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सड़क जाम कर धरने पर बैठे बुनकर
Sant kabir nagar
Updated Sun, 15 Dec 2013 05:42 AM IST
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बखिरा। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज और बुनकर सभा के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सुबह दस बजे मेंहदावल व बखिरा क्षेत्र के बुनकरों ने बिजली की बदहाली और सड़कों की जर्जर स्थिति की समस्या को लेकर लेडुआ-महुआ-अमरडोभा के पास खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग को चक्का जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों के मनुहार के बाद भी देर रात तक बुनकरों ने आंदोलन जारी रखा। जिसकी वजह से घंटों आवागमन बाधित रहा। इस दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बुनकरों को मनाने पहुंचे एडीएम भोलानाथ मिश्र और एएसपी अजय प्रताप सिंह भी असफल रहे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बुनकर नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद इसहाक अंसारी ने कहा कि बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद मेंहदावल और बखिरा में महज कु छ घंटे बिजली मिल पा रही है। जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और बुनकर रोजी-रोटी के मोहताज हैं। उन्होंने कहा कि जिले का यह इलाका पीतल वर्तन व्यवसाय का गढ़ रहा है लेकिन बिजली की मार ने बर्तन व्यवसायियों की भी कमर तोड़ दी है। बुनकर महासभा के अध्यक्ष हाजी इमामुद्दीन ने प्रदेश की सपा सरकार को बुनकर विरोधी बताते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में सपा ने बुनकरों क ो 20 घंटे बिजली देने का वादा किया था लेकिन अब सरकार बुनकरों को रुला रही है। पसमांदा समाज के नेता हासिम पसमांदा ने कहा कि सरकार बुनकरों की उपेक्षा कर रही है आज बुनकरों के हुनर मंद हाथ मिट्टी ढोने और मजदूरी करने पर मजबूर हैं। सपा सरकार ने बुनकरों का वोट लेकर उन्हें ठगा है। बुनकरों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव ने बुनकरों कहा कि बिजली न मिलने से बुुनकरों का पुश्तैनी कारोबार दम तोड़ रहा है। प्रदेश सरकार की नीतियाें से बुनकरों का जीना मुहाल है। सरकार की संवेदनहीनता ने जिले के बुनकरों को भुखमरी की हालत में पहुंचा दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज खान ने बुनकरों की मांग का समर्थन किया और क्षेत्र में 20 घंटे बिजली दिए जाने की मांग की। इस दौरान शमीम अंसारी, असलम, तकसीम रजा, मोहम्मद इसहाक अंसारी, मोहम्मद नाजिम, राजू कसेरा, नुरूल्लाह अंसारी, रामअवध कसेरा, इम्तियाज अहमद, विजय शुक्ला, जिया अंसारी, विजय जायसवाल, अंजनी कसेरा, रामनारायण यादव, अब्दुल समद अंसारी आदि लोग मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें -
- बुनकर बाहुल्य क्षेत्र व बर्तन कारीगरों को 20 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
- विद्युत उपकेंद्र मेंहदावल मनवापुर को तत्काल चालू किया जाए।
- विद्युत उपकेंद्र 33/11 बखिरा व 33/11 मेंहदावल को एचबीटू श्रेणी घोषित किया जाए।
- खलीलाबाद-मेंहदावल मुख्य मार्ग का निर्माण तत्काल आरंभ कराया जाए।
- बुनकर नेताओं के फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
आंदोलन के चलते बाधित रहा यातायात
बुनकरों के आंदोलन केे चलते सड़क जाम से खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग पर यातायात घंटों प्रभावित रहा है। वाहनों के नहीं चलने से आवागमन बाधित रहा है। मेंहदावल की तरफ से आने वाले वाहन अमरडोभा के सड़क किनारे खड़े रहे जब कि खलीलाबाद से मेंहदावल की ओर जाने वाले वाहन बखिरा चौकी के पास जाम खत्म होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के चलते राहगीर पैदल गंतव्य तक जाते देखे गए।
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दुकानें बंद कर व्यापारियाें ने समर्थन दिया
बुनकरों के आंदोलन को देखते हुए अमरडोभा व लेडुआ-महुआ के व्यापारियों ने भी उनका साथ दिया और अपनी दुकानें बंद कर समर्थन दिया। दुकानों के नहीं खुलने से लोग चाय-पान के लिए तरस गए।
देर रात तक जमे रहे प्रशासनिक अधिकारी
बिजली कटौती और सड़क की बदहाली की मांग को लेकर बुनकरों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। एसडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार राहुलदेव भट्ठ, सीओ एमए सिद्दकी, एसओ बखिरा पीके चौबे, एसओ दुधारा विजय शंकर शर्मा मय फोर्स मौजूद रहे।
मनुहार करते रहे प्रशासनिक अधिकारी
