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पथरी के ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत
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पथरी के ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत
गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा, संचालक और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर फरार
कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर माने परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कोतवाली क्षेत्र के मगहर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान बुधवार को एक महिला की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों और गांव के लोगों ने शव रख कर प्राइवेट अस्पताल संचालक और कर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया।
आरोप है कि बिना अभिभावक को बताए ही मनमाने तरीके से महिला की पथरी का ऑपरेशन किया गया। अस्पताल संचालक और कर्मियों की लापरवाही की वजह से महिला की मौत हो गई। हंगामा के पूर्व ही संचालक और कर्मी अस्पताल छोड़कर भाग गए।
बयारा निवासी मुकेश यादव ने बताया कि उनकी 35 वर्षीय भाभी सुनीता देवी पत्नी दिलीप यादव के पेट में दर्द हुआ। उन्हें मगहर से रसूलपुर गांव जाने वाले रास्ते पर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में 24 अप्रैल को भर्ती कराया गया। आरोप है कि गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के लिए बुधवार को सुबह नौ बजे समय दिया गया था लेकिन अस्पताल के चिकित्सक व कर्मचारियों ने परिजनों को बिना सूचना दिए चार घंटे पहले ही मनमाने तरीके व बिना अभिभावक के हस्ताक्षर के ऑपरेशन कर दिया। जब मरीज की हालत बिगड़ गई तो अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को पुन: उक्त प्राइवेट अस्पताल पर लेकर पहुंच गए। इस घटना के बाद मृतक के गांव के लोगों के साथ काफी संख्या में परिचित और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। लोग इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस बीच अस्पताल के संचालक व कर्मचारी अस्पताल छोड़ कर भाग गए। घटना की सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी बलराम यादव फोर्स के साथ अस्पताल पर पहुंच गए और लोगों को शांत कराए। कोतवाल विजय नारायण ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अस्पताल के संचालक से उनके मोबाइल फोन पर बात की गई तो उन्होंने बाद में बात करने का हवाला देकर फोन काट दिया।
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मां की मौत पर बिलख रही थी बेटी
बयारा निवासी दिलीप यादव खुद का टैंकर चलकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी इकलौती दस वर्षीय बेटी शिवांगी है। रिश्तेदार गोरखपुर जिले के रनियापुर गांव निवासी शंकर यादव ने बताया कि दिलीप के घर में उनके भाई, पत्नी सुनीता देवी व इकलौती बेटी शिवांगी हैं। मां की मौत से बेटी बिलख रही थी। घटना से गांव के लोग भी गमगीन थे और प्राइवेट अस्पताल संचालक व अन्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा, संचालक और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर फरार
कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर माने परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कोतवाली क्षेत्र के मगहर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान बुधवार को एक महिला की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों और गांव के लोगों ने शव रख कर प्राइवेट अस्पताल संचालक और कर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया।
आरोप है कि बिना अभिभावक को बताए ही मनमाने तरीके से महिला की पथरी का ऑपरेशन किया गया। अस्पताल संचालक और कर्मियों की लापरवाही की वजह से महिला की मौत हो गई। हंगामा के पूर्व ही संचालक और कर्मी अस्पताल छोड़कर भाग गए।
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बयारा निवासी मुकेश यादव ने बताया कि उनकी 35 वर्षीय भाभी सुनीता देवी पत्नी दिलीप यादव के पेट में दर्द हुआ। उन्हें मगहर से रसूलपुर गांव जाने वाले रास्ते पर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में 24 अप्रैल को भर्ती कराया गया। आरोप है कि गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के लिए बुधवार को सुबह नौ बजे समय दिया गया था लेकिन अस्पताल के चिकित्सक व कर्मचारियों ने परिजनों को बिना सूचना दिए चार घंटे पहले ही मनमाने तरीके व बिना अभिभावक के हस्ताक्षर के ऑपरेशन कर दिया। जब मरीज की हालत बिगड़ गई तो अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को पुन: उक्त प्राइवेट अस्पताल पर लेकर पहुंच गए। इस घटना के बाद मृतक के गांव के लोगों के साथ काफी संख्या में परिचित और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। लोग इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस बीच अस्पताल के संचालक व कर्मचारी अस्पताल छोड़ कर भाग गए। घटना की सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी बलराम यादव फोर्स के साथ अस्पताल पर पहुंच गए और लोगों को शांत कराए। कोतवाल विजय नारायण ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अस्पताल के संचालक से उनके मोबाइल फोन पर बात की गई तो उन्होंने बाद में बात करने का हवाला देकर फोन काट दिया।
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मां की मौत पर बिलख रही थी बेटी
बयारा निवासी दिलीप यादव खुद का टैंकर चलकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी इकलौती दस वर्षीय बेटी शिवांगी है। रिश्तेदार गोरखपुर जिले के रनियापुर गांव निवासी शंकर यादव ने बताया कि दिलीप के घर में उनके भाई, पत्नी सुनीता देवी व इकलौती बेटी शिवांगी हैं। मां की मौत से बेटी बिलख रही थी। घटना से गांव के लोग भी गमगीन थे और प्राइवेट अस्पताल संचालक व अन्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।