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Sant Kabir Nagar News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्य छिपाने का आरोप...अंतिम संस्कार से इन्कार, बाद में माने

Thu, 10 Apr 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 10 Apr 2025 12:06 AM IST
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Accused of hiding facts of post mortem report... Refused to perform last rites, agreed later
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के टेमा रहमत स्थित संस हॉस्पिटल एवं ट्राॅमा सेंटर में नर्स की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। बस्ती जिले के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पहुंरा गांव में शव रखकर परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करते रहे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सीओ और कोतवाल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी मान-मनौवल के बाद परिजन शव को दफन करने पर राजी हुए। पुलिस की निगरानी में शव को दफनाया गया।
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स्टाफ नर्स की हत्या के बाद उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकीं थी। चार चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, जिसमें दो महिला चिकित्सक भी शामिल रहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने और गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया। परिजन शव लेकर बस्ती स्थित गांव चले गए, जहां पर सुबह उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। बाबा संतराम ने बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों को छिपा रही है। सूचना पर सीओ अजीत चौहान, कोतवाल पंकज पांडेय पहुंच गए और परिजनों को काफी समझाया बुझाया। बस्ती के सांसद राम प्रसाद चौधरी भी पहुंच गए और पुलिस से घटना की जानकारी ली। काफी मान-मनौवल के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के बजाए, उसे दफन करने पर राजी हुए, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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संचालक के पास था ममता का मोबाइल
एसपी सत्यजीत गुप्त ने बताया कि नर्स का मोबाइल को संचालक के पास से बरामद किया गया है। मोबाइल को सर्विलांस जांच के लिए भेजा गया है, ताकि व्हाट्सएप में जो भी मैसेज हो उसे रिकवर किया जा सके। इसमें जो भी लोग संलिप्त होंगे, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।
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छह माह पहले भी संचालक से हुआ झगड़ा
नर्स का अस्पताल संचालक से छह माह पहले भी झगड़ा हुआ था। पुलिस की पूछताछ में अस्पताल संचालक रामजी राव ने बताया कि अस्पताल के एक कर्मी से नर्स लगातार बातें करती थी, जिसको लेकर छह माह पहले भी उसका नर्स से झगड़ा हुआ था। काफी कहने के बाद भी वह नहीं मानी और लगातार बातें करती रही।
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परिवार को न पता चले इसी वजह से ममता को मारा
अस्पताल संचालक रामजी राव शादीशुदा है। उसके चार बच्चे हैं। उसको डर था कि प्रेम प्रसंग का मामला कहीं परिवार को पता चला तो उसका परिवार टूट जाएगा। इससे बचने के लिए उसने नर्स को रास्ते से हटाने का फैसला किया और उसका गला दबा कर हत्या कर दी।
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पंजीकृत डॉक्टर नहीं करते थे इलाज
अस्पताल में बोर्ड लगा है। जिस पर पंजीकृत डॉक्टर का नाम लिखा और कर्मचारियों का भी नाम दर्ज है। लेकिन पुलिस की पूछताछ में पंजीकृत डॉक्टर और बोर्ड पर लिखे नाम का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। वहां पर सभी बाहरी कर्मचारी मिले।

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डीवीआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
नर्स हत्याकांड में आरोपी तक पहुंचने में अस्पताल का डीवीआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट खुलासे की वजह बनी। जब नर्स की मौत हुई थी उस समय का डीवीआर बंद पाया गया था। इसके साथ ही रात में भी डीवीआर बंद मिला था। इससे पुलिस का शक गहरा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने का मामला आया। पुलिस ने अस्पताल संचालक को हिरसात में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा मामला खुल गया।
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