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Sant Kabir Nagar News: घायल को एंबुलेंस से फेंकने के मामले ने पकड़ा तूल
Thu, 08 Jun 2023 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 08 Jun 2023 11:53 PM IST
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सीमएओ कार्यालय सभागार में काली पट्टी बाध कर चिकित्सको की बैठक को संबोधित करते सीएमओ।संवाद
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संतकबीरनगर। एंबुलेंस चालक द्वारा घायल को बीच रास्ते में सड़क किनारे फेंक कर भाग जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बृहस्पतिवार को सांसद प्रवीण निषाद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय तथा निगरानी समिति की कलक्ट्रेट में हुई बैठक में यह मुद्दा छाया रहा। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ पर सवालों की बौछार कर दी। जवाब में सीएमओ ने छुट्टी पर होने की बात कही तो विधायक भड़क गए। कहा कि सीएमओ अपने कार्य में लापरवाही कर रहे हैं। बैठक में सीएमओ के खिलाफ कमेटी गठित कर जांच कराने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
सांसद की अध्यक्षता में बैठक शुरू होते ही सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने एंबुलेंस चालक द्वारा घायल को नेदुला में सड़क किनारे बालू के ढेर पर फेंक कर भाग जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीएमओ से कई सवाल किए। जवाब में सीएमओ ने कहा कि एबुलेंस चालक घायल को लेकर सीएचसी खलीलाबाद गया था, जहां से घायल खुद भाग गया। वह शराब के नशे में था। यह सुनकर विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि जो घायल रात भर बालू के ढेर पर पड़ा रहा, उसे नशे में बताना गलत है। सीएमओ को एबुलेंस चालक के बारे में जानकारी करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया। सांसद ने दस मिनट के अंदर लखनऊ से फोन करके एबुलेंस और उसके चालक के बारे में जानकारी जुटाई।
इसके जवाब में सीएमओ ने कहा कि वह छुट्टी पर थे। एसपी से मामले की जानकारी होने पर उन्होंने डॉक्टर रहमान को मामले से अवगत करा दिया था। इस पर विधायक ने जानना चाहा कि डॉक्टर रहमान ने आखिर क्या किया। उन्होंने कहा कि सीएमओ को मामले की गंभीरता समझनी चाहिए थी। उन्हें जानकारी जुटाकर एंबुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। विधायक ने कहा कि घटना की जानकारी होने पर वह सांसद प्रवीण निषाद के साथ जिला अस्पताल गए थे। वहां सीएमएस का व्यवहार ठीक नहीं था। सीएमओ और सीएमएस मिलकर एबुलेंस चालक को संरक्षण दे रहे हैं। विधायक ने कहा कि एक बाबू की तैनाती यहां नहीं है, लेकिन सीएमओ उसे संरक्षण देकर वसूली कराते हैं। जिला अस्पताल परिसर में 13 एबुलेंस जला दी जाती हैं, लेकिन किसी को पता तक नहीं रहता है।
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एंबुलेंस चालक और कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज, डीएम ने दिए जांच के आदेश
- जांच टीम एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट, एसपी ने भी सीओ सदर को सौंपी है जांच
- सांसद और विधायकों ने सीएमओ और सीएमएस की भूमिका पर उठाए हैं सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एबुलेंस चालक द्वारा घायल को रास्ते में फेंक कर भाग जाने के मामले में बृहस्पतिवार को दुधारा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनके खिलाफ घायल अर्जुन के पिता ने तहरीर दी है। साथ ही सांसद और विधायकों की शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। जांच टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। एसपी ने भी सीओ सदर को प्रकरण की जांच सौंप दी है।
एंबुलेंस चालक की ओर से घायल को सड़क किनारे फेंक कर भाग जाने के मामले में सीएमओ और सीएमएस जांच के घेरे में फंस गए हैं। उनके खिलाफ सांसद प्रवीण निषाद, विधायक सदर अंकुर राज तिवारी, विधायक मेंहदावल अनिल त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। पत्र में कहा गया है कि छह जून की शाम दुधारा क्षेत्र के कविता गांव के पास हादसे में दो बाइक सवारों की मौत हो गई थी, जबकि तीसरा घायल हो गया था। उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, लेकिन चालक घायल को रास्ते में फेंक कर भाग गया। घटना के बारे में सीएमओ और सीएमएस को सूचना दी गई, लेकिन उन्होंने दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पत्र में कहा है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम संदीप कुमार ने सीडीओ की अध्यक्षता में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की जांच टीम गठित कर दी गई है। टीम से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। उधर, एसपी सत्यजीत गुप्ता ने सदर सीओ दीपांशी राठौर को मामले की जांच सौंप दी है। साथथ्ही एसओ दुधारा राकेश मिश्रा ने ने एबुलेंस चालक और उसमें उपस्थिति कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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डॉक्टरों ने सांसद-विधायक के खिलाफ खोला मोर्चा, दो घंटे ठप रखी ओपीडी
पहले सीएमओ कार्यालय में की बैठक, फिर काली पट्टी बांधकर किया काम
सीएमएस से गलत व्यवहार किए जाने का लगाया आरोप, कहा- डीएम से करेंगे शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एंबुलेंंस से घायल को फेंकने के मामले में डॉक्टरों ने सांसद और विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने सुबह नौ बजे से दो घंटे जिला अस्पताल की ओपीडी ठप रखी। इस दौरान डॉक्टरों ने सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में बैठक की। इस दौरान चिकित्सकों ने सांसद और विधायक पर सीएमएस से गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है और डीएम से मिलकर शिकायत करने का फैसला किया। इसके बाद डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। इस दौरान इलाज के लिए आए मरीज परेशान रहे।
सीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में एंबुलेंस चालक द्वारा घायल को फेंकने के मुद्दे पर चर्चा हुई। मामले में बुधवार को सीएमएस का सांसद व विधायक के साथ विवाद हुआ था। तब सीएमएस ने इस्तीफा देने की चेतावनी दे दी थी। बैठक में मौजूद डॉक्टरों ने एक स्वर में कहा कि अगर ऐसे ही चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार होता रहा तो काम करना मुश्किल हो जाएगा।
सीएमएस डॉ. महेश कुमार ने कहा कि इस तरह से कार्य नहीं कर सकते है। अगर किसी को शिकायत है तो लिखित में करे। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से इमरजेंसी में भीड़ लेकर आना और दुर्व्यवहार करना गलत है। सीएमओ डॉ. अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि मामले को लेकर डीएम से मिला जाएगा। मांग की जाएगी कि अस्पताल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। देर शाम तक डॉक्टर डीएम से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन डीएम की व्यस्तता की वजह से मुलाकात नहीं हो पाई। सीएमओ ने बताया कि शुक्रवार को डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। चिकित्सक काली पट्टी बांध कर काम करेंगे। बैठक में डॉ. एस रहमान, डॉ. रवि पांडेय, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. एपी मिश्रा, डॉ. अमित सिंह, डॉ. संतोष तिवारी, डॉ. वरुणेश दुबे, डॉ. केपी सिंह, डॉ. वीके सोनी आदि मौजूद रहे।
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सांसद की अध्यक्षता में बैठक शुरू होते ही सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने एंबुलेंस चालक द्वारा घायल को नेदुला में सड़क किनारे बालू के ढेर पर फेंक कर भाग जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीएमओ से कई सवाल किए। जवाब में सीएमओ ने कहा कि एबुलेंस चालक घायल को लेकर सीएचसी खलीलाबाद गया था, जहां से घायल खुद भाग गया। वह शराब के नशे में था। यह सुनकर विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि जो घायल रात भर बालू के ढेर पर पड़ा रहा, उसे नशे में बताना गलत है। सीएमओ को एबुलेंस चालक के बारे में जानकारी करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया। सांसद ने दस मिनट के अंदर लखनऊ से फोन करके एबुलेंस और उसके चालक के बारे में जानकारी जुटाई।
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इसके जवाब में सीएमओ ने कहा कि वह छुट्टी पर थे। एसपी से मामले की जानकारी होने पर उन्होंने डॉक्टर रहमान को मामले से अवगत करा दिया था। इस पर विधायक ने जानना चाहा कि डॉक्टर रहमान ने आखिर क्या किया। उन्होंने कहा कि सीएमओ को मामले की गंभीरता समझनी चाहिए थी। उन्हें जानकारी जुटाकर एंबुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। विधायक ने कहा कि घटना की जानकारी होने पर वह सांसद प्रवीण निषाद के साथ जिला अस्पताल गए थे। वहां सीएमएस का व्यवहार ठीक नहीं था। सीएमओ और सीएमएस मिलकर एबुलेंस चालक को संरक्षण दे रहे हैं। विधायक ने कहा कि एक बाबू की तैनाती यहां नहीं है, लेकिन सीएमओ उसे संरक्षण देकर वसूली कराते हैं। जिला अस्पताल परिसर में 13 एबुलेंस जला दी जाती हैं, लेकिन किसी को पता तक नहीं रहता है।
