोष आदि मौजूद रहे।