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54.77 फीसद धान की फसल बर्बाद
Sant kabir nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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संतकबीरनगर। जिले में सूखा से 54.77 फीसदी नुकसान धान की फसल को हुआ है। यह रिपोर्ट न्याय पंचायतवार कराए गए सर्वे की है। सर्वाधिक नुकसान नाथनगर ब्लॉक में 60.79 फीसदी हुई है। आलम यह है कि ऐसी स्थिति के बाद भी जनपद सूखा ग्रस्त घोषित नहीं हो पाया है। कृषि विभाग किसान को कृषि बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए तैयार सर्वे रिपोर्ट निदेशक कृषि बीमा एवं सांख्यिकी को भेजने की तैयारी में जुट गया है।
जिले में जरूरत के हिसाब से कम बारिश होने की वजह से धान की फसल को काफी क्षति हुई है। किसान दिवस और कई राजनीतिक संगठनों ने जिले को सूखा ग्रस्त घोषित किए जाने की मांग भी उठाई है। डीएम प्रकाश बिंदु ने सूखे से धान की फसल को हुए नुकसान का आंकलन कराने के लिए न्याय पंचायतवार सर्वे कराए जाने का निर्देश जिला कृषि अधिकारी को दिया था।
न्याय पंचायतवार सर्वे के लिए एडीओ एजी, किसान सहायक, ब्लॉक टेक्निकल मैनेजर और विषय वस्तु विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई थी। करीब 50 कर्मी सर्वे कार्य में लगाए गए थे।
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जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि कराए गए सर्वे रिपोर्ट में धान की फसल का जो आंकलन हुआ है, उसके मुताबिक जिले में 54.77 फीसदी की क्षति हुई है। जिसमें बलेहर ब्लॉक में 54.66 प्रतिशत, सांथा ब्लॉक में 53.65 प्रतिशत, सेमरियावां ब्लॉक में 54 प्रतिशत, पौली ब्लॉक में 54 प्रतिशत, हैंसर ब्लॉक 54 प्रतिशत, बघौली ब्लॉक में 56.66 प्रतिशत, खलीलाबाद में 51.22 प्रतिशत, नाथनगर ब्लॉक में 60.79 प्रतिशत और मेंहदावल ब्लॉक में 53 प्रतिशत नुकसान हुआ है। सर्वे रिपोर्ट की माने जो धान की उत्पादकता में पूरे जिले में 54.77 प्रतिशम की कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि न्याय पंचायतवार 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति में फसल कृषि बीमा योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। जिले के प्रभावित किसानों को कृषि बीमा योजना का लाभ दिए जाने के लिए जल्द ही निदेशक कृषि बीमा एवं सांख्यिकी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उसके आधार पर मुआवजा देने का कार्य किया जाएगा।
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जिले में जरूरत के हिसाब से कम बारिश होने की वजह से धान की फसल को काफी क्षति हुई है। किसान दिवस और कई राजनीतिक संगठनों ने जिले को सूखा ग्रस्त घोषित किए जाने की मांग भी उठाई है। डीएम प्रकाश बिंदु ने सूखे से धान की फसल को हुए नुकसान का आंकलन कराने के लिए न्याय पंचायतवार सर्वे कराए जाने का निर्देश जिला कृषि अधिकारी को दिया था।
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न्याय पंचायतवार सर्वे के लिए एडीओ एजी, किसान सहायक, ब्लॉक टेक्निकल मैनेजर और विषय वस्तु विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई थी। करीब 50 कर्मी सर्वे कार्य में लगाए गए थे।
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जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि कराए गए सर्वे रिपोर्ट में धान की फसल का जो आंकलन हुआ है, उसके मुताबिक जिले में 54.77 फीसदी की क्षति हुई है। जिसमें बलेहर ब्लॉक में 54.66 प्रतिशत, सांथा ब्लॉक में 53.65 प्रतिशत, सेमरियावां ब्लॉक में 54 प्रतिशत, पौली ब्लॉक में 54 प्रतिशत, हैंसर ब्लॉक 54 प्रतिशत, बघौली ब्लॉक में 56.66 प्रतिशत, खलीलाबाद में 51.22 प्रतिशत, नाथनगर ब्लॉक में 60.79 प्रतिशत और मेंहदावल ब्लॉक में 53 प्रतिशत नुकसान हुआ है। सर्वे रिपोर्ट की माने जो धान की उत्पादकता में पूरे जिले में 54.77 प्रतिशम की कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि न्याय पंचायतवार 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति में फसल कृषि बीमा योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। जिले के प्रभावित किसानों को कृषि बीमा योजना का लाभ दिए जाने के लिए जल्द ही निदेशक कृषि बीमा एवं सांख्यिकी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उसके आधार पर मुआवजा देने का कार्य किया जाएगा।