बुनकरों के चक्का जाम को खत्म कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी बुनकर नेताओं से मनुहार करते रहे और डीएम डॉक्टर इंद्रवीर सिंह यादव से लगातार संपर्क में रहे। आंदोलन पर अड़े बुनकरों व बर्तन कारीगरों के मांगों के संदर्भ में प्रशासन से वार्ता होती रही। बुनकर बाहुल्य क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली दिए जाने की मांग तत्काल पूरी किए जाने की मांग पर डीएम द्वारा पावर कार्पोरेशन से वार्ता के आश्वासन पर भी बुनकरों ने जाम लगाए रखा।
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आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बुनकर नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद इसहाक अंसारी ने कहा कि बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद मेंहदावल और बखिरा में महज कु छ घंटे बिजली मिल पा रही है। जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और बुनकर रोजी-रोटी के मोहताज हैं। उन्होंने कहा कि जिले का यह इलाका पीतल वर्तन व्यवसाय का गढ़ रहा है लेकिन बिजली की मार ने बर्तन व्यवसायियों की भी कमर तोड़ दी है। बुनकर महासभा के अध्यक्ष हाजी इमामुद्दीन ने प्रदेश की सपा सरकार को बुनकर विरोधी बताते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में सपा ने बुनकरों क ो 20 घंटे बिजली देने का वादा किया था लेकिन अब सरकार बुनकरों को रुला रही है। पसमांदा समाज के नेता हासिम पसमांदा ने कहा कि सरकार बुनकरों की उपेक्षा कर रही है आज बुनकरों के हुनर मंद हाथ मिट्टी ढोने और मजदूरी करने पर मजबूर हैं। सपा सरकार ने बुनकरों का वोट लेकर उन्हें ठगा है। बुनकरों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव ने बुनकरों कहा कि बिजली न मिलने से बुुनकरों का पुश्तैनी कारोबार दम तोड़ रहा है। प्रदेश सरकार की नीतियाें से बुनकरों का जीना मुहाल है। सरकार की संवेदनहीनता ने जिले के बुनकरों को भुखमरी की हालत में पहुंचा दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज खान ने बुनकरों की मांग का समर्थन किया और क्षेत्र में 20 घंटे बिजली दिए जाने की मांग की। इस दौरान शमीम अंसारी, असलम, तकसीम रजा, मोहम्मद इसहाक अंसारी, मोहम्मद नाजिम, राजू कसेरा, नुरूल्लाह अंसारी, रामअवध कसेरा, इम्तियाज अहमद, विजय शुक्ला, जिया अंसारी, विजय जायसवाल, अंजनी कसेरा, रामनारायण यादव, अब्दुल समद अंसारी आदि लोग मौजूद रहे।
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प्रमुख मांगें -
- बुनकर बाहुल्य क्षेत्र व बर्तन कारीगरों को 20 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
- विद्युत उपकेंद्र मेंहदावल मनवापुर को तत्काल चालू किया जाए।
- विद्युत उपकेंद्र 33/11 बखिरा व 33/11 मेंहदावल को एचबीटू श्रेणी घोषित किया जाए।
- खलीलाबाद-मेंहदावल मुख्य मार्ग का निर्माण तत्काल आरंभ कराया जाए।
- बुनकर नेताओं के फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
आंदोलन के चलते बाधित रहा यातायात
बुनकरों के आंदोलन केे चलते सड़क जाम से खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग पर यातायात घंटों प्रभावित रहा है। वाहनों के नहीं चलने से आवागमन बाधित रहा है। मेंहदावल की तरफ से आने वाले वाहन अमरडोभा के सड़क किनारे खड़े रहे जब कि खलीलाबाद से मेंहदावल की ओर जाने वाले वाहन बखिरा चौकी के पास जाम खत्म होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के चलते राहगीर पैदल गंतव्य तक जाते देखे गए।
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दुकानें बंद कर व्यापारियाें ने समर्थन दिया
बुनकरों के आंदोलन को देखते हुए अमरडोभा व लेडुआ-महुआ के व्यापारियों ने भी उनका साथ दिया और अपनी दुकानें बंद कर समर्थन दिया। दुकानों के नहीं खुलने से लोग चाय-पान के लिए तरस गए।
देर रात तक जमे रहे प्रशासनिक अधिकारी
बिजली कटौती और सड़क की बदहाली की मांग को लेकर बुनकरों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। एसडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार राहुलदेव भट्ठ, सीओ एमए सिद्दकी, एसओ बखिरा पीके चौबे, एसओ दुधारा विजय शंकर शर्मा मय फोर्स मौजूद रहे।
मनुहार करते रहे प्रशासनिक अधिकारी
बुनकरों के चक्का जाम को खत्म कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी बुनकर नेताओं से मनुहार करते रहे और डीएम डॉक्टर इंद्रवीर सिंह यादव से लगातार संपर्क में रहे। आंदोलन पर अड़े बुनकरों व बर्तन कारीगरों के मांगों के संदर्भ में प्रशासन से वार्ता होती रही। बुनकर बाहुल्य क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली दिए जाने की मांग तत्काल पूरी किए जाने की मांग पर डीएम द्वारा पावर कार्पोरेशन से वार्ता के आश्वासन पर भी बुनकरों ने जाम लगाए रखा।