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Sant Kabir Nagar News: प्रशिक्षण लेकर एमबीबीएस डॉक्टर भी कर सकेंगे अल्ट्रासाउंड जांच
Sat, 20 Dec 2025 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 20 Dec 2025 12:32 AM IST
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सेमरियावां। स्वास्थ्य विभाग में रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी है। इससे प्रसूताओं की जांच में कठिनाई हो रही है। अब सरकार ने रेडियोलॉजिस्टों की कमी को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एमबीबीएस डॉक्टरों को छह महीने का रेडियोलॉजी प्रशिक्षण देकर सर्टिफिकेट दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद एमबीबीएस चिकित्सक परामर्श के साथ ही मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच भी कर सकेंगे। इससे गरीब तबके के मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटर पर नहीं जाना पड़ेगा।
जनपद की सीएचसी व पीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की जांच सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, निजी सेंटरों से टोकन देकर गर्भवती महिलाओं को सुविधा दी जा रही है, लेकिन लंबे समय तक उनका भुगतान न होने से वे भी कदम खींच ले रहे हैं। सेमरियावां में तो दो माह से टोकन सुविधा बंद है।
जिला अस्पतालों में तो तैनाती होने से दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन बहुत सीएचसी ऐसी है, जहां गर्भवतियों का सिजेरियन ऑपरेशन होता है, लेकिन अभी तक वहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अब सरकार ने एबीबीएस चिकित्सकों को रेडियोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। इसके लिए चिकित्सकों को एक निर्धारित बिंदुओं के आधार पर आवेदन करने होंगे। सीएमओ की ओर से सभी सीएचसी पर तैनात एबीबीएस चिकित्सकों को आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक ट्रेनिंग में एमबीबीएस डॉक्टरों को एब्डोमिन व पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि वे गर्भवतियों की अल्ट्रासाउंड जांच कर सकें। सरकार के इस कदम से आकांक्षात्मक जिले की प्रसूताओं की आसानी से जांच हो सकेगी।
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सीएमओ ने शासन को भेजा पत्र
सीएचसी सेमरियावां में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए सीएमओ ने शासन को पत्र भेजा है। इधर, मशीन उपलब्ध होते ही एमबीबीएस डाक्टर प्रशिक्षण पूरा कर लेंगे। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी। मरीजों को जांच के लिए शहर व प्राइवेट सेंटरों पर नहीं जाना पड़ेगा।
सीएचसी में रोजाना आते हैं 500 मरीज इलाज
30 शय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली ब्लाक के गांवों के लोग आते हैं। सीएचसी सेमरियावां पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या के इलाज का भार है। रोजाना 400-500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें 10 फीसदी मरीजों को एक्सरे की सलाह चिकित्सक देते हैं,, ताकि परीक्षण के हिसाब से इलाज किया जा सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान समय में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए शासन को पत्र भेजा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क रहेगी। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए मंडलीय अस्पताल व प्राईवेट सेंटरों पर जाने से छुटकारा मिलेगा। एमबीबीस के प्रशिक्षित होने पर रेडियोलॉजिस्ट की कमी दूर होगी। इसका सीधा लाभ भी प्रसूता समेत अन्य रोगियों को भी मिलेगा।
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सीएमओ ने सभी एमबीबीएस चिकित्सकों को ऑनलाइन आवेदन को निर्देश दिए हैं। उन्हें छह माह का प्रशिक्षण लेकर रेडियोलॉजिस्ट का भी काम देखना होगा। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए सीएमओ ने शासन को पत्र भेजा है। उम्मीद है जल्द ही मशीन मिल जाएगी। - डॉ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां
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जनपद की सीएचसी व पीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की जांच सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, निजी सेंटरों से टोकन देकर गर्भवती महिलाओं को सुविधा दी जा रही है, लेकिन लंबे समय तक उनका भुगतान न होने से वे भी कदम खींच ले रहे हैं। सेमरियावां में तो दो माह से टोकन सुविधा बंद है।
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जिला अस्पतालों में तो तैनाती होने से दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन बहुत सीएचसी ऐसी है, जहां गर्भवतियों का सिजेरियन ऑपरेशन होता है, लेकिन अभी तक वहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अब सरकार ने एबीबीएस चिकित्सकों को रेडियोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। इसके लिए चिकित्सकों को एक निर्धारित बिंदुओं के आधार पर आवेदन करने होंगे। सीएमओ की ओर से सभी सीएचसी पर तैनात एबीबीएस चिकित्सकों को आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक ट्रेनिंग में एमबीबीएस डॉक्टरों को एब्डोमिन व पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि वे गर्भवतियों की अल्ट्रासाउंड जांच कर सकें। सरकार के इस कदम से आकांक्षात्मक जिले की प्रसूताओं की आसानी से जांच हो सकेगी।
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सीएमओ ने शासन को भेजा पत्र
सीएचसी सेमरियावां में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए सीएमओ ने शासन को पत्र भेजा है। इधर, मशीन उपलब्ध होते ही एमबीबीएस डाक्टर प्रशिक्षण पूरा कर लेंगे। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी। मरीजों को जांच के लिए शहर व प्राइवेट सेंटरों पर नहीं जाना पड़ेगा।
सीएचसी में रोजाना आते हैं 500 मरीज इलाज
30 शय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली ब्लाक के गांवों के लोग आते हैं। सीएचसी सेमरियावां पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या के इलाज का भार है। रोजाना 400-500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें 10 फीसदी मरीजों को एक्सरे की सलाह चिकित्सक देते हैं,, ताकि परीक्षण के हिसाब से इलाज किया जा सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान समय में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए शासन को पत्र भेजा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क रहेगी। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए मंडलीय अस्पताल व प्राईवेट सेंटरों पर जाने से छुटकारा मिलेगा। एमबीबीस के प्रशिक्षित होने पर रेडियोलॉजिस्ट की कमी दूर होगी। इसका सीधा लाभ भी प्रसूता समेत अन्य रोगियों को भी मिलेगा।
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सीएमओ ने सभी एमबीबीएस चिकित्सकों को ऑनलाइन आवेदन को निर्देश दिए हैं। उन्हें छह माह का प्रशिक्षण लेकर रेडियोलॉजिस्ट का भी काम देखना होगा। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए सीएमओ ने शासन को पत्र भेजा है। उम्मीद है जल्द ही मशीन मिल जाएगी। - डॉ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां