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Sant Kabir Nagar News: राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
Tue, 01 Apr 2025 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 01 Apr 2025 11:49 PM IST
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धनघटा। पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में राशन कार्ड में नाम जोड़ने और त्रुटि सुधार के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से परेशान होकर एसडीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को तहसील में राशन कार्ड की त्रुटि में सुधार के लिए आई प्रेमशिला ने बताया कि उनके परिवार में छह सदस्य हैं। लेकिन राशन कार्ड में तीन यूनिट ही दर्ज है। परिवार के छूटे हुए सदस्यों का राशन कार्ड में नाम जोड़वाने के लिए यहां आईं तो प्रति यूनिट 300 रुपये की मांग की गई। पैसा देने में असमर्थ है तो राशन कार्ड में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है। ठीक इसी तरह का मामला लेकर पहुंचे राम अचल, शंभू, रामशरन, राधेश्याम, श्याम सुंदर का कहना था कि राशन कार्ड में छूटे हुए परिवार के सदस्यों का नाम दर्ज करना यहां लोहे का चना चबाना जैसा है। बगैर रिश्वत दिए एक भी काम नहीं होता है। एसडीएम कार्यालय में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
उपभोक्ताओं का कहना था कि रिश्वत के वसूली के लिए कुछ बाहरी लोग रखे गए हैं। जो वसूली करके पूर्ति निरीक्षक और उनके कार्यालय के कर्मचारियों तक पहुंचाते हैं। पूर्ति निरीक्षक के कार्य प्रणाली से कोटेदार भी असंतुष्ट हैं। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक सौरभ गोस्वामी ने कहा कि उनपर और कर्मचारियोें पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। जो पात्र हैं उनका नाम राशन कार्ड में यदि छूटा हुआ है तो नियमानुसार दर्ज किया जाता है।
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कोट
मामले की जानकारी नहीं है, यदि शिकायती पत्र आया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी
-अरूण कुमार, एसडीएम, धनघटा
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मंगलवार को तहसील में राशन कार्ड की त्रुटि में सुधार के लिए आई प्रेमशिला ने बताया कि उनके परिवार में छह सदस्य हैं। लेकिन राशन कार्ड में तीन यूनिट ही दर्ज है। परिवार के छूटे हुए सदस्यों का राशन कार्ड में नाम जोड़वाने के लिए यहां आईं तो प्रति यूनिट 300 रुपये की मांग की गई। पैसा देने में असमर्थ है तो राशन कार्ड में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है। ठीक इसी तरह का मामला लेकर पहुंचे राम अचल, शंभू, रामशरन, राधेश्याम, श्याम सुंदर का कहना था कि राशन कार्ड में छूटे हुए परिवार के सदस्यों का नाम दर्ज करना यहां लोहे का चना चबाना जैसा है। बगैर रिश्वत दिए एक भी काम नहीं होता है। एसडीएम कार्यालय में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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उपभोक्ताओं का कहना था कि रिश्वत के वसूली के लिए कुछ बाहरी लोग रखे गए हैं। जो वसूली करके पूर्ति निरीक्षक और उनके कार्यालय के कर्मचारियों तक पहुंचाते हैं। पूर्ति निरीक्षक के कार्य प्रणाली से कोटेदार भी असंतुष्ट हैं। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक सौरभ गोस्वामी ने कहा कि उनपर और कर्मचारियोें पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। जो पात्र हैं उनका नाम राशन कार्ड में यदि छूटा हुआ है तो नियमानुसार दर्ज किया जाता है।
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मामले की जानकारी नहीं है, यदि शिकायती पत्र आया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी
-अरूण कुमार, एसडीएम, धनघटा