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केंद्रीय बजट से प्रदूषण मुक्त होगी आमी नदी
Thu, 27 Dec 2018 11:17 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 27 Dec 2018 11:17 PM IST
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केंद्रीय बजट से प्रदूषण मुक्त होगी आमी नदी
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। संत कबीर के अनुयायियों के लिए गंगा के समान पवित्र मानी जाने वाली आमी नदी को प्रदूषण मुक्त करने एवं जलप्रवाह को अविरल बनाए रखने के लिए अब केंद्रीय बजट से काम शुरू कराने की पहल हुई है। एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी के निर्देश पर जल निगम ‘आमी’ को प्रदूषण मुक्त करने के लिए डीपीआर तैयार रहा रहा है। ‘आमी’ में दो स्थानों पर गिरने वाले गंदे नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए जल शोधन संयंत्र लगाने की तैयारी चल रही है। इसमें एक स्थान के लिए 16 करोड़ का डीपीआर भी तैयार हो गया है, जबकि दूसरे स्थान के लिए भी जल्द कार्य शुरू हो जाएगा।
सिद्धार्थनगर के जिले के सिकोहरा ताल से निकली ‘आमी’ की कुल लंबाई 136 किलोमीटर है। इसमें 70 किलोमीटर का हिस्सा संतकबीरनगर जिले में पड़ता है। दोनों तरफ करीब 100 से अधिक गांव बसे हैं। पहले यह नदी आसपास बसे गांवों के लिए वरदान थी। लोग खेतों की सिंचाई ‘आमी’ के पानी से करते थे, लेकिन अब यह नदी प्रदूषित हो चुकी है। औद्योगिक संस्थानों का कचरा व शहरी गंदे नालों के पानी से नदी का जल बदरंग हो गया है। इसे फिर से पवित्र बनाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। पिछले दिनों एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी ने नदी का निरीक्षण किया था और इसके पुनरुद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। जल निगम के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर नमामि गंगे योजना के तहत केंद्रीय बजट से पुनरुद्घार कार्य कराने के लिए डीपीआर तैयार कराया जा रहा है।
सिद्धार्थनगर के जिले के सिकोहरा ताल से निकली ‘आमी’ की कुल लंबाई 136 किलोमीटर है। इसमें 70 किलोमीटर का हिस्सा संतकबीरनगर जिले में पड़ता है। दोनों तरफ करीब 100 से अधिक गांव बसे हैं। पहले यह नदी आसपास बसे गांवों के लिए वरदान थी। लोग खेतों की सिंचाई ‘आमी’ के पानी से करते थे, लेकिन अब यह नदी प्रदूषित हो चुकी है। औद्योगिक संस्थानों का कचरा व शहरी गंदे नालों के पानी से नदी का जल बदरंग हो गया है। इसे फिर से पवित्र बनाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। पिछले दिनों एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी ने नदी का निरीक्षण किया था और इसके पुनरुद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। जल निगम के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर नमामि गंगे योजना के तहत केंद्रीय बजट से पुनरुद्घार कार्य कराने के लिए डीपीआर तैयार कराया जा रहा है।
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