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Sant Kabir Nagar News: ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद खरीदी मौलाना की सारी संपत्तियां सरकारी घोषित होंगी
Tue, 13 Feb 2024 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 13 Feb 2024 11:43 PM IST
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-डीएम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद दिया आदेश
- नागरिकता छिपाते हुए जिले में खरीदी थीं कई संपत्तियां
दिवाकर शुक्ल
संतकबीरनगर।
ब्रिटेन की नागरिकता की बात छिपाकर खरीदी गई खलीलाबाद के मौलाना की सारी संपत्तियाें पर अब सरकार का कब्जा होगा। डीएम कोर्ट ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए एसडीएम खलीलाबाद को सभी संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए कहा है।
बताया जा रहा है कि ब्रिटेन की नागरिकता लेनेे के बाद खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के देवरिया लाल निवासी मौलाना शमशुल होदा खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान ने वर्ष 2014 में एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 640 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा कराया। साथ ही वर्ष 2017 में 189.75 वर्ग मीटर, वर्ष 2018 में अलग-अलग 192.84 वर्ग मीटर एवं 208.27 वर्ग मीटर जमीन अपनी असली पहचान छिपाकर रजिस्ट्री करायी। डीएम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सोमवार को ऐसी सभी संपत्तियों से शमशुल व अन्य का नाम खारिज कर राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दे दिया। डीएम कोर्ट ने एसडीएम खलीलाबाद को सभी अभिलेख को संशोधित कर जमीनों पर कब्जा प्राप्त करने के निर्देश देने के साथ ही आदेश की काॅपी अनुपालन के लिए तहसीलदार व एसडीएम को भेजने व पत्रावली राजस्व अभिलेखागार में संरक्षित करने का आदेश दिया।
यह है पूरा मामला
खलीलाबाद का रहने वाला मौलाना शमशुल होदा खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसे में शिक्षक था। खलीलाबाद के ही सहसरांव गांव निवासी अब्दुल करीम खान ने उसके खिलाफ सरकार से लेकर सीबीआई तक शिकायत की थी। सीबीआई ने डीजीपी को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने को कहा था। इसके बाद डीजीपी ने जिला पुलिस को मामले की जांच करने को कहा। जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। पता चला कि शमशुल ने वर्ष 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ले ली है। यह बात छिपाकर वह यहां के मदरसे से वेतन उठाता रहा। यही नहीं उसने चुनाव में ड्यूटी और मतदान भी किया। वर्ष 2017 में उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद से वह पेंशन भी ले रहा था। सरकारी नौकरी के दौरान विभाग से बिना अनुमति के मौलाना ने विदेश दौरा किया। यह भी पता चला कि मौलाना मैनचेस्टर (इंग्लैड) में पाकिस्तानी संगठन दावत-ए- इस्लामी से जुड़ा है। वर्ष 2014-18 के बीच अवैध फंडिंग से शहर व अन्य स्थानों पर बेशकीमती जमीन खरीदी है। संपत्ति का मूल्य कम दिखाकर स्टांप चोरी भी की।
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डीएम कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई है। डीएम कोर्ट के जो भी निर्देश होंगे, उसका तत्काल अनुपालन कराया जाएगा। संपत्ति को कब्जे में लिया जाएगा।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम खलीलाबाद
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- नागरिकता छिपाते हुए जिले में खरीदी थीं कई संपत्तियां
दिवाकर शुक्ल
संतकबीरनगर।
ब्रिटेन की नागरिकता की बात छिपाकर खरीदी गई खलीलाबाद के मौलाना की सारी संपत्तियाें पर अब सरकार का कब्जा होगा। डीएम कोर्ट ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए एसडीएम खलीलाबाद को सभी संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए कहा है।
बताया जा रहा है कि ब्रिटेन की नागरिकता लेनेे के बाद खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के देवरिया लाल निवासी मौलाना शमशुल होदा खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान ने वर्ष 2014 में एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 640 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा कराया। साथ ही वर्ष 2017 में 189.75 वर्ग मीटर, वर्ष 2018 में अलग-अलग 192.84 वर्ग मीटर एवं 208.27 वर्ग मीटर जमीन अपनी असली पहचान छिपाकर रजिस्ट्री करायी। डीएम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सोमवार को ऐसी सभी संपत्तियों से शमशुल व अन्य का नाम खारिज कर राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दे दिया। डीएम कोर्ट ने एसडीएम खलीलाबाद को सभी अभिलेख को संशोधित कर जमीनों पर कब्जा प्राप्त करने के निर्देश देने के साथ ही आदेश की काॅपी अनुपालन के लिए तहसीलदार व एसडीएम को भेजने व पत्रावली राजस्व अभिलेखागार में संरक्षित करने का आदेश दिया।
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यह है पूरा मामला
खलीलाबाद का रहने वाला मौलाना शमशुल होदा खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसे में शिक्षक था। खलीलाबाद के ही सहसरांव गांव निवासी अब्दुल करीम खान ने उसके खिलाफ सरकार से लेकर सीबीआई तक शिकायत की थी। सीबीआई ने डीजीपी को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने को कहा था। इसके बाद डीजीपी ने जिला पुलिस को मामले की जांच करने को कहा। जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। पता चला कि शमशुल ने वर्ष 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ले ली है। यह बात छिपाकर वह यहां के मदरसे से वेतन उठाता रहा। यही नहीं उसने चुनाव में ड्यूटी और मतदान भी किया। वर्ष 2017 में उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद से वह पेंशन भी ले रहा था। सरकारी नौकरी के दौरान विभाग से बिना अनुमति के मौलाना ने विदेश दौरा किया। यह भी पता चला कि मौलाना मैनचेस्टर (इंग्लैड) में पाकिस्तानी संगठन दावत-ए- इस्लामी से जुड़ा है। वर्ष 2014-18 के बीच अवैध फंडिंग से शहर व अन्य स्थानों पर बेशकीमती जमीन खरीदी है। संपत्ति का मूल्य कम दिखाकर स्टांप चोरी भी की।
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डीएम कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई है। डीएम कोर्ट के जो भी निर्देश होंगे, उसका तत्काल अनुपालन कराया जाएगा। संपत्ति को कब्जे में लिया जाएगा।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम खलीलाबाद