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बिना मान्यता के संचालित स्कूल बंद कराया
Sant kabir nagar
Updated Sun, 17 Feb 2013 05:30 AM IST
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संतकबीरनगर। बीएसए के निरीक्षण में बिना मान्यता का एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित होते पाया। इसमें कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती थी। विद्यार्थियों से 50 रुपये फीस ली जाती थी। 230 छात्र-छात्राएं मौके पर मौजूद मिले तथा कई अन्य इस विद्यालय में नामांकित हैं। बीएसए ने विद्यालय संचालक पर एक लाख का जुर्माना लगाते हुए विधिक कार्रवाई का आदेश दिया है।
बीएसए राम सिंह ने बताया कि वह परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण कर रहे थे। खलीलाबाद विकास क्षेत्र के केरमुआ में बेनीराम राममिलन पूर्व माध्यमिक विद्यालय की जांच की तो वह बगैर मान्यता के संचालित होता पाया गया। यह विद्यालय कक्षा एक से आठ तक संचालित हो रहा था, जो शासन के नियमों के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के जिम्मेदारों ने विभाग से मान्यता नहीं ली है। जबकि यह विद्यालय तीन साल से संचालित हो रहा है। विद्यालय में 230 छात्र-छात्राएं मौके पर मौजूद मिले। हर छात्र से फीस के रूप में 50 रुपये प्रतिमाह वसूला जाता था। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। विद्यालय के जिम्मेदारों को तत्काल विद्यालय को बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा बगैर मान्यता के विद्यालय चलाने पर प्रबंधक पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है और विधिक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। बीएसए ने बताया कि जिले में इस तरह के विद्यालयों को नहीं चलने दिया जाएगा। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने ब्लाक क्षेत्रों में सतत निरीक्षण करते रहें और जहां कहीं भी बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हो रहे हों, उन पर कार्रवाई करें।
विद्यार्थियों को पास के स्कूलों में मिलेगा नामांकन
बीएसए राम सिंह ने बताया कि बिना मान्यता के पाए गए खलीलाबाद विकास क्षेत्र के केरमुआ में बेनीराम राममिलन पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को उनकी कक्षा के अनुसार ही पास के परिषदीय स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। इसके लिए खलीलाबाद ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
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जिले में 530 प्राइवेट विद्यालय हैं पंजीकृत
बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद में मौजूदा समय में लगभग 530 प्राइवेट विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग में पंजीकृत हैं। जिसमें प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में 444 जूनियर हाईस्कूल और 1,077 प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
प्राइवेट स्कूल के बोर्ड पर पंजीकरण संख्या लिखना अनिवार्य
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह ने बताया कि अभिभावकों को अपने बच्चों का नामांकन कराने से पहले विद्यालय के बारे में पूरी तरह से जांच कर लेनी चाहिए। विद्यालय के बोर्ड पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिया गया रजिस्ट्रेशन नंबर लिखवाना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाले विद्यालयों पर नामांकन न करवाएं। विद्यालय के बारे में इसके बाद भी कुछ शंका हो तो रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर बीएसए कार्यालय से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अब तक नहीं दर्ज हुआ मुकदमा
8 फरवरी को शिवापार में राम बहाल चौधरी प्राथमिक विद्यालय छप्पर में संचालित होते पाया गया था। उस पर भी एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था लेकिन अभी तक उस विद्यालय ने जुर्माना अदा नहीं किया है। इसके अलावा उस विद्यालय पर मुकदमा भी दर्ज नहीं कराया गया है। अगर इसी तरह से विभाग लापरवाही करता रहा तो शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हो जाएंगे।
छापेमारी हो तो और भी पकड़े जाएंगे फर्जी विद्यालय
जिले में बिना मान्यता के विद्यालयों के पकड़े जाने से शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। अगर सही तरह से टीम गठित कर ब्लॉक क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाए तो पांच दर्जन से अधिक विद्यालय बगैर मान्यता के संचालित होते पाए जाएंगे। बिना मान्यता के विद्यालयों पर नकेल कसने के लिए पहले ही ब्लॉकों में खंड शिक्षा अधिकारियों को टीम गठित कर बिना मान्यता वाले स्कूलों की जांच करने का निर्देश दिया जा चुका है लेकिन किसी भी खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों की जांच नहीं की। सूत्रों का कहना है कि यह सब शिक्षा विभाग के अधिकारियों की शह पर चलता है। इसलिए शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अगर इसी तरह से चलता रहा हो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
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बीएसए राम सिंह ने बताया कि वह परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण कर रहे थे। खलीलाबाद विकास क्षेत्र के केरमुआ में बेनीराम राममिलन पूर्व माध्यमिक विद्यालय की जांच की तो वह बगैर मान्यता के संचालित होता पाया गया। यह विद्यालय कक्षा एक से आठ तक संचालित हो रहा था, जो शासन के नियमों के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के जिम्मेदारों ने विभाग से मान्यता नहीं ली है। जबकि यह विद्यालय तीन साल से संचालित हो रहा है। विद्यालय में 230 छात्र-छात्राएं मौके पर मौजूद मिले। हर छात्र से फीस के रूप में 50 रुपये प्रतिमाह वसूला जाता था। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। विद्यालय के जिम्मेदारों को तत्काल विद्यालय को बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा बगैर मान्यता के विद्यालय चलाने पर प्रबंधक पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है और विधिक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। बीएसए ने बताया कि जिले में इस तरह के विद्यालयों को नहीं चलने दिया जाएगा। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने ब्लाक क्षेत्रों में सतत निरीक्षण करते रहें और जहां कहीं भी बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हो रहे हों, उन पर कार्रवाई करें।
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विद्यार्थियों को पास के स्कूलों में मिलेगा नामांकन
बीएसए राम सिंह ने बताया कि बिना मान्यता के पाए गए खलीलाबाद विकास क्षेत्र के केरमुआ में बेनीराम राममिलन पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को उनकी कक्षा के अनुसार ही पास के परिषदीय स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। इसके लिए खलीलाबाद ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
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जिले में 530 प्राइवेट विद्यालय हैं पंजीकृत
बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद में मौजूदा समय में लगभग 530 प्राइवेट विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग में पंजीकृत हैं। जिसमें प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में 444 जूनियर हाईस्कूल और 1,077 प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
प्राइवेट स्कूल के बोर्ड पर पंजीकरण संख्या लिखना अनिवार्य
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह ने बताया कि अभिभावकों को अपने बच्चों का नामांकन कराने से पहले विद्यालय के बारे में पूरी तरह से जांच कर लेनी चाहिए। विद्यालय के बोर्ड पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिया गया रजिस्ट्रेशन नंबर लिखवाना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाले विद्यालयों पर नामांकन न करवाएं। विद्यालय के बारे में इसके बाद भी कुछ शंका हो तो रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर बीएसए कार्यालय से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अब तक नहीं दर्ज हुआ मुकदमा
8 फरवरी को शिवापार में राम बहाल चौधरी प्राथमिक विद्यालय छप्पर में संचालित होते पाया गया था। उस पर भी एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था लेकिन अभी तक उस विद्यालय ने जुर्माना अदा नहीं किया है। इसके अलावा उस विद्यालय पर मुकदमा भी दर्ज नहीं कराया गया है। अगर इसी तरह से विभाग लापरवाही करता रहा तो शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हो जाएंगे।
छापेमारी हो तो और भी पकड़े जाएंगे फर्जी विद्यालय
जिले में बिना मान्यता के विद्यालयों के पकड़े जाने से शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। अगर सही तरह से टीम गठित कर ब्लॉक क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाए तो पांच दर्जन से अधिक विद्यालय बगैर मान्यता के संचालित होते पाए जाएंगे। बिना मान्यता के विद्यालयों पर नकेल कसने के लिए पहले ही ब्लॉकों में खंड शिक्षा अधिकारियों को टीम गठित कर बिना मान्यता वाले स्कूलों की जांच करने का निर्देश दिया जा चुका है लेकिन किसी भी खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों की जांच नहीं की। सूत्रों का कहना है कि यह सब शिक्षा विभाग के अधिकारियों की शह पर चलता है। इसलिए शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अगर इसी तरह से चलता रहा हो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।