{"_id":"66-97404","slug":"Sant-kabir-nagar-97404-66","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन लिपिकों पर हो सकती है कार्रवाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन लिपिकों पर हो सकती है कार्रवाई
Sant kabir nagar
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
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संतकबीरनगर। समाजवादी पेंशन योजना के आवेदन पत्रों की फीडिंग में कई ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों के नाम गायब कर दिए गए हैं। इतना हीं नहीं नाम और जाति में भी गड़बड़ी की गई है। गडबड़ी का आलम यह है कि एक ग्राम पंचायत में कई ब्लॉकों के 33 ग्राम पंचायतों की फीडिंग करा दी गई है। यह लापरवही तब उजागर हुई, जब पात्रता चयन के लिए ब्लॉक और ग्राम पंचायतवार लाभार्थियों के नामों का प्रिंट आउट निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान ब्लॉकों की सूची और समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों में भिन्नता पाई गई है। लापरवाही के आरोप में तीन लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
जनपद में समाजवादी पेंशन योजना के लिए कुल 1.53 लाख आवेदन पत्र आए थे। आवेदन पत्रों की फीडिंग कराने का जिम्मा समाज कल्याण विभाग का था। विभागीय सूत्रों की माने तो फीडिंग के लिए एजेंसी चयन के मानक को दरकिनार किया गया। गोरखपुर के एक कंप्यूटर सेंटर से फीडिंग का सौदा तय किया गया। गोरखपुर में दो जगह और बस्ती में एक जगह आवेदन पत्रों की फीडिंग कराई गई। सही तरीके से फीडिंग और आवेदन पत्रों एवं ब्लॉकों से आए संशोधित प्रपत्रों का रख-रखाव नहीं किया गया। डीएम ने जब पात्रता चयन की प्रक्रिया कराने की तैयारी शुरू कराई जो मामला उजागर हुआ। करीब 22000 आवेदन पत्र गायब बताए गए। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और सीडीओ की देखरेख में नौ ब्लॉकों के लिए अलग-अलग कंप्यूटर की व्यवस्था कराई।
ब्लॉकों की चयनित सूची और फीडिंग किए गए ग्राम पंचायतवार लाभार्थियों के नामों का मिलान कराना शुरू किया तो गड़बड़ी उजागर हुई। पेंशन योजना के लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त आवेदन पत्रों का मिलान शुरू हुआ तो बीडीओ और ब्लॉक कर्मियों के होश उड़ गए। फीडिंग में लापरवाही का आलम यह था कि बघौली ब्लॉक के आटा कला गांव में 33 ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों का नाम फीड करा दिया गया है। इस गांव के 60 लाभार्थियों के लक्ष्य सापेक्ष 92 आवेदन पत्र आए थे, जबकि फीडिंग 1882 लाभार्थियों की हुई है।
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इंसेट
इन गांवों के लाभार्थियों की फीड़िग में मिली गड़बड़ी
अमरडोभा, रक्शा कोल, समदा, तलकुलवा में भी ब्लॉक की सूची और फीडिंग की गई संख्या में अंतर है। सांथा ब्लॉक के भानपुर, धोबहा, हरैया, कं वरकवरी में तो लक्ष्य से कम आवेदन पत्र फीड हुए हैं। जबकि ससना और मुडिया में, और थवायापार, कड़जा, मुहम्मदगढ़, मुंगेरी में एक भी लाभार्थी का नाम फीड़ नहीं है। सेमरियावंा ब्लॉक के छगुलिया बगुलिया, कोहरियावां, मदारपुर, रक्शा कला, सिसवा दाखिली, थुरंडा में भी लक्ष्य से कम आवेदन पत्र फीड हुए हैं। खलीलाबाद ब्लॉक के फरेंदिया, बेलहर कला ब्लॉक के दुधार, कुशहरा, हैंसर बाजार ब्लॉक के बकैनिया, भानपुर, कडसरा, नगर क्षेत्र खलीलाबाद के मोतीनगर, पुरानी तहसील, कमलापति त्रिपाठी नगर, मोतीनगर, अंसार टोला, नगर पंचायत मेंहदावल के बारागद्दी, ठाकुरद्वारा मोहल्ला और नगर पंचायत मगहर के गांधी आश्रम और चूड़ीफरोश मोहल्ले में लक्ष्य के सापेक्ष कम लाभार्थियों का नाम फीड कराया गया है।
कोट
तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी के द्वारा आवेदन पत्रों की फीडिंग का कार्य गोरखपुर के एक कंप्यूटर सेंटर को दिया गया था। पेंशन योजना में पटल लिपिक का कार्य लिपिक गंगा प्रसाद पांडेय, जावेद और नितिन मुकेश को दिया गया था। तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी और इन तीनों लिपिकों ने फीडिंग कार्य में सजगता नहीं बरती। लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक समाज कल्याण को पत्र भेजा है।
उमाकांत शुक्ला, जिला समाज कल्याण अधिकारी
कोट
फीडिंग और रख-रखाव में बरती गई खामियों की जांच की जा रही है। लापरवाह तीन लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ डायरेक्टर समाज कल्याण को पत्र भेजा गया है। तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
प्रकाश बिंदु, डीएम
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जनपद में समाजवादी पेंशन योजना के लिए कुल 1.53 लाख आवेदन पत्र आए थे। आवेदन पत्रों की फीडिंग कराने का जिम्मा समाज कल्याण विभाग का था। विभागीय सूत्रों की माने तो फीडिंग के लिए एजेंसी चयन के मानक को दरकिनार किया गया। गोरखपुर के एक कंप्यूटर सेंटर से फीडिंग का सौदा तय किया गया। गोरखपुर में दो जगह और बस्ती में एक जगह आवेदन पत्रों की फीडिंग कराई गई। सही तरीके से फीडिंग और आवेदन पत्रों एवं ब्लॉकों से आए संशोधित प्रपत्रों का रख-रखाव नहीं किया गया। डीएम ने जब पात्रता चयन की प्रक्रिया कराने की तैयारी शुरू कराई जो मामला उजागर हुआ। करीब 22000 आवेदन पत्र गायब बताए गए। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और सीडीओ की देखरेख में नौ ब्लॉकों के लिए अलग-अलग कंप्यूटर की व्यवस्था कराई।
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ब्लॉकों की चयनित सूची और फीडिंग किए गए ग्राम पंचायतवार लाभार्थियों के नामों का मिलान कराना शुरू किया तो गड़बड़ी उजागर हुई। पेंशन योजना के लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त आवेदन पत्रों का मिलान शुरू हुआ तो बीडीओ और ब्लॉक कर्मियों के होश उड़ गए। फीडिंग में लापरवाही का आलम यह था कि बघौली ब्लॉक के आटा कला गांव में 33 ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों का नाम फीड करा दिया गया है। इस गांव के 60 लाभार्थियों के लक्ष्य सापेक्ष 92 आवेदन पत्र आए थे, जबकि फीडिंग 1882 लाभार्थियों की हुई है।
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इन गांवों के लाभार्थियों की फीड़िग में मिली गड़बड़ी
अमरडोभा, रक्शा कोल, समदा, तलकुलवा में भी ब्लॉक की सूची और फीडिंग की गई संख्या में अंतर है। सांथा ब्लॉक के भानपुर, धोबहा, हरैया, कं वरकवरी में तो लक्ष्य से कम आवेदन पत्र फीड हुए हैं। जबकि ससना और मुडिया में, और थवायापार, कड़जा, मुहम्मदगढ़, मुंगेरी में एक भी लाभार्थी का नाम फीड़ नहीं है। सेमरियावंा ब्लॉक के छगुलिया बगुलिया, कोहरियावां, मदारपुर, रक्शा कला, सिसवा दाखिली, थुरंडा में भी लक्ष्य से कम आवेदन पत्र फीड हुए हैं। खलीलाबाद ब्लॉक के फरेंदिया, बेलहर कला ब्लॉक के दुधार, कुशहरा, हैंसर बाजार ब्लॉक के बकैनिया, भानपुर, कडसरा, नगर क्षेत्र खलीलाबाद के मोतीनगर, पुरानी तहसील, कमलापति त्रिपाठी नगर, मोतीनगर, अंसार टोला, नगर पंचायत मेंहदावल के बारागद्दी, ठाकुरद्वारा मोहल्ला और नगर पंचायत मगहर के गांधी आश्रम और चूड़ीफरोश मोहल्ले में लक्ष्य के सापेक्ष कम लाभार्थियों का नाम फीड कराया गया है।
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तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी के द्वारा आवेदन पत्रों की फीडिंग का कार्य गोरखपुर के एक कंप्यूटर सेंटर को दिया गया था। पेंशन योजना में पटल लिपिक का कार्य लिपिक गंगा प्रसाद पांडेय, जावेद और नितिन मुकेश को दिया गया था। तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी और इन तीनों लिपिकों ने फीडिंग कार्य में सजगता नहीं बरती। लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक समाज कल्याण को पत्र भेजा है।
उमाकांत शुक्ला, जिला समाज कल्याण अधिकारी
कोट
फीडिंग और रख-रखाव में बरती गई खामियों की जांच की जा रही है। लापरवाह तीन लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ डायरेक्टर समाज कल्याण को पत्र भेजा गया है। तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
प्रकाश बिंदु, डीएम