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एंबुलेंस चालक और कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज, डीएम ने दिए जांच के आदेश
- जांच टीम एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट, एसपी ने भी सीओ सदर को सौंपी है जांच
- सांसद और विधायकों ने सीएमओ और सीएमएस की भूमिका पर उठाए हैं सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एबुलेंस चालक द्वारा घायल को रास्ते में फेंक कर भाग जाने के मामले में बृहस्पतिवार को दुधारा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनके खिलाफ घायल अर्जुन के पिता ने तहरीर दी है। साथ ही सांसद और विधायकों की शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। जांच टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। एसपी ने भी सीओ सदर को प्रकरण की जांच सौंप दी है।
एंबुलेंस चालक की ओर से घायल को सड़क किनारे फेंक कर भाग जाने के मामले में सीएमओ और सीएमएस जांच के घेरे में फंस गए हैं। उनके खिलाफ सांसद प्रवीण निषाद, विधायक सदर अंकुर राज तिवारी, विधायक मेंहदावल अनिल त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। पत्र में कहा गया है कि छह जून की शाम दुधारा क्षेत्र के कविता गांव के पास हादसे में दो बाइक सवारों की मौत हो गई थी, जबकि तीसरा घायल हो गया था। उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, लेकिन चालक घायल को रास्ते में फेंक कर भाग गया। घटना के बारे में सीएमओ और सीएमएस को सूचना दी गई, लेकिन उन्होंने दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पत्र में कहा है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम संदीप कुमार ने सीडीओ की अध्यक्षता में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की जांच टीम गठित कर दी गई है। टीम से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। उधर, एसपी सत्यजीत गुप्ता ने सदर सीओ दीपांशी राठौर को मामले की जांच सौंप दी है। साथथ्ही एसओ दुधारा राकेश मिश्रा ने ने एबुलेंस चालक और उसमें उपस्थिति कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टरों ने सांसद-विधायक के खिलाफ खोला मोर्चा, दो घंटे ठप रखी ओपीडी
पहले सीएमओ कार्यालय में की बैठक, फिर काली पट्टी बांधकर किया काम
सीएमएस से गलत व्यवहार किए जाने का लगाया आरोप, कहा- डीएम से करेंगे शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एंबुलेंंस से घायल को फेंकने के मामले में डॉक्टरों ने सांसद और विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने सुबह नौ बजे से दो घंटे जिला अस्पताल की ओपीडी ठप रखी। इस दौरान डॉक्टरों ने सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में बैठक की। इस दौरान चिकित्सकों ने सांसद और विधायक पर सीएमएस से गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है और डीएम से मिलकर शिकायत करने का फैसला किया। इसके बाद डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। इस दौरान इलाज के लिए आए मरीज परेशान रहे।
सीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में एंबुलेंस चालक द्वारा घायल को फेंकने के मुद्दे पर चर्चा हुई। मामले में बुधवार को सीएमएस का सांसद व विधायक के साथ विवाद हुआ था। तब सीएमएस ने इस्तीफा देने की चेतावनी दे दी थी। बैठक में मौजूद डॉक्टरों ने एक स्वर में कहा कि अगर ऐसे ही चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार होता रहा तो काम करना मुश्किल हो जाएगा।
सीएमएस डॉ. महेश कुमार ने कहा कि इस तरह से कार्य नहीं कर सकते है। अगर किसी को शिकायत है तो लिखित में करे। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से इमरजेंसी में भीड़ लेकर आना और दुर्व्यवहार करना गलत है। सीएमओ डॉ. अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि मामले को लेकर डीएम से मिला जाएगा। मांग की जाएगी कि अस्पताल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। देर शाम तक डॉक्टर डीएम से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन डीएम की व्यस्तता की वजह से मुलाकात नहीं हो पाई। सीएमओ ने बताया कि शुक्रवार को डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। चिकित्सक काली पट्टी बांध कर काम करेंगे। बैठक में डॉ. एस रहमान, डॉ. रवि पांडेय, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. एपी मिश्रा, डॉ. अमित सिंह, डॉ. संतोष तिवारी, डॉ. वरुणेश दुबे, डॉ. केपी सिंह, डॉ. वीके सोनी आदि मौजूद रहे।