{"_id":"605b7beb8ebc3ee64703b62d","slug":"all-efforts-needed-to-eradicate-tuberculosis-khalilabad-news-gkp389649731","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षय रोग उन्मूलन के लिए सभी का प्रयास जरूरी : सीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षय रोग उन्मूलन के लिए सभी का प्रयास जरूरी : सीएमओ
विज्ञापन
क्षयरोग के प्रत लोगों को जागरूक करती स्वाथ्य विभाग की टीम।
- फोटो : KHALILABAD
क्षय रोग उन्मूलन के लिए सभी का प्रयास जरूरी : सीएमओ
संतकबीरनगर। विश्व क्षय रोग दिवस पर बुधवार को सीएचसी खलीलाबाद स्थित जिला क्षय रोग विभाग में गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें वक्ताओं ने क्षय रोग के उन्मूलन पर विचार व्यक्त किए।
सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने कहा कि क्षय रोग उन्मूलन में चिकित्सा विभाग के साथ ही समाज के हर वर्ग का प्रयास बेहद जरूरी है। समन्वित प्रयासों के जरिए ही इसके ऊपर विजय पाया जा सकता है। इसलिए हम सभी लोग इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें कि 2025 तक क्षय रोग को भारत से पूरी तरह समाप्त कर देंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया की क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रो बैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से पैदा होती है। क्षय रोग संक्रमण के चलते फैलने वाला प्रमुख रोग है। जागरूकता के अभाव में टीबी मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालांकि क्षय रोग राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी के मरीजों के मृत्यदर में कमी आई है। जनपद में वर्तमान समय में क्षय रोग की जांच की अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। इनकी बदौलत क्षय रोग की पहचान त्वरित तरीके से की जाती है। टीबी आमतौर पर फेफड़ों से शुरू होती है, लेकिन यह ब्रेन, हड्डी, लिम्फ नोड (गांठ), पेट, जननांग, गुर्दे, हृदय एवं फेफड़े की झिल्ली, त्वचा और आंख आदि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। इलाज न होने की दशा में यह एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस) व एक्सडीआर (एक्सटेंसिव-ड्रगरेजिस्टेंस) टीबी में तब्दील हो जाती है। इसका इलाज लंबा चलता है और व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। इसलिए जरूरी यह है कि हम लोग इससे बचें। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक अधीक्षक डॉ वी पी पांडेय, सुपरवाइजर बाबू राम, विशाल, देवव्रत, कविता पाठक, रामबास समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संतकबीरनगर। विश्व क्षय रोग दिवस पर बुधवार को सीएचसी खलीलाबाद स्थित जिला क्षय रोग विभाग में गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें वक्ताओं ने क्षय रोग के उन्मूलन पर विचार व्यक्त किए।
सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने कहा कि क्षय रोग उन्मूलन में चिकित्सा विभाग के साथ ही समाज के हर वर्ग का प्रयास बेहद जरूरी है। समन्वित प्रयासों के जरिए ही इसके ऊपर विजय पाया जा सकता है। इसलिए हम सभी लोग इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें कि 2025 तक क्षय रोग को भारत से पूरी तरह समाप्त कर देंगे।
विज्ञापन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया की क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रो बैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से पैदा होती है। क्षय रोग संक्रमण के चलते फैलने वाला प्रमुख रोग है। जागरूकता के अभाव में टीबी मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालांकि क्षय रोग राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी के मरीजों के मृत्यदर में कमी आई है। जनपद में वर्तमान समय में क्षय रोग की जांच की अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। इनकी बदौलत क्षय रोग की पहचान त्वरित तरीके से की जाती है। टीबी आमतौर पर फेफड़ों से शुरू होती है, लेकिन यह ब्रेन, हड्डी, लिम्फ नोड (गांठ), पेट, जननांग, गुर्दे, हृदय एवं फेफड़े की झिल्ली, त्वचा और आंख आदि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। इलाज न होने की दशा में यह एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस) व एक्सडीआर (एक्सटेंसिव-ड्रगरेजिस्टेंस) टीबी में तब्दील हो जाती है। इसका इलाज लंबा चलता है और व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। इसलिए जरूरी यह है कि हम लोग इससे बचें। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक अधीक्षक डॉ वी पी पांडेय, सुपरवाइजर बाबू राम, विशाल, देवव्रत, कविता पाठक, रामबास समